एआईएमआईएम भाजपा की बी-टीम, गैर-भाजपाई वोट बाँटना चाहती है: सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने 19 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) को भाजपा की 'बी-टीम' बताते हुए आरोप लगाया कि यह दल गैर-भाजपाई वोटों को विभाजित कर सपा प्रत्याशियों को चुनावी नुकसान पहुँचाना चाहता है।
योगी सरकार पर जनाक्रोश का दावा
मेहरोत्रा ने कहा, योगी आदित्यनाथ जहाँ से भी चुनाव लड़ेंगे, वहाँ से हार जाएंगे। उनके अनुसार, 'उत्तर प्रदेश में भाजपा के खिलाफ जबरदस्त जनाक्रोश व्याप्त है। नौजवान सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं और भाजपा की सरकार दमन, जुल्म और तानाशाही से जनता की आवाज दबाना चाहती है।' उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जहाँ से खुद विधायक रह चुके हैं, वहाँ से भाजपा के उम्मीदवार उपचुनाव हार गए — जिसे वे सरकार की विफलता का प्रमाण बताते हैं।
मेहरोत्रा के अनुसार, भाजपा सरकार जनता के मूल मुद्दों से लगातार ध्यान भटकाने का काम कर रही है और 'हर मोर्चे पर फेल' हो चुकी है।
एआईएमआईएम पर 'बी-टीम' का आरोप
सपा विधायक ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के 'अब्दुल' तथा 'नेहरू-गांधी-यादव' संबंधी बयानों का संदर्भ देते हुए आरोप लगाया कि एआईएमआईएम भाजपा से मिलकर चुनाव लड़कर सपा प्रत्याशियों को हराना चाहती है। उन्होंने कहा, 'पूरा प्रदेश जान गया है कि एआईएमआईएम भाजपा की बी-टीम के रूप में काम कर रही है।'
ओवैसी के गांधी संबंधी बयान पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी — 'जो गांधी को अपना नेता नहीं मानता है, इसका मतलब है कि वह नाथूराम गोडसे को अपना नेता मानता है।' गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश उपचुनावों की राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है।
पीडीए समाज और सपा की नीति
मेहरोत्रा ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) समाज के हक, अधिकार, न्याय और सम्मान के लिए संघर्षरत है। उन्होंने कहा कि पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों के साथ-साथ मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन समुदायों, महिलाओं और अगड़ी जाति के गरीब व कमजोर लोगों को उनका न्यायसंगत हिस्सा दिलाना सपा का लक्ष्य है।
2027 का चुनावी दाँव और घोषणापत्र
सपा विधायक ने दावा किया कि 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और जनता सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना चाहती है। उन्होंने बताया कि 26 नवंबर को संविधान दिवस पर सपा अपना घोषणापत्र जारी करेगी, जिसमें पीडीए समाज सहित समाज के सभी वंचित वर्गों के अधिकारों का खाका होगा।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में यह बयानबाज़ी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले के ध्रुवीकरण की शुरुआत मानी जा रही है — सपा एक ओर भाजपा को मुख्य प्रतिद्वंद्वी बता रही है, तो दूसरी ओर एआईएमआईएम को 'स्पॉइलर' की भूमिका में चिह्नित कर रही है।