जालंधर: पुलिस रेड में गोली लगने से आरोपी लवप्रीत की मौत, परिजनों ने लगाया पीछे से फायरिंग का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
जालंधर जिले के थाना मेहतपुर क्षेत्र के गांव बंगीवाल में 6 जून को एक पुलिस रेड के दौरान हुए विवाद में आरोपी लवप्रीत उर्फ लवी को गोली लग गई, जिसके बाद नकोदर के सिविल अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि सिविल कपड़ों में आए पुलिसकर्मी ने लवप्रीत पर पीछे से गोली चलाई, जबकि पुलिस का दावा है कि भीड़ से हाथापाई के बाद आत्मरक्षा में फायरिंग की गई।
घटनाक्रम: कैसे बढ़ा विवाद
पुलिस को सूचना मिली थी कि कत्ल के प्रयास के एक मामले में वांछित लवप्रीत उर्फ लवी अपने घर गांव बंगीवाल में मौजूद है। इस सूचना के आधार पर थाना मेहतपुर के एसएचओ अमन सैनी अपनी पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे।
मौके पर आरोपी, उसके परिजनों और आसपास मौजूद लोगों का पुलिस टीम के साथ विवाद शुरू हो गया, जो देखते ही देखते बड़े टकराव में बदल गया। पुलिस के अनुसार, भीड़ ने हाथापाई की और इसी दौरान गोली चलने की आवाज सुनाई दी।
पुलिस का पक्ष
पुलिस का दावा है कि भीड़ द्वारा हाथापाई के बाद आत्मरक्षा में दो राउंड फायर किए गए। इस दौरान एक गोली लवप्रीत की टांग में लगी। घायल अवस्था में उसे तत्काल नकोदर के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप
मृतक के चाचा छिंदा सिंह ने बताया कि जब पुलिस घर पहुंची, उस समय लवप्रीत बाथरूम में था। उनका आरोप है कि जब वह बाहर निकला तो सिविल कपड़ों में आए एसएचओ के गनमैन ने उस पर पीछे से गोली चला दी। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाया, जिसमें पुलिस और परिवार के सदस्यों के बीच बहस स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हो रहा है।
एसएसपी की प्रतिक्रिया
जालंधर के एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने कहा कि पुलिस टीम मामले के हर पहलू की जांच कर रही है और जांच के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
आगे क्या होगा
मामले की जांच जारी है और परिजनों के आरोपों की पड़ताल की जा रही है। वीडियो साक्ष्य के सामने आने के बाद यह मामला पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।