क्या हिंदी सिनेमा के जादूगर अमोल पालेकर ने तीन सिल्वर जुबली हिट्स से बॉक्स ऑफिस पर धूम मचाई?

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क्या हिंदी सिनेमा के जादूगर अमोल पालेकर ने तीन सिल्वर जुबली हिट्स से बॉक्स ऑफिस पर धूम मचाई?

सारांश

अमोल पालेकर, जो 1970 और 1980 के दशक के प्रसिद्ध अभिनेता हैं, ने अपनी सहज अभिनय और आम आदमी की छवि से दर्शकों का दिल जीता। उनकी तीन फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सिल्वर जुबली मना चुकी हैं। आइए जानते हैं उनकी अद्वितीय यात्रा के बारे में।

Key Takeaways

  • अमोल पालेकर का जन्म 1944 में हुआ।
  • उन्होंने 'रजनीगंधा' से हिंदी सिनेमा में कदम रखा।
  • उनकी तीन फिल्में सिल्वर जुबली मना चुकी हैं।
  • अमोल ने कई पुरस्कार जीते हैं।
  • उन्होंने निर्देशन में भी अपनी कला का प्रदर्शन किया है।

मुंबई, 23 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। अमोल पालेकर 1970 और 1980 के दशक के उन अभिनेताओं में से हैं, जिनकी सादगी और स्वाभाविक अभिनय ने दर्शकों का दिल जीत लिया। वह अपनी 'आम आदमी' की छवि के लिए अलग पहचान रखते थे। यही कारण है कि उनके पात्रों में लोग खुद को आसानी से पहचान लेते थे। उनके करियर की एक खास बात यह रही कि उनकी शुरुआती तीन हिंदी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर सिल्वर जुबली मनाई।

किसी फिल्म का एक ही शहर में, बिना किसी रुकावट के, 25 सप्ताह तक सिनेमाघरों में प्रदर्शित होना उस फिल्म की सिल्वर जुबली कहलाता है।

अमोल पालेकर का जन्म 24 नवंबर 1944 को मुंबई में एक साधारण मराठी परिवार में हुआ। उनके पिता पोस्ट ऑफिस में कार्यरत थे और मां एक प्राइवेट कंपनी में काम करती थीं। अमोल को बचपन से ही कलाओं और पेंटिंग में रुचि थी। कॉलेज के दिनों में उन्होंने टाइपिंग और एड एजेंसी में काम करके अपनी पढ़ाई और खर्चे पूरे किए। इस दौरान वह पेंटिंग भी करते थे।

अमोल पालेकर की अभिनय यात्रा थिएटर से शुरू हुई। 1967 में उन्होंने पहली बार अपनी पेंटिंग की प्रदर्शनी लगाई और इसी समय थिएटर में भी कदम रखा। उन्होंने मराठी थिएटर में कई नाटकों में काम किया और 1972 में अपना खुद का थिएटर ग्रुप 'अनिकेत' स्थापित किया। थिएटर की दुनिया में उन्होंने अभिनय, निर्देशन और प्रोडक्शन के निपुणता हासिल की।

अमोल ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत मराठी फिल्म 'बाजीरावाचा बेटा' (1969) से की, लेकिन हिंदी सिनेमा में उनका डेब्यू 1974 में बसु चटर्जी की 'रजनीगंधा' से हुआ। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धूम मचाई और दर्शकों ने उन्हें आम आदमी के किरदार के रूप में पसंद किया। इसके बाद उनकी दो और फिल्में 'छोटी सी बात' (1975) और 'चितचोर' (1976) रिलीज हुईं। तीनों फिल्में सिल्वर जुबली की लिस्ट में शामिल हुईं, यानी इन फिल्मों को काफी लंबे समय तक दर्शकों का प्यार मिला। यह लगातार तीन हिट फिल्में किसी भी अभिनेता के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती हैं।

अमोल पालेकर की फिल्मों की एक ख़ासियत यह थी कि उन्होंने हमेशा साधारण नायक का रोल निभाया। उनके किरदार नौकरीपेशा आदमी, फ्लैट खरीदने वाला युवक, या प्रेम संबंधों में उलझा इंसान होते थे। उनकी डायलॉग डिलीवरी और सहज अभिनय ने उन्हें एक खास पहचान दी। 'रजनीगंधा', 'छोटी सी बात', और 'चितचोर' के अलावा, उन्होंने 'घरोंदा', 'भूमिका', 'नरम-गरम', और 1979 की हिट कॉमेडी 'गोलमाल' जैसी फिल्मों में भी अपनी कला को प्रदर्शित किया। 'गोलमाल' के लिए उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार भी मिला।

अमोल पालेकर ने सिर्फ अभिनय में नहीं बल्कि निर्देशन में भी अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने कई फिल्में और टीवी सीरियल्स का निर्देशन किया, जिनमें 'कच्ची धूप', 'नकाब', 'दायरा' और 'पहेली' शामिल हैं। उनकी बनाई फिल्मों को कई बार राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मराठी फिल्मों में उनकी निर्देशित फिल्में जैसे 'बांगरवाड़ी', 'दायरा', 'कैरी' और 'ध्येय पर्व' ने नेशनल अवॉर्ड जीते। उनकी हिंदी फिल्म 'पहेली' को भारत ने ऑस्कर के लिए नामांकित किया।

अमोल पालेकर ने अपने जीवन में कई चुनौतियों का सामना किया। उन्होंने थिएटर और फिल्मों में ऐसे विषय उठाए जो समाज और आम आदमी से जुड़े थे। इसके अलावा, उन्होंने अपनी पेंटिंग के माध्यम से भी सामाजिक कार्यों में योगदान दिया।

--आईएएनएल

पीके/एबीएम

Point of View

बल्कि उनके द्वारा उठाए गए सामाजिक मुद्दों के लिए भी। उन्होंने अपने काम के माध्यम से समाज को एक नई दिशा दी है और उनकी फिल्में आज भी दर्शकों के दिलों में बसी हैं।
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29/11/2025

Frequently Asked Questions

अमोल पालेकर किस वर्ष पैदा हुए?
अमोल पालेकर का जन्म 24 नवंबर 1944 को मुंबई में हुआ।
अमोल पालेकर की पहली हिंदी फिल्म कौन सी थी?
अमोल पालेकर की पहली हिंदी फिल्म 1974 में बसु चटर्जी की 'रजनीगंधा' थी।
अमोल पालेकर को किस फिल्म के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार मिला?
अमोल पालेकर को 1979 की हिट कॉमेडी 'गोलमाल' के लिए फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला।
अमोल पालेकर ने कितनी सिल्वर जुबली हिट फिल्में दी हैं?
अमोल पालेकर की तीन फिल्में 'रजनीगंधा', 'छोटी सी बात' और 'चितचोर' ने सिल्वर जुबली मनाई।
अमोल पालेकर ने कौन-कौन सी फिल्में निर्देशित की हैं?
अमोल पालेकर ने 'कच्ची धूप', 'नकाब', 'दायरा' और 'पहेली' जैसी फिल्में निर्देशित की हैं।
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