26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अखिलेश यादव के 'नकली संत' आरोप पर अयोध्या के संतों का कड़ा जवाब, अखिलेश को नकली हिंदू कहा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अखिलेश यादव के 'नकली संत' आरोप पर अयोध्या के संतों का कड़ा जवाब, अखिलेश को नकली हिंदू कहा

सारांश

अखिलेश यादव द्वारा योगी आदित्यनाथ को 'नकली संत' कहे जाने पर अयोध्या के संतों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। संतों ने इसे अपमानजनक और मानसिक संतुलन खोने वाला बयान बताया।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने योगी को 'नकली संत' कहा।
अयोध्या के संतों ने प्रतिक्रिया दी।
संतों ने इसे अपमानजनक बताया।
राजनीतिक तनाव बढ़ने की संभावना है।
बंगाल की जनता से सावधान रहने की सलाह।

अयोध्या, १४ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 'नकली संत' कहे जाने पर मंगलवार को अयोध्या के संतों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

अखिलेश यादव ने सोमवार को सुल्तानपुर में दिए अपने बयान में योगी आदित्यनाथ का संदर्भ देते हुए कहा था कि 'कोई यह सही कहता है कि वे नकली संत हैं' और उन्होंने बंगाल की जनता को सतर्क रहने की सलाह दी थी। इस टिप्पणी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है।

अयोध्या के प्रमुख संतों ने अखिलेश यादव के इस बयान को 'अपमानजनक' और 'मानसिक संतुलन खोने' वाला करार दिया। करपात्री महाराज ने कहा, "अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया है, लेकिन संतों के प्रति आस्था पर सवाल उठाने वाले अखिलेश यादव कौन होते हैं? संत की परिभाषा क्या है? उन्हें राजनीति करने के बजाय अपने कार्यों पर ध्यान देना चाहिए। योगी पर सवाल उठाकर उन्होंने असल में भारत के सभी संतों पर सवाल उठा दिया है।"

महाराज महामंडलेश्वर विष्णु दास ने कहा, "जो दूसरों को कालनेमि कहता है, वह खुद कालनेमि है। अखिलेश यादव खुद नकली हिंदू हैं। वे सतत संस्कृति, संतों और देवी सीता के बारे में भी विवादित टिप्पणियाँ करते रहते हैं। अखिलेश यादव ने योगी को नकली संत कहा, जैसे रावण ने देवी सीता का अपहरण करने के लिए संत का वेश धारण किया था। मैं बंगाल के लोगों से अपील करता हूँ कि ऐसे नकली संतों को भगा दें।"

साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास ने अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "अखिलेश मोहम्मद खान अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं और किसी मानसिक बीमारी से ग्रस्त हैं। उन्हें संस्कृति या मूल्यों की कोई समझ नहीं है। क्या आपके संस्कार ऐसे ही हैं? क्या यही आपकी संस्कृति है? क्या आपके माता-पिता या गुरुओं ने आपको यही सिखाया है? क्या आप संतों को कालनेमि कहेंगे?"

अयोध्या के संतों का कहना है कि अखिलेश यादव का बयान न केवल योगी आदित्यनाथ का अपमान है, बल्कि पूरे संत समुदाय और सनातन परंपरा का अपमान भी है। उन्होंने इसे 'राजनीतिक हताशा' का परिणाम बताया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि राजनीति में धार्मिक भावनाओं का कितना बड़ा प्रभाव होता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ को नकली संत क्यों कहा?
अखिलेश यादव ने यह टिप्पणी योगी आदित्यनाथ की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए की थी।
अयोध्या के संतों ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
संतों ने अखिलेश के बयान को अपमानजनक और मानसिक संतुलन खोने वाला बताया है।
क्या संतों ने अखिलेश यादव पर कोई व्यक्तिगत आरोप लगाए?
हाँ, कुछ संतों ने अखिलेश को मानसिक संतुलन खोने और नकली हिंदू कहा।
इस बयान का राजनीतिक प्रभाव क्या हो सकता है?
यह बयान राजनीतिक हताशा का परिणाम है और इससे सियासत में और अधिक तनाव बढ़ सकता है।
बंगाल की जनता को अखिलेश ने क्या सलाह दी?
उन्होंने बंगाल की जनता को नकली संत से सावधान रहने की अपील की थी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले