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आंध्र प्रदेश में भीषण गर्मी: CM चंद्रबाबू नायडू ने प्रभावित क्षेत्रों में छुट्टियों का आदेश दिया, तापमान 48°C पार

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आंध्र प्रदेश में भीषण गर्मी: CM चंद्रबाबू नायडू ने प्रभावित क्षेत्रों में छुट्टियों का आदेश दिया, तापमान 48°C पार

सारांश

आंध्र प्रदेश में अल नीनो की मार — तापमान 48°C पर, पिछले तीन दिनों में 3 डिग्री की उछाल। CM चंद्रबाबू नायडू ने गर्मी प्रभावित क्षेत्रों में छुट्टियों का आदेश दिया, 1,349 शीतलन केंद्र खोले और सुबह 11 से शाम 4 बजे तक बाहर न निकलने की सख्त सलाह जारी की।

मुख्य बातें

चंद्रबाबू नायडू ने 22 मई को अत्यधिक गर्मी प्रभावित क्षेत्रों में अवकाश घोषित करने के निर्देश दिए।
राज्य में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचा; पिछले तीन दिनों में 45°C से बढ़ा।
तुलना के लिए: 2015 के अल नीनो वर्ष में अधिकतम तापमान 50.1°C दर्ज हुआ था।
शहरी क्षेत्रों में 1,349 ताप आश्रय और शीतलन केंद्र ; 446 यातायात चौराहों पर छाया व्यवस्था।
बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर न निकलने की सलाह।
ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में टैंकरों के ज़रिए पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के आदेश।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार, 22 मई को स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया कि भीषण गर्मी की चपेट में आए क्षेत्रों में मौजूदा परिस्थितियों के आधार पर तत्काल अवकाश घोषित किया जाए। राज्य में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच चुका है, जो पिछले तीन दिनों में 45°C से बढ़कर इस स्तर पर आया है।

गर्मी की स्थिति और अल नीनो का असर

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि गंभीर अल नीनो परिस्थितियों के कारण इस वर्ष लू की तीव्रता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। तुलना के लिए अधिकारियों ने बताया कि 2015 के भीषण अल नीनो वर्ष में राज्य में अधिकतम तापमान 50.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस वर्ष समान परिस्थितियों में तापमान 48°C तक पहुँच गया है, जो स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करता है।

यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई हिस्सों में मानसून-पूर्व गर्मी का प्रकोप असामान्य रूप से तीखा बना हुआ है। गौरतलब है कि अन्नामय्या जिले में अन्य जिलों की तुलना में अपेक्षाकृत कम तापमान दर्ज किया गया है, जिसे मुख्यमंत्री ने हरित आवरण और बेहतर भूजल स्तर से जोड़ा।

मुख्यमंत्री के निर्देश और राहत उपाय

मुख्यमंत्री नायडू ने जिला कलेक्टरों को सर्वाधिक तापमान वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहाँ के निवासियों को लगातार चेतावनी और सलाह जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने भीड़भाड़ वाले स्थानों और सार्वजनिक सभा स्थलों पर पीने का पानी, छाछ और ओआरएस के पैकेट उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

अधिकारियों ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में 1,349 ताप आश्रय और शीतलन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जबकि 446 यातायात चौराहों पर वाहन चालकों और पुलिस कर्मियों को छाया उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

संवेदनशील वर्गों के लिए विशेष सलाह

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त लोगों को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जाती है। उन्होंने कहा कि लोगों की जान बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने गर्मी से पीड़ित जानवरों और पक्षियों के लिए पानी के कुंड और मिट्टी के बर्तन उपलब्ध कराने का भी सुझाव दिया — एक कदम जो पर्यावरणीय संवेदनशीलता को दर्शाता है।

पेयजल आपूर्ति और दीर्घकालिक उपाय

मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों और मंडल स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पीने के पानी की कमी न होने दी जाए और जहाँ आवश्यक हो, टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। दीर्घकालिक दृष्टिकोण से उन्होंने राज्य में हरित आवरण बढ़ाने और भूजल स्तर सुधारने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि भविष्य में अत्यधिक तापमान के प्रभाव को कम किया जा सके।

मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से लू से बचाव के उपायों की जानकारी लगातार प्रसारित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। आने वाले दिनों में तापमान में और बदलाव की संभावना को देखते हुए प्रशासन को आपातकालीन स्थितियों के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि क्या 1,349 शीतलन केंद्र वास्तव में ग्रामीण आबादी तक पहुँच पा रहे हैं — जहाँ गर्मी का असर सबसे अधिक होता है और संसाधन सबसे कम। अल नीनो की चेतावनी पहले से मौजूद थी, फिर भी तैयारी प्रतिक्रियात्मक दिखती है, न कि पूर्व-नियोजित। हरित आवरण और भूजल सुधार की बात दीर्घकालिक दृष्टि से सही है, परंतु अभी की ज़रूरत त्वरित राहत है। अन्नामय्या जिले का उदाहरण बताता है कि पारिस्थितिक प्रबंधन काम करता है — सवाल यह है कि यह सबक बाकी जिलों में कब और कैसे लागू होगा।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश में गर्मी की छुट्टियाँ कहाँ घोषित की गई हैं?
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 22 मई को स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अत्यधिक गर्मी प्रभावित क्षेत्रों में मौजूदा परिस्थितियों के आधार पर अवकाश घोषित करें। यह निर्णय जिला स्तर पर तापमान की स्थिति के अनुसार लिया जाएगा।
आंध्र प्रदेश में अभी तापमान कितना है?
राज्य में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है, जो पिछले तीन दिनों में 45°C से बढ़ा है। अधिकारियों के अनुसार यह गंभीर अल नीनो परिस्थितियों के कारण है; 2015 के अल नीनो वर्ष में राज्य में 50.1°C दर्ज हुआ था।
गर्मी से बचाव के लिए आंध्र सरकार ने क्या इंतजाम किए हैं?
शहरी क्षेत्रों में 1,349 ताप आश्रय और शीतलन केंद्र स्थापित किए गए हैं तथा 446 यातायात चौराहों पर छाया की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पीने का पानी, छाछ और ओआरएस के पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
किन लोगों को दोपहर में बाहर न निकलने की सलाह दी गई है?
मुख्यमंत्री ने बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त लोगों को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। यह समय सीमा दिन के सर्वाधिक तापमान वाले घंटों को ध्यान में रखकर तय की गई है।
अल नीनो का आंध्र प्रदेश की गर्मी पर क्या असर है?
अधिकारियों के अनुसार गंभीर अल नीनो परिस्थितियों के कारण इस वर्ष लू की तीव्रता में काफी वृद्धि हुई है। पिछली बार 2015 में इसी तरह के अल नीनो के दौरान राज्य में 50.1°C का रिकॉर्ड तापमान दर्ज हुआ था, और इस वर्ष भी समान परिस्थितियाँ बन रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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