यूपी एमएलसी चुनाव: अखिलेश का BJP पर तंज — 'धूमधाम मचाने वाले धड़ाम से गिरे', वाराणसी में डबल हार
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 30 अक्टूबर 2026 को लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। अखिलेश ने कहा कि चुनाव में 'धूमधाम मचाने वाले लोग धड़ाम से गिर गए' — सपा ने पाँच सीटें जीतीं जबकि BJP को उनके अनुसार 50 जिलों में पराजय का सामना करना पड़ा।
चुनावी नतीजों की तस्वीर
सपा ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद की पाँच सीटें जीतीं। अखिलेश यादव ने दावा किया कि BJP ने छह सीटें जीती हैं, लेकिन उनके अनुसार ये जीत 'छल और साजिश' के सहारे हासिल की गई — जो उनका कथित आरोप है। उन्होंने नवनिर्वाचित विधान परिषद सदस्यों कांती सिंह, मान सिंह, आशुतोष सिन्हा, आकाश अग्रवाल और लाल बिहारी यादव का पार्टी कार्यालय में स्वागत किया।
वाराणसी हार पर योगी सरकार पर निशाना
वाराणसी में BJP की पराजय का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'काशी में डबल इंजन की डबल हार हुई है।' तंज कसते हुए उन्होंने कहा — 'काशी भले ही डूब जाए, लेकिन गोरखधंधा बंद नहीं होना चाहिए।' उन्होंने यह भी दावा किया कि महिला शिक्षकों ने BJP के खिलाफ मतदान किया।
चुनावी अनियमितताओं के आरोप
अखिलेश यादव ने चुनाव में कथित बेईमानी और अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए कहा कि अगर मतदान निष्पक्ष और ईमानदारी से हुआ होता तो BJP की जीत का स्वरूप अलग होता। उन्होंने अमरोहा में 94 प्रतिशत मतदान के आँकड़े पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस पर कई अधिकारियों पर 'गाज गिरने वाली है।'
UCC और 2027 चुनाव पर पलटवार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 2027 में BJP के तीसरी बार सत्ता में आने पर उत्तर प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की घोषणा के जवाब में अखिलेश ने कहा कि BJP 2027 तक UCC लागू करने की स्थिति में ही नहीं बचेगी। उन्होंने दावा किया कि 2027 का चुनाव 'भाईचारे का चुनाव' होगा और जनता सांप्रदायिक राजनीति के विरुद्ध है।
शिक्षा, रोज़गार और आरक्षण पर हमला
सपा प्रमुख ने BJP के 10 वर्षों के शासन का हिसाब माँगते हुए आरोप लगाया कि इस दौरान प्रदेश के 27 हज़ार स्कूल बंद किए गए, जबकि शराब के 27 हज़ार ठेके खुलवाए गए। उन्होंने यह भी कहा कि 30 से अधिक भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए और आरक्षण के अधिकारों का हनन किया गया। ये सभी कथित आरोप अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए हैं, जिन पर BJP की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी आनी शेष है। अब नज़रें इस बात पर हैं कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले इन नतीजों का राजनीतिक असर किस दिशा में जाता है।