आंध्र प्रदेश: लाल चंदन तