8 अक्टूबर 2026
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94वें वायुसेना दिवस पर एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का आह्वान: 'कमजोर कड़ी न बनें, संगठन हित सर्वोपरि'

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94वें वायुसेना दिवस पर एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का आह्वान: 'कमजोर कड़ी न बनें, संगठन हित सर्वोपरि'

सारांश

भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस पर हिंडन में आयोजित भव्य परेड में एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने अपने संभावित अंतिम सार्वजनिक संबोधन में वायु योद्धाओं को 'स्वयं से पहले सेवा' का संकल्प दिलाया — और इसी माह कमान सौंपने से पहले वायुसेना की एकजुटता व अनुशासन को अपनी सबसे बड़ी विरासत बताया।

मुख्य बातें

भारतीय वायुसेना ने 8 अक्टूबर 2026 को 94वां वायुसेना दिवस हिंडन वायुसेना स्टेशन, गाजियाबाद में मनाया।
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने वायु योद्धाओं को संबोधित करते हुए कहा — कठिन परिस्थिति में भी कमजोर कड़ी न बनें।
एपी सिंह ने इसी माह वायुसेना की कमान उत्तराधिकारी को सौंपने की पुष्टि की; यह उनके कार्यकाल का अंतिम वायुसेना दिवस रहा।
समारोह में थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन भी उपस्थित रहे।
'स्वयं से पहले सेवा' और संगठन हित को व्यक्तिगत हित से ऊपर रखने पर विशेष बल दिया गया।
परेड की चाल, वेशभूषा और अनुशासन की वायुसेना प्रमुख ने विशेष प्रशंसा की।

भारतीय वायुसेना ने 8 अक्टूबर 2026 को अपना 94वां वायुसेना दिवस गाजियाबाद स्थित हिंडन वायुसेना स्टेशन पर भव्य समारोह के साथ मनाया, जहाँ वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने वायु योद्धाओं को संबोधित करते हुए कहा कि कितनी भी कठिन परिस्थिति क्यों न आए, प्रत्येक वायु योद्धा को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह वायुसेना रूपी श्रृंखला की कमजोर कड़ी न बने। इस ऐतिहासिक परेड में थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, पूर्व वायुसेना प्रमुख और मित्र देशों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

विदाई से पहले भावुक संबोधन

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने इस अवसर को अपने लिए विशेष रूप से गर्व का क्षण बताया, यह स्वीकार करते हुए कि इसी माह वे वायुसेना की कमान अपने उत्तराधिकारी को सौंपने वाले हैं। उन्होंने कहा कि वायुसेना प्रमुख के रूप में सेवा करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य रहा है। यह संबोधन उनके कार्यकाल के अंतिम सार्वजनिक संदेशों में से एक माना जा रहा है।

अनुशासन और समर्पण पर जोर

वायुसेना प्रमुख ने 'स्वयं से पहले सेवा' के सिद्धांत को वायुसेना के मूल भाव के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में संगठन का हित व्यक्तिगत हितों से ऊपर होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने लगातार आत्मचिंतन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि केवल आगे बढ़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही दिशा में आगे बढ़ना उतना ही आवश्यक है।

एपी सिंह ने यह भी कहा कि वायुसेना में ऐसा वातावरण बनाना अनिवार्य है जहाँ आपसी सम्मान हो और किसी भी प्रकार का पक्षपात या भेदभाव न हो। उन्होंने प्रत्येक वायु योद्धा को संगठन की एक महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए अपने कर्तव्यों पर गर्व रखने का आह्वान किया।

शहीद वायु योद्धाओं को श्रद्धांजलि

वायुसेना प्रमुख ने देश की सेवा में प्राण न्योछावर करने वाले वायु योद्धाओं को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि उनके बलिदान को कभी नहीं भुलाया जाएगा और उनके मूल्यों को अपनाकर ही उन्हें सच्चा सम्मान दिया जा सकता है। वायुसेना के पूर्व योद्धाओं को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि उनके समर्पण, दूरदर्शिता और मेहनत ने भारतीय वायुसेना की पहचान और क्षमताओं को आकार दिया है।

