अमरनाथ यात्री बस हादसा: गांदरबल में 39 तीर्थयात्री घायल, सीएम उमर अब्दुल्ला और एलजी सिन्हा ने दिए इलाज के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले के हरिगनीवान इलाके में 28 जुलाई को एक बस दुर्घटना में अमरनाथ यात्रा से लौट रहे 39 तीर्थयात्री घायल हो गए। घायल यात्रियों को तत्काल शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SKIMS) में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है।
दुर्घटना का घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर में दर्शन करके श्रीनगर लौट रही बस उस समय दुर्घटनाग्रस्त हो गई जब चालक का स्टीयरिंग पर से नियंत्रण छूट गया और वाहन फिसलकर खाई में जा गिरा। यह हादसा गुंड, कंगन क्षेत्र के निकट हरिगनीवान में हुआ।
बचाव अभियान
एसएचओ रईस अहमद की निगरानी में गुंड पुलिस ने तत्काल संयुक्त राहत और बचाव अभियान शुरू किया। इस अभियान में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 118वीं बटालियन, 2 असम राइफल्स, 21 राष्ट्रीय राइफल्स, यात्रा पुलिस और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायल तीर्थयात्री राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली के निवासी हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस सड़क दुर्घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री सकीना इटू को व्यक्तिगत रूप से SKIMS पहुँचकर उपचार की निगरानी करने को कहा।
उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने गांदरबल के डिप्टी कमिश्नर और स्वास्थ्य अधिकारियों से सीधे संपर्क कर घायलों की स्थिति की जानकारी ली। सिन्हा ने स्वास्थ्य अधिकारियों को हर आवश्यक सहायता और बेहतरीन उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और तीर्थयात्रियों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
घायलों की स्थिति और जाँच
अधिकारियों के अनुसार, सभी 39 घायल तीर्थयात्रियों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए दुर्घटना के सटीक कारणों की जाँच शुरू कर दी है।
आगे क्या
यह ऐसे समय में हुआ है जब अमरनाथ यात्रा 2026 अपने चरम पर है और प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु इस मार्ग से गुजर रहे हैं। गौरतलब है कि पहाड़ी मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही और मौसम की चुनौतियाँ यात्रा की सुरक्षा के लिए हमेशा से संवेदनशील विषय रहे हैं। प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और वाहन जाँच को और कड़ा करने के संकेत दिए हैं।