आय से अधिक संपत्ति: एसीबी ने निलंबित अधिकारी कालिंगिरी शांति से दूसरी बार की कड़ी पूछताछ
सारांश
Key Takeaways
- आंध्र प्रदेश एसीबी ने 24 अप्रैल को निलंबित सहायक आयुक्त कालिंगिरी शांति से आय से अधिक संपत्ति मामले में दूसरी बार पूछताछ शुरू की।
- एसीबी अदालत ने उन्हें दो दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा, क्योंकि पहली पूछताछ में उन्होंने सहयोग नहीं किया था।
- 7 अप्रैल की छापेमारी में ₹1.37 करोड़ की अवैध संपत्ति मिली, जिसमें फ्लैट, इमारत, 776 ग्राम सोना और नकदी शामिल है।
- यह पिछले दो वर्षों में कालिंगिरी शांति का दूसरा निलंबन है; पहला निलंबन जुलाई 2024 से मार्च 2026 तक रहा।
- शांति को 2020 में APPSC के माध्यम से एंडोमेंट्स विभाग में नियुक्त किया गया था और वह विशाखापत्तनम व विजयवाड़ा में कार्यरत रहीं।
- मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज है और अदालती कार्यवाही जारी है।
विजयवाड़ा, 24 अप्रैल — आंध्र प्रदेश एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने एंडोमेंट्स विभाग की निलंबित सहायक आयुक्त कालिंगिरी शांति से आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में दूसरी बार गहन पूछताछ की है। एसीबी अदालत ने 24 अप्रैल को उन्हें दो दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा, जिसके बाद जांच एजेंसी ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।
हिरासत और पूछताछ का घटनाक्रम
शुक्रवार को एसीबी अधिकारियों ने कालिंगिरी शांति को विजयवाड़ा जिला जेल से हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए विजयवाड़ा सरकारी जनरल अस्पताल ले जाया गया और फिर विधिवत पूछताछ शुरू की गई।
यह दूसरा मौका है जब अदालत ने शांति को पुलिस हिरासत में सौंपा है। इससे पहले 15 और 16 अप्रैल को भी उनसे पूछताछ की अनुमति दी गई थी। तब एसीबी ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान शांति ने सहयोग नहीं किया, जिसके आधार पर दोबारा हिरासत मांगी गई।
₹1.37 करोड़ की अवैध संपत्ति का खुलासा
7 अप्रैल को एसीबी ने शांति से जुड़े ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। ताडेपल्ली, उंडावल्ली और विशाखापत्तनम सहित कई स्थानों पर करीब 10 घंटे तक तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान पाया गया कि उन्होंने अपनी ज्ञात आय के अनुपात से कहीं अधिक ₹1.37 करोड़ की संपत्ति जमा कर ली थी।
छापेमारी में जो संपत्तियां और वस्तुएं मिलीं उनमें शामिल हैं — विशाखापत्तनम में एक आवासीय फ्लैट, कुंचनपल्ली में एक जी+2 इमारत, 776 ग्राम सोने के आभूषण, लगभग 3 किलोग्राम चांदी की वस्तुएं, ₹1.15 लाख नकद, करीब ₹3 लाख का बैंक बैलेंस, एक कार, एक मोटरसाइकिल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण। आपत्तिजनक दस्तावेज भी जब्त किए गए।
गिरफ्तारी और न्यायिक प्रक्रिया
छापेमारी के बाद 7 अप्रैल को ही एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 'आय से अधिक संपत्ति' का मामला दर्ज कर शांति को गिरफ्तार किया। उसी दिन एसीबी अदालत ने उन्हें 21 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजा, जिसे बाद में और बढ़ाया गया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया।
शांति ने जेल में बंद रहते हुए अपने ढाई साल के बेटे से मिलने की अनुमति के लिए याचिका भी दायर की थी, जिस पर अदालत ने 16 अप्रैल को सुनवाई की थी।
करियर और निलंबन का इतिहास
कालिंगिरी शांति को 2020 में आंध्र प्रदेश राज्य लोक सेवा आयोग (APPSC) के माध्यम से एंडोमेंट्स विभाग में सहायक आयुक्त के पद पर नियुक्त किया गया था। उन्होंने विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा दोनों जगह अपनी सेवाएं दी थीं।
गौरतलब है कि यह पिछले दो वर्षों में उनका दूसरा निलंबन है। 2024 में टीडीपी नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के सत्ता में आने के बाद अनियमितताओं के आरोप में उन्हें पहली बार निलंबित किया गया था। वह जुलाई 2024 से मार्च 2026 तक निलंबित रहीं। पिछले महीने ही उनका निलंबन हटाया गया था और वह नई पोस्टिंग का इंतजार कर रही थीं — लेकिन इससे पहले ही एसीबी ने छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गहरा संदर्भ: भ्रष्टाचार और जवाबदेही
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कालिंगिरी शांति एंडोमेंट्स विभाग में थीं — एक ऐसा विभाग जो धार्मिक संस्थाओं और मंदिरों की संपत्तियों का प्रबंधन करता है। कथित तौर पर इस विभाग में वर्षों से अनियमितताओं की शिकायतें रही हैं। एक ऐसे अधिकारी का जिसे पहले भी निलंबित किया गया हो, फिर बहाल किया गया हो और फिर भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार हो जाना — यह सरकारी तंत्र में जवाबदेही की कमी को उजागर करता है।
आलोचकों का कहना है कि यदि 2024 में ही अनियमितताओं के पर्याप्त साक्ष्य थे, तो निलंबन हटाने से पहले विभागीय जांच पूरी क्यों नहीं की गई? यह सवाल प्रशासनिक प्रक्रिया की खामियों की ओर इशारा करता है।
अब एसीबी की जांच आगे बढ़ेगी और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या अन्य अधिकारियों या राजनीतिक संपर्कों तक भी यह मामला पहुंचता है। अगले कुछ दिनों में पूछताछ के परिणाम और संभावित चार्जशीट की दिशा स्पष्ट होगी।