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ईंधन संकट पर शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे बोले — 'सरकार के पास विकल्प होना चाहिए'

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ईंधन संकट पर शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे बोले — 'सरकार के पास विकल्प होना चाहिए'

सारांश

शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने ईंधन संकट पर सरकार की नीतिगत विफलता को आड़े हाथों लिया — NEET अनियमितताओं, महाराष्ट्र में जहरीली शराब से 15 से अधिक मौतों और BJP के 12 वर्षों के शासन पर एक साथ कई मोर्चों पर हमला बोला। 2029 के चुनावों की चेतावनी भी दी।

मुख्य बातें

आनंद दुबे (शिवसेना यूबीटी) ने 1 जून 2026 को ईंधन संकट पर सरकार से वैकल्पिक ऊर्जा नीति की माँग की।
उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा और CBSE परिणामों में अनियमितताएँ हैं; केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होना चाहिए।
महाराष्ट्र में जहरीली शराब से 15 से अधिक मौतें ; दुबे ने सीएम देवेंद्र फडणवीस से तत्काल ध्यान देने की अपील की।
कल्याण बनर्जी (4 बार) और अभिषेक बनर्जी (3 बार) जैसे सांसदों पर हमलों को 'लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण' बताया।
BJP पर निशाना — ₹15 लाख खाते में न आने और महंगाई न थमने का आरोप; 2029 में सरकार बदलने की चेतावनी।

शिवसेना (यूबीटी) के नेता आनंद दुबे ने 1 जून 2026 को मुंबई में ईंधन संकट पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इस स्थिति पर अब आश्चर्यचकित नहीं होना चाहिए, क्योंकि सरकार पहले ही 'हाथ खड़े' कर चुकी है। उनका कहना था कि सरकार को तत्काल ईंधन के वैकल्पिक स्रोत तलाशने चाहिए, अन्यथा आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ता रहेगा।

ईंधन संकट पर मुख्य आरोप

दुबे ने सवाल उठाया कि यदि वैश्विक स्तर पर युद्ध की स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो क्या सरकार तब तक ईंधन के दाम बढ़ाती रहेगी? उन्होंने कहा, 'पहले दिन से हमने कहा था कि सरकार के पास विकल्प होना चाहिए।' उनका तर्क था कि दुनिया में महंगाई बढ़ रही है, यह समझ में आता है, लेकिन सरकार की नीतियाँ किसी ठोस वैकल्पिक दिशा में नहीं दिख रहीं।

शिक्षा व्यवस्था पर निशाना

दुबे ने शिक्षा क्षेत्र की खामियों को भी उठाया। उनके अनुसार, NEET परीक्षा सही तरीके से नहीं कराई जा रही और CBSE बोर्ड के परिणामों में भी अनियमितताएँ सामने आ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नई रणनीति नहीं बनाई गई तो 2029 के चुनावों में जनता सरकार बदल देगी। संसदीय समिति की बैठक पर उन्होंने कहा कि इससे कोई नतीजा नहीं निकलेगा — यदि सरकार गंभीर होती तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया जाता।

महाराष्ट्र में जहरीली शराब और कानून-व्यवस्था

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे के गोवा संबंधी बयान पर दुबे ने कहा कि पहले उन्हें महाराष्ट्र की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने बताया कि राज्य में जहरीली शराब से 15 से अधिक मौतें हो चुकी हैं, कई लोग बीमार हैं और ₹20 के पाउच बेचने वाले अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इस पर तत्काल ध्यान देना चाहिए।

सांसदों पर हमले और लोकतंत्र

कपिल सिब्बल के बयान के संदर्भ में दुबे ने कहा कि कल्याण बनर्जी चार बार और अभिषेक बनर्जी तीन बार के निर्वाचित सांसद हैं। जनता के बीच उन पर हमले होना और उन्हें हेलमेट लगाकर जान बचाकर भागना पड़े — यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर हिंसा का आरोप लगाकर सत्ता में आई थी, लेकिन अब उनके शासन में भी हिंसा की घटनाएँ हो रही हैं।

