जेपी नड्डा ने केरल स्वास्थ्य मंत्री के साथ की वर्चुअल समीक्षा बैठक, टीबी-मुक्त भारत से लेकर NHM तक हुई चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 7 जुलाई 2026 को केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन के साथ एक वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें राज्य में प्रमुख केंद्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच, गुणवत्ता और बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने पर विशेष ज़ोर दिया गया।
बैठक में किन योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक के एजेंडे में कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम शामिल रहे। इनमें टीबी-मुक्त भारत अभियान, मुफ्त दवा सेवा पहल, मुफ्त डायग्नोस्टिक सेवा पहल, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत मानव संसाधन विकास, मेडिकल शिक्षा, दवा नियमन तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्रमुख रूप से शामिल थे। मंत्रालय के बयान के अनुसार, चर्चा का केंद्र-बिंदु स्वास्थ्य सेवा वितरण को सुदृढ़ करना और आम नागरिकों तक गुणवत्तापूर्ण दवाओं व जाँच सुविधाओं की पहुँच सुनिश्चित करना रहा।
केरल की प्रगति और चुनौतियाँ
बैठक में मुरलीधरन ने केंद्रीय मंत्री को केरल में विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत हुई प्रगति से अवगत कराया और राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवा वितरण को और बेहतर बनाने के लिए उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रमुख चुनौतियों की जानकारी भी दी और उन क्षेत्रों को रेखांकित किया जहाँ केंद्र सरकार के सहयोग की आवश्यकता है। मुरलीधरन ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को हासिल करने के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ मिलकर काम करने की राज्य की प्रतिबद्धता दोहराई।
मेडिकल शिक्षा और दवा निगरानी पर जोर
बैठक में नड्डा ने मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, दवाओं और ब्लड बैंकों की निगरानी व्यवस्था को मज़बूत करने तथा केरल भर में खाद्य सुरक्षा प्रणालियों को सुदृढ़ करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब देश में स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर केंद्र-राज्य समन्वय की ज़रूरत लगातार रेखांकित की जा रही है।
केंद्र का सहयोग और आगे की राह
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य पहलों को लागू करने में केरल द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की और निरंतर सहयोग का भरोसा दिलाया। मंत्रालय के बयान के अनुसार, बैठक का समापन केंद्र और राज्य दोनों की इस साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ कि सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों को मज़बूत किया जाएगा और प्रमुख स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के ज़रिए सभी नागरिकों को सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित की जाएँगी। गौरतलब है कि केंद्र-राज्य स्वास्थ्य समन्वय बैठकें NHM के ढाँचे के तहत नियमित रूप से आयोजित की जाती हैं, लेकिन इस बार की चर्चा का दायरा अपेक्षाकृत व्यापक रहा।