क्या अमोल मिटकरी ने आईपीएस अंजना कृष्णा के दस्तावेजों की जांच की मांग उठाई?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या अमोल मिटकरी ने आईपीएस अंजना कृष्णा के दस्तावेजों की जांच की मांग उठाई?

सारांश

अमोल मिटकरी ने आईपीएस अंजना कृष्णा के दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच की मांग की है। क्या यह जांच राजनीति में नया मोड़ लाएगी?

मुख्य बातें

अमोल मिटकरी ने अंजना कृष्णा के दस्तावेजों की जांच की मांग की।
इस मांग का कारण वायरल वीडियो विवाद है।
जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।
अंजना कृष्णा की ईमानदारी की चर्चा हो रही है।
राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।

मुंबई, ५ सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) अमोल मिटकरी ने आईपीएस अधिकारी अंजना कृष्णा के शैक्षिक, जाति प्रमाण पत्रों और अन्य दस्तावेजों की प्रामाणिकता की गहन जांच की मांग की है।

अमोल मिटकरी ने यह अनुरोध संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), नई दिल्ली के सचिव को ५ सितंबर को लिखे पत्र के माध्यम से किया। यह मांग महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और अंजना कृष्णा के बीच वायरल वीडियो विवाद के बाद उठाई गई है।

पत्र में मिटकरी ने अंजना कृष्णा द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की वैधता पर संदेह जताते हुए यूपीएससी से इनकी गहन जांच करने और संबंधित विभागों के साथ निष्कर्ष साझा करने का आग्रह किया। उन्होंने जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

बता दें कि पूरा विवाद सोलापुर जिले के कुर्डू गांव में अवैध मुरम खनन की जांच के दौरान अजित पवार और अंजना कृष्णा के बीच फोन पर हुई तीखी बहस से जुड़ा है। वायरल वीडियो में दावा किया गया कि अजित पवार ने अंजना को कार्रवाई रोकने का आदेश दिया, लेकिन उन्होंने उनकी पहचान सत्यापित करने की मांग की, जिसके बाद पवार ने वीडियो कॉल पर बात की।

अंजना कृष्णा, २०२२-२३ बैच की आईपीएस अधिकारी, वर्तमान में सोलापुर के करमाला में पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के पद पर तैनात हैं। उनकी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की चर्चा महाराष्ट्र में हो रही है।

इस घटना के बाद जहां एक विपक्षी दल, खासकर शिवसेना (उद्धव गुट), ने अजित पवार पर खनन माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया, वहीं शिवसेना नेता संजय राउत ने पवार पर निशाना साधते हुए उनकी अनुशासनहीनता पर सवाल उठाए।

अब मिटकरी द्वारा यूपीएससी से आईपीएस अधिकारी के दस्तावेजों की जांच की मांग से राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि राजनीतिक विवादों का निपटारा उचित प्रक्रिया द्वारा होना चाहिए। दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच आवश्यक है, लेकिन इसे राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि सत्य की खोज के लिए किया जाना चाहिए।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमोल मिटकरी ने किसकी दस्तावेजों की जांच की मांग की?
अमोल मिटकरी ने आईपीएस अधिकारी अंजना कृष्णा के शैक्षिक और जाति प्रमाण पत्रों की जांच की मांग की।
इस मांग का कारण क्या है?
यह मांग अजित पवार और अंजना कृष्णा के बीच वायरल वीडियो विवाद के बाद उठाई गई है।
अंजना कृष्णा कौन हैं?
अंजना कृष्णा, 2022-23 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में सोलापुर के करमाला में पुलिस उपाधीक्षक के पद पर तैनात हैं।
क्या इस जांच में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी?
मिटकरी ने जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
क्या राजनीतिक सरगर्मी बढ़ रही है?
जी हां, मिटकरी की मांग के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 8 घंटे पहले
  2. 9 घंटे पहले
  3. 9 घंटे पहले
  4. 9 घंटे पहले
  5. 9 घंटे पहले
  6. 9 घंटे पहले
  7. 10 घंटे पहले
  8. 10 घंटे पहले