BJP पर आर्थिक विफलता के आरोप और UP एनकाउंटर

दुबे ने BJP की 12 वर्षों की सत्ता पर हमला बोलते हुए कहा कि महंगाई पर लगाम नहीं लगी, 'अच्छे दिन' नहीं आए और प्रत्येक खाते में ₹15 लाख नहीं आए। उनका सुझाव था कि इन 12 वर्षों की समीक्षा बैठक की जगह जनता के दुखों पर चर्चा की जाती तो ज़्यादा उचित होता। उत्तर प्रदेश एनकाउंटर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध बढ़ रहा है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पुलिस को अपराधमुक्त उत्तर प्रदेश बनाने की दिशा में काम करना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष केंद्र और राज्य दोनों सरकारों पर एक साथ कई मोर्चों पर दबाव बना रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

कानून-व्यवस्था, महंगाई और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सत्तारूढ़ गठबंधन को घेरने की कोशिश करती है। गौरतलब है कि ईंधन मूल्य वृद्धि पर विपक्ष की आलोचना तब ज़्यादा धारदार लगती है जब सरकार के पास कोई ठोस वैकल्पिक रोडमैप सार्वजनिक नहीं होता। महाराष्ट्र में जहरीली शराब की घटनाएँ और NEET विवाद — दोनों ऐसे मुद्दे हैं जो जनता के बीच गहरी पैठ रखते हैं और 2029 के चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं। हालाँकि दुबे के बयान में आरोप अधिक हैं और ठोस वैकल्पिक नीति-प्रस्ताव कम — यही विपक्षी बयानबाज़ी की परंपरागत सीमा भी है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आनंद दुबे ने ईंधन संकट पर सरकार से क्या माँग की?
शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने माँग की कि सरकार को ईंधन के वैकल्पिक स्रोत तलाशने चाहिए और केवल अंतरराष्ट्रीय कारणों का हवाला देकर दाम बढ़ाना बंद करना चाहिए। उनका कहना था कि यदि वैश्विक युद्ध की स्थिति लंबी चली तो सरकार की यह नीति जनता पर असहनीय बोझ डालेगी।
आनंद दुबे ने NEET और CBSE पर क्या कहा?
दुबे ने आरोप लगाया कि NEET परीक्षा सही तरीके से नहीं कराई जा रही और CBSE बोर्ड के परिणामों में धांधली हो रही है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा माँगा और कहा कि संसदीय बैठक से कोई ठोस नतीजा नहीं निकलेगा।
महाराष्ट्र में जहरीली शराब की घटना पर दुबे ने क्या कहा?
दुबे ने बताया कि महाराष्ट्र में जहरीली शराब से 15 से अधिक मौतें हो चुकी हैं और कई लोग बीमार हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से तत्काल ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि ₹20 के पाउच बेचने वाले अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर है।
कल्याण बनर्जी और अभिषेक बनर्जी पर हमले को लेकर दुबे ने क्या कहा?
दुबे ने कहा कि कल्याण बनर्जी चार बार और अभिषेक बनर्जी तीन बार के निर्वाचित सांसद हैं और उन पर जनता के बीच हमले होना लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने BJP पर तंज कसा कि पार्टी TMC पर हिंसा का आरोप लगाकर सत्ता में आई थी, लेकिन अब उनके शासन में भी ऐसी घटनाएँ हो रही हैं।
आनंद दुबे ने 2029 के चुनावों को लेकर क्या चेतावनी दी?
दुबे ने कहा कि महंगाई, NEET विवाद और कानून-व्यवस्था की विफलता के चलते अगर सरकार ने नई रणनीति नहीं अपनाई तो 2029 के चुनावों में जनता सरकार बदल देगी। उन्होंने BJP के 12 वर्षों के शासन को 'अच्छे दिन' और ₹15 लाख के वादे पूरे न होने के संदर्भ में भी आलोचना की।
राष्ट्र प्रेस
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