8 अक्टूबर 2026
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भारतीय वायु सेना के 94वें स्थापना दिवस पर PM मोदी, अमित शाह समेत तमाम नेताओं ने किया नमन

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भारतीय वायु सेना के 94वें स्थापना दिवस पर PM मोदी, अमित शाह समेत तमाम नेताओं ने किया नमन

सारांश

भारतीय वायु सेना ने 8 अक्टूबर 2026 को अपना 94वाँ स्थापना दिवस मनाया। PM मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, CM योगी आदित्यनाथ, CM भजनलाल शर्मा और रक्षा मंत्रालय समेत देश के शीर्ष नेतृत्व ने वायु योद्धाओं के साहस और समर्पण को सलाम किया।

मुख्य बातें

भारतीय वायु सेना ने 8 अक्टूबर 2026 को अपना 94वाँ स्थापना दिवस मनाया; स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर वायु योद्धाओं के साहस और समर्पण को सलाम किया।
गृह मंत्री अमित शाह ने वायु सेना की 'अजेय वीरता और सटीक निशाने की क्षमता' को रेखांकित किया।
CM योगी आदित्यनाथ, CM भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य समेत कई राज्य नेताओं ने शुभकामनाएँ दीं।
रक्षा मंत्रालय ने वायु सेना को 'अचूक, अभेद्य और सटीक' की भावना का प्रतीक बताया।
वायु सेना का आदर्श वाक्य 'नभः स्पृशं दीप्तम्' भगवद्गीता के 11वें अध्याय के 24वें श्लोक से लिया गया है।

भारतीय वायु सेना ने 8 अक्टूबर 2026 को अपना 94वाँ स्थापना दिवस मनाया, जिस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय मंत्रियों और राज्यों के मुख्यमंत्रियों तक, देश के शीर्ष नेतृत्व ने वायु योद्धाओं को श्रद्धांजलि दी। 8 अक्टूबर 1932 को स्थापित भारतीय वायु सेना नौ दशकों से अधिक समय से राष्ट्र की आकाशीय सुरक्षा का प्रहरी बनी हुई है।

प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों की बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'भारत को अपने एयर वॉरियर्स पर गर्व है। एयर फोर्स डे पर, हम हमारे आसमान की रक्षा करने के उनके साहस और समर्पण को सलाम करते हैं।' केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा कि वायु सेना के योद्धाओं की 'अजेय वीरता, सटीक निशाने और जबरदस्त हमले की क्षमता की गवाही धरती और दूर अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट देते हैं।'

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर 'मां भारती की रक्षा हेतु सदैव तत्पर वायु सेना के वीर जवानों' को नमन किया। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने वायु सेना के नभ योद्धाओं के 'शौर्य, समर्पण एवं पराक्रम' को राष्ट्र के लिए गर्व का विषय बताया।

राज्यों के नेताओं की प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर संस्कृत में वायु सेना के आदर्श वाक्य 'नभः स्पृशं दीप्तम्' का उल्लेख करते हुए भारतीय वायु सेना को 'शौर्य, सामर्थ्य और संकल्प का पर्याय' बताया। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आकाशीय सुरक्षा से लेकर प्राकृतिक आपदाओं में नागरिकों की सहायता तक, वायु सेना ने साहस और कर्तव्यनिष्ठा की अद्वितीय मिसाल पेश की है।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर पोस्ट कर वायुवीरों के 'अदम्य साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा' को प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय बताया। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने वायु सेना की युद्धक्षेत्र से लेकर प्राकृतिक आपदाओं तक की भूमिका को रेखांकित किया।

रक्षा मंत्रालय का संदेश

रक्षा मंत्रालय ने अपनी आधिकारिक पोस्ट में 94वीं वर्षगांठ पर उन वायु योद्धाओं को नमन किया जो 'अचूक, अभेद्य और सटीक' की भावना के साथ राष्ट्र सेवा में तत्पर हैं। मंत्रालय ने कहा कि वायु सेना ने 'नभः स्पृशं दीप्तम्' के ध्येय वाक्य को आत्मसात करते हुए आकाश की सीमाओं से आगे बढ़कर राष्ट्र की संप्रभुता और सुरक्षा में अपनी क्षमता प्रमाणित की है।

वायु सेना का गौरवशाली इतिहास और आदर्श वाक्य

भारतीय वायु सेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी। इसका आदर्श वाक्य 'नभः स्पृशं दीप्तम्' श्रीमद्भगवद्गीता के 11वें अध्याय (विश्वरूप दर्शन योग) के 24वें श्लोक से लिया गया है, जिसका भावार्थ है — 'गौरव के साथ आकाश को स्पर्श करना।' यह वाक्य न केवल सैन्य शक्ति, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को भी प्रतिबिम्बित करता है। गौरतलब है कि नौ दशकों में वायु सेना ने कारगिल युद्ध से लेकर बाढ़-राहत अभियानों तक में अपनी बहुमुखी भूमिका सिद्ध की है। आने वाले वर्षों में स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान और अत्याधुनिक प्रणालियों के साथ वायु सेना की क्षमता और विस्तृत होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस वर्ष का संदर्भ महत्वपूर्ण है — जब भारत अपनी वायु क्षमता को स्वदेशी तेजस और अत्याधुनिक मिसाइल प्रणालियों से मजबूत कर रहा है। नेताओं के बयान औपचारिक शुभकामनाओं से आगे बढ़कर वायु सेना की बहुआयामी भूमिका — रण से लेकर आपदा राहत तक — को रेखांकित करते हैं। मुख्यधारा की कवरेज प्रायः इन बधाई-संदेशों को रस्मी मानकर छोड़ देती है, जबकि रक्षा मंत्रालय का 'अचूक, अभेद्य और सटीक' वाला संदेश भारत की बदलती रक्षा-रणनीति की दिशा का संकेत देता है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय वायु सेना दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
भारतीय वायु सेना दिवस प्रतिवर्ष 8 अक्टूबर को मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन 1932 में भारतीय वायु सेना की स्थापना हुई थी। 2026 में वायु सेना अपना 94वाँ स्थापना दिवस मना रही है।
PM मोदी ने वायु सेना दिवस 2026 पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा कि 'भारत को अपने एयर वॉरियर्स पर गर्व है' और वायु योद्धाओं के साहस व समर्पण को सलाम किया। उन्होंने वायु सेना की आकाशीय रक्षा भूमिका को देश के लिए अमूल्य बताया।
भारतीय वायु सेना का आदर्श वाक्य 'नभः स्पृशं दीप्तम्' का क्या अर्थ है?
'नभः स्पृशं दीप्तम्' का भावार्थ है — 'गौरव के साथ आकाश को स्पर्श करना।' यह वाक्य श्रीमद्भगवद्गीता के 11वें अध्याय के 24वें श्लोक से लिया गया है और भारतीय वायु सेना की उच्चाकांक्षा और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को व्यक्त करता है।
वायु सेना दिवस 2026 पर किन-किन नेताओं ने बधाई दी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मनोहर लाल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' सहित रक्षा मंत्रालय ने वायु सेना को बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
भारतीय वायु सेना की स्थापना कब हुई और इसका इतिहास क्या है?
भारतीय वायु सेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी। नौ दशकों से अधिक के अपने इतिहास में वायु सेना ने कारगिल युद्ध जैसे सैन्य अभियानों से लेकर बाढ़ और आपदा राहत कार्यों तक में अपनी बहुमुखी भूमिका साबित की है।
राष्ट्र प्रेस
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