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भीलवाड़ा पुलिस मुठभेड़: बैरिकेड तोड़कर भागे नशा तस्कर पर जवाबी फायरिंग, गणेशराम उर्फ गणपत ढेर

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भीलवाड़ा पुलिस मुठभेड़: बैरिकेड तोड़कर भागे नशा तस्कर पर जवाबी फायरिंग, गणेशराम उर्फ गणपत ढेर

सारांश

भीलवाड़ा-जयपुर हाईवे पर देर रात पुलिस बैरिकेड तोड़कर भागे नशा तस्करों ने जब पुलिस पर गोलियाँ चलाईं, तो जवाबी फायरिंग में जोधपुर के गणेशराम उर्फ गणपत की मौत हो गई। एक आरोपी पकड़ा गया, एक फरार है और तलाश जारी है।

मुख्य बातें

भीलवाड़ा-जयपुर हाईवे पर बुधवार देर रात पुलिस चेकपॉइंट को सफेद लग्जरी कार ने तोड़ा, कार सवारों ने पुलिस पर फायरिंग की।
जवाबी कार्रवाई में कथित तस्कर गणेशराम उर्फ गणपत , निवासी भोपालगढ़, जोधपुर , की मौके पर मौत हो गई।
मृतक के खिलाफ नशीले पदार्थों की तस्करी के कई पूर्व मामले दर्ज थे।
ऑपरेशन में एक आरोपी गिरफ्तार ; दूसरा अंधेरे का फायदा उठाकर फरार , तलाश जारी।
पुलिस अधीक्षक सागर राणा मौके पर पहुँचे; कार जब्त, शव महात्मा गांधी अस्पताल भेजा गया।
फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए।

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में बुधवार देर रात पुलिस और नशीले पदार्थों के कथित तस्करों के बीच हुई मुठभेड़ में एक आरोपी की मौत हो गई। भीलवाड़ा-जयपुर हाईवे पर स्थापित पुलिस चेकपॉइंट को एक सफेद लग्जरी कार ने तेज रफ्तार से तोड़ा, जिसके बाद कार सवारों ने पुलिस पर गोलीबारी की और जवाबी फायरिंग में एक तस्कर मारा गया। पुलिस के अनुसार, यह ऑपरेशन एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स द्वारा नशा तस्करी की पूर्व सूचना के आधार पर चलाया गया था।

मुख्य घटनाक्रम

पुर थाना प्रभारी कन्हैयालाल के मुताबिक, एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने पुर पुलिस स्टेशन इलाके में चेकपॉइंट बनाया था। देर रात एक सफेद लग्जरी कार ने बैरिकेड तोड़कर भागने की कोशिश की। पुलिस टीमों ने तत्काल पीछा शुरू किया, जिस पर कार सवारों ने पुलिस पर सीधी गोलीबारी कर दी।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी को छाती और पसलियों में गोली लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान जोधपुर जिले के भोपालगढ़ निवासी गणेशराम उर्फ गणपत के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े कई पूर्व मामले दर्ज थे।

गिरफ्तारी और फरार संदिग्ध

ऑपरेशन के दौरान एक आरोपी को हिरासत में ले लिया गया, जबकि दूसरा संदिग्ध अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने रातभर व्यापक तलाशी अभियान चलाया और पूरे जिले में चेकपॉइंट स्थापित किए गए। गुरुवार सुबह तक फरार संदिग्ध की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी और तलाश जारी है।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी

घटना की सूचना मिलते ही भीलवाड़ा के पुलिस अधीक्षक सागर राणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मुठभेड़ स्थल पर पहुँचे। आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की गई कार को जब्त कर लिया गया है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी भेजा गया।

फोरेंसिक जाँच और आगे की कार्रवाई

फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की एक टीम ने घटनास्थल का दौरा कर साक्ष्य एकत्र किए। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है। यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में नशा तस्करी के विरुद्ध एंटी-नारकोटिक्स इकाइयाँ लगातार अभियान चला रही हैं। पुलिस के अनुसार, मामले की जाँच जारी है और फरार संदिग्ध को पकड़ने के प्रयास युद्धस्तर पर हो रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हर ऐसी घटना के बाद पारदर्शी जाँच की माँग भी उठती है। गौरतलब है कि मुठभेड़ की परिस्थितियों की स्वतंत्र फोरेंसिक जाँच पहले ही शुरू हो चुकी है, जो संस्थागत जवाबदेही की दृष्टि से सकारात्मक कदम है। फरार संदिग्ध की गिरफ्तारी न होना और तस्करी नेटवर्क की व्यापकता — ये दोनों सवाल अभी अनुत्तरित हैं।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भीलवाड़ा पुलिस मुठभेड़ में क्या हुआ?
बुधवार देर रात भीलवाड़ा-जयपुर हाईवे पर एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के चेकपॉइंट को एक सफेद लग्जरी कार ने तोड़ा और कार सवारों ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में कथित तस्कर गणेशराम उर्फ गणपत की मौत हो गई, एक आरोपी गिरफ्तार हुआ और एक फरार है।
मुठभेड़ में मारा गया व्यक्ति कौन था?
मृतक की पहचान जोधपुर जिले के भोपालगढ़ निवासी गणेशराम उर्फ गणपत के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े कई मामले पहले से दर्ज थे।
एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने चेकपॉइंट क्यों बनाया था?
पुलिस को नशीले पदार्थों की तस्करी की पूर्व सूचना मिली थी, जिसके आधार पर एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने पुर पुलिस स्टेशन इलाके में चेकपॉइंट स्थापित किया था।
फरार संदिग्ध की तलाश कहाँ तक पहुँची?
पुलिस ने रातभर व्यापक तलाशी अभियान चलाया और पूरे भीलवाड़ा जिले में चेकपॉइंट बनाए गए। गुरुवार सुबह तक फरार संदिग्ध की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी और तलाश जारी है।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने क्या कदम उठाए?
पुलिस अधीक्षक सागर राणा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे, आरोपियों की कार जब्त की गई, शव को महात्मा गांधी अस्पताल भेजा गया और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए।
राष्ट्र प्रेस
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