परिवारों का सम्मान और नागरिकों का आह्वान

एपी सिंह ने वायु योद्धाओं के परिवारों और जीवनसाथियों के योगदान को विशेष रूप से याद किया। उन्होंने कहा कि उनके त्याग, सहयोग और प्रोत्साहन के कारण ही वायुसेना अपने दायित्वों को पूरी क्षमता के साथ निभा पाती है। देशवासियों का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा वायुसेना का धर्म है, जबकि नागरिकों का प्रेम और सहयोग उसकी सबसे बड़ी ताकत है।

परेड की सराहना और भविष्य का संकल्प

वायुसेना प्रमुख ने परेड की चाल, वेशभूषा, अनुशासन और उत्साह की विशेष प्रशंसा की तथा पश्चिमी वायु कमान, वायु मुख्यालय, हिंडन वायुसेना स्टेशन और आयोजन से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को बधाई दी। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने सभी वायु योद्धाओं से महान राष्ट्र की सेवा के लिए खुद को पुनः समर्पित करने का आह्वान किया और कहा कि भारतीय वायुसेना को 'नभः स्पृशं दीप्तम्' के आदर्शों के साथ नई ऊंचाइयों तक ले जाना है। आने वाले समय में नई कमान के साथ वायुसेना किस दिशा में अपनी क्षमताएँ विकसित करती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि नई कमान के सामने वायुसेना के आधुनिकीकरण, मानव संसाधन और तकनीकी संक्रमण की असली परीक्षा सामने खड़ी है। 'सही दिशा में आगे बढ़ने' पर जोर देना यह भी संकेत देता है कि गति से ज्यादा रणनीतिक स्पष्टता की जरूरत है — यह बात आने वाले नेतृत्व के लिए एक स्पष्ट संदेश है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय वायुसेना का 94वां वायुसेना दिवस कहाँ और कब मनाया गया?
94वां वायुसेना दिवस 8 अक्टूबर 2026 को गाजियाबाद स्थित हिंडन वायुसेना स्टेशन पर भव्य परेड के साथ मनाया गया। इस समारोह में तीनों सेनाओं के प्रमुख और पूर्व वायुसेना प्रमुख उपस्थित रहे।
वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने वायुसेना दिवस पर क्या संदेश दिया?
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने वायु योद्धाओं से आह्वान किया कि कितनी भी कठिन परिस्थिति क्यों न आए, वे वायुसेना रूपी श्रृंखला की कमजोर कड़ी न बनें। उन्होंने 'स्वयं से पहले सेवा' और संगठन के हित को व्यक्तिगत हित से ऊपर रखने पर विशेष जोर दिया।
क्या एयर चीफ मार्शल एपी सिंह वायुसेना प्रमुख पद छोड़ने वाले हैं?
हाँ, एपी सिंह ने स्वयं अपने संबोधन में कहा कि इसी माह वे वायुसेना की कमान अपने उत्तराधिकारी को सौंपने वाले हैं। इस कारण 94वां वायुसेना दिवस उनके कार्यकाल का अंतिम वायुसेना दिवस समारोह रहा।
94वें वायुसेना दिवस समारोह में कौन-कौन से गणमान्य अतिथि शामिल हुए?
समारोह में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के अलावा थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, पूर्व वायुसेना प्रमुख तथा मित्र देशों के प्रतिनिधि एवं विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।
वायुसेना प्रमुख ने 'नभः स्पृशं दीप्तम्' का उल्लेख क्यों किया?
'नभः स्पृशं दीप्तम्' भारतीय वायुसेना का आधिकारिक आदर्श वाक्य है, जो भगवद्गीता से लिया गया है और इसका अर्थ है 'दीप्तिमान होकर आकाश को स्पर्श करो।' एपी सिंह ने इसे वायुसेना के मूल आदर्श के रूप में रेखांकित करते हुए सभी वायु योद्धाओं से इसे सदैव जीवंत रखने का आह्वान किया।
राष्ट्र प्रेस
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