3 नवंबर 2026
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एसआईआर पर संसद में चर्चा को तैयार है सरकार: अमित शाह ने विपक्ष से कहा — 'सदन चलने दीजिए'

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एसआईआर पर संसद में चर्चा को तैयार है सरकार: अमित शाह ने विपक्ष से कहा — 'सदन चलने दीजिए'

सारांश

गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के मंच से विपक्ष को दो-टूक संदेश दिया — एसआईआर पर बहस चाहिए तो संसद बाधित न करें। साथ ही नक्सलवाद पर कांग्रेस को घेरा और राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह ने 3 नवंबर 2026 को रायपुर में कहा कि सरकार एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है।
शाह ने विपक्ष से अपील की कि सदन की कार्यवाही बाधित करने के बजाय संसद में बहस करें।
उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य गठन का श्रेय पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी को दिया और राज्य के नक्सलवाद से मुक्त होने की उपलब्धि गिनाई।
कांग्रेस पर असंवैधानिक ताकतों के समर्थन का आरोप लगाया; राहुल गांधी पर संसद में नक्सल समर्थन का आरोप।
CAPF और छत्तीसगढ़ पुलिस जवानों की सराहना; नक्सल मुक्त भारत के लक्ष्य पर प्रतिबद्धता जताई।

गृह मंत्री अमित शाह ने 3 नवंबर 2026 को रायपुर में स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के मुद्दे पर संसद में खुलकर बहस के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने विपक्ष को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि यदि उसे एसआईआर पर आपत्ति है तो वह संसद की कार्यवाही बाधित करने के बजाय सदन के भीतर अपनी बात रखे। शाह ने यह बयान छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में दिया, जहाँ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी उपस्थित थे।

एसआईआर विवाद और सरकार की स्थिति

शाह ने कहा कि सरकार किसी भी विषय पर संसदीय चर्चा से नहीं कतराती। उनके अनुसार, विपक्ष यदि एसआईआर को लेकर वास्तव में गंभीर है तो उसे सदन चलाना होगा — तभी बहस संभव है। यह ऐसे समय में आया है जब संसद के हालिया सत्रों में विपक्षी दलों द्वारा कार्यवाही बाधित किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।

छत्तीसगढ़ गठन और विकास यात्रा

शाह ने छत्तीसगढ़ राज्य के गठन का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में वाजपेयी ने इस क्षेत्र को अलग पहचान दी, जो तब तक विकास की दौड़ में पिछड़ा हुआ था। उनके अनुसार इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को संवारने और विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का काम किया।

गृह मंत्री ने अटल नगर-नवा रायपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में कहा कि आज छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त होकर प्रगति के रास्ते पर अग्रसर है। उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों की सराहना करते हुए इसे राज्य के लिए 'गौरव, उपलब्धि और संकल्प का अवसर' बताया।

कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना

शाह ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने हमेशा असंवैधानिक सरकारों और ऐसे सांसदों का समर्थन किया जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के विरुद्ध थे। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में जनता की चुनी हुई सरकार नहीं थी, वहाँ नक्सलियों ने अपना अलग गृह मंत्री, मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री तक बना रखा था — और सवाल उठाया कि किस संविधान ने उन्हें यह अधिकार दिया।

शाह ने यह भी आरोप लगाया कि नक्सलियों ने कई निर्दोष पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्रों को पेड़ों पर लटकाकर फाँसी दी। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह संसद में ऐसी ताकतों और व्यवस्थाओं का समर्थन करते हैं।

सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख

गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं की भी चर्चा की। उन्होंने गुरु घासीदास और गुरु नानक देव के संदेशों में समानता, सेवा और सत्य के भाव को राज्य की परंपरा का अभिन्न अंग बताया। शाह ने छत्तीसगढ़ पंडुम, बस्तर ओलंपिक, पंथी, पंडवानी, राउत नाचा, करमा और सैला नृत्य जैसी परंपराओं का जिक्र किया। साथ ही ढोकरा कला, बेल मेटल, कास्ट क्राफ्ट और कोसा जैसी हस्तकलाओं को राज्य की विशिष्ट पहचान बताया।

उन्होंने बस्तर दशहरा की 75 दिनों तक चलने वाली अनूठी परंपरा का भी उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने इसे नई पहचान दी है। विष्णु देव साय सरकार द्वारा लोक संस्कृति के संरक्षण के प्रयासों की सराहना करते हुए शाह ने कहा कि नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ और नक्सल मुक्त भारत का लक्ष्य अब दूर नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

चर्चा होगी' वाला बयान एक परिचित राजनीतिक दाँव है — जो विपक्ष को व्यवधान के लिए ज़िम्मेदार ठहराते हुए खुद को बहस-समर्थक दिखाता है। लेकिन असली सवाल यह है कि एसआईआर की प्रक्रिया में पारदर्शिता कितनी है और क्या सरकार संसदीय समिति के स्तर पर इसकी जाँच का स्वागत करेगी। छत्तीसगढ़ के मंच से राहुल गांधी पर नक्सल-समर्थन के आरोप चुनावी-लय के करीब लगते हैं, जबकि राज्य की असली ज़रूरत — विस्थापित आदिवासियों के पुनर्वास का ब्यौरा — इस भाषण में अनुपस्थित रही।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है और विवाद क्यों है?
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूचियों की समीक्षा की एक प्रक्रिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में कुछ मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जा सकते हैं, जबकि सरकार इसे सूची की शुद्धता के लिए ज़रूरी बताती है।
अमित शाह ने विपक्ष को क्या चुनौती दी?
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यदि विपक्ष एसआईआर पर चर्चा चाहता है तो उसे संसद की कार्यवाही बाधित करने के बजाय सदन को सुचारु रूप से चलने देना होगा। सरकार इस विषय पर संसद में बहस के लिए पूरी तरह तैयार है।
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव समारोह में शाह ने नक्सलवाद पर क्या कहा?
शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास के रास्ते पर है। उन्होंने CAPF और छत्तीसगढ़ पुलिस की सराहना की और नक्सल मुक्त भारत के लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता जताई।
शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने असंवैधानिक सरकारों का समर्थन किया और राहुल गांधी पर संसद में नक्सल समर्थक ताकतों की पैरवी करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि नक्सलियों ने निर्दोष पत्रकारों और छात्रों को फाँसी दी।
छत्तीसगढ़ के गठन का श्रेय किसे दिया गया?
शाह ने छत्तीसगढ़ राज्य के गठन का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को दिया, जिन्होंने वर्ष 2000 में राज्य की स्थापना की थी। उन्होंने कहा कि इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को आगे बढ़ाया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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