जबलपुर में महिला कारोबारी की गोली मारकर हत्या, आरोपी दीपेश राठौर ने भी की आत्महत्या; पुलिस पर भड़के परिजन
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के जबलपुर में 15 जून 2026 को एक महिला कारोबारी की उसके पूर्व कारोबारी साझेदार ने गोली मारकर हत्या कर दी, जिसके बाद आरोपी दीपेश राठौर ने खुद को भी गोली मार ली। इस दोहरी त्रासदी ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है और पीड़िता के परिजनों ने विजयनगर थाने की पुलिस पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है।
मुख्य घटनाक्रम
पीड़िता जबलपुर में ब्यूटी पार्लर चलाती थीं। परिजनों के अनुसार, उन्होंने पार्लर के लिए किराए पर घर लिया था और ऑनलाइन माध्यम से दीपेश राठौर से उनकी दोस्ती हुई, जो बाद में उनका कारोबारी साझेदार बन गया। मृतका के जीजा शरद जाटव ने बताया कि राठौर मदद का झांसा देता रहा, लेकिन बाद में पता चला कि वह आपराधिक पृष्ठभूमि का व्यक्ति है और बलात्कार के एक मामले में जेल से रिहा हो चुका था।
शरद जाटव के अनुसार, जब पीड़िता ने राठौर से दूरी बनानी शुरू की, तो उसने धमकियाँ देना और मारपीट करना शुरू कर दिया। चार दिन पहले ही पीड़िता सब कुछ छोड़कर दूसरी जगह शिफ्ट हो गई थीं, लेकिन राठौर वहाँ भी पहुँच गया और रात में मारपीट की।
पुलिस की निष्क्रियता पर आरोप
शरद जाटव ने बताया कि घटना वाली सुबह पीड़िता किसी तरह उनके घर पहुँची, जिसके बाद वे विजयनगर थाने गए और लिखित शिकायत दर्ज कराई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने ठीक से मदद नहीं की और उन्हें कोर्ट जाने की सलाह दे दी। जाटव ने कहा, 'अगर उस दिन आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया होता तो यह घटना नहीं होती।' परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि राठौर के कई स्थानीय नेताओं से संबंध थे और उसके पास अवैध हथियार भी था, जिससे उसने पहले पीड़िता को और फिर खुद को गोली मारी।
राजनीतिक कनेक्शन पर सवाल
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता प्रभात साहू भी घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने स्वीकार किया कि आरोपी दीपेश राठौर उनका रिश्तेदार था, लेकिन किसी प्रकार का संरक्षण देने या अपराध में सहयोग करने के आरोपों से उन्होंने साफ इनकार किया। साहू ने कहा कि इस घटना से उनका कोई संबंध नहीं है और वे मृतका के बारे में कुछ नहीं जानते।
एसपी का बयान और जाँच की स्थिति
जब पुलिस अधीक्षक (SP) आयुष जाखड़ घटनास्थल पर पहुँचे, तो पीड़ित परिवार के सदस्यों ने उनकी गाड़ी घेर ली और विजयनगर थाने के पुलिसकर्मियों के रवैये पर जवाब माँगा। एसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद कहा कि जाँच अभी प्रारंभिक चरण में है और तथ्य सामने आने पर जानकारी दी जाएगी। फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं, हथियार बरामद कर लिया गया है और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
आगे क्या
यह मामला पुलिस की शिकायत-प्रक्रिया और महिला सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जाँच एजेंसियाँ आरोपी के राजनीतिक संपर्कों और हथियार की उत्पत्ति की भी पड़ताल कर रही हैं। परिजनों की माँग है कि विजयनगर थाने के जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।