अखिलेश यादव का BJP पर हमला: UP में निवेश झूठा, MSME तबाह, 2027 चुनाव संविधान बचाने का
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 25 सितंबर 2026 को लखनऊ स्थित प्रदेश मुख्यालय में विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर उत्तर प्रदेश में निवेश के नाम पर झूठा प्रचार करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि जमीनी हकीकत सरकारी दावों से बिल्कुल अलग है और BJP के शासनकाल में प्रदेश की एमएसएमई (MSME) इकाइयाँ बर्बाद हुई हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव को उन्होंने लोकतंत्र, संविधान और आरक्षण बचाने की लड़ाई बताया।
निवेश के दावों पर सवाल
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार निवेश आने का दावा करती रही, लेकिन इसका वास्तविक लाभ प्रदेश की जनता को दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने हिन्दुजा समूह का उदाहरण देते हुए कहा कि ट्रक और बस निर्माण के लिए सरकार ने जमीन दी और बैंकों का पैसा लगाया, जबकि निवेशकों ने अपनी ओर से कोई खर्च नहीं किया। उनके अनुसार, अंत में बसें भी सरकार ही खरीदेगी, यानी पूरा जोखिम सरकारी खजाने पर है।
मोबाइल निर्माण के दावों पर भी सपा प्रमुख ने तीखा सवाल उठाया। उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश में वास्तविक मोबाइल निर्माण नहीं हो रहा, बल्कि केवल असेंबलिंग हो रही है और मोबाइल के पुर्जे चीन, ताइवान और कोरिया से आयात किए जा रहे हैं।
सपा शासनकाल की उपलब्धियों का दावा
अखिलेश ने दावा किया कि नोएडा में मोबाइल निर्माण कंपनी समाजवादी पार्टी की सरकार में स्थापित हुई थी। उन्होंने यह भी कहा कि लखनऊ में आईटी सिटी और दूसरे क्षेत्रों में वास्तविक निवेश उनके कार्यकाल में हुआ, जिसका लाभ आज भी दिखाई देता है। उनके अनुसार, उस दौर में बने अस्पताल और अन्य परियोजनाएँ अब भी कारगर हैं।
संविधान, आरक्षण और PDA पर जोर
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि BJP सरकार संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जा कर रही है और संविधान विरोधी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि BJP बाबा साहेब के संविधान को नहीं मानती और प्रदेश में अराजकता का माहौल है। महिलाओं और बेटियों के खिलाफ अपराध का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिल रहा है।
पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों यानी पीडीए (PDA) के संदर्भ में अखिलेश ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में इन वर्गों के लोगों को अपमानित किया गया, उनका हक छीना गया और उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए गए। उन्होंने ऐलान किया कि पीडीए अब एक आंदोलन का रूप ले चुका है और यह वर्ग संगठित होकर संविधान व आरक्षण की रक्षा के लिए खड़ा है।
भ्रष्टाचार और बुनियादी ढाँचे पर आरोप
अखिलेश ने गंगा एक्सप्रेस-वे और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद कई जगहों पर सड़क धंसने की शिकायतें सामने आई हैं। पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को लेकर भी उन्होंने सरकार पर मुनाफाखोरी का आरोप लगाया।
PDA रथ अभियान और 2027 की तैयारी
गौरतलब है कि यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब सपा ने 2027 विधानसभा चुनाव के मद्देनजर 'पीडीए रथ' अभियान शुरू किया है। अखिलेश यादव 24 सितंबर 2026 को रायबरेली पहुँचे थे, जहाँ उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए पीडीए को सामाजिक और राजनीतिक लामबंदी का आधार बताया था। पार्टी की यह रणनीति संकेत देती है कि 2027 के चुनाव में सपा सामाजिक गठबंधन और आर्थिक विफलता के दोहरे मोर्चे पर BJP को घेरने की तैयारी में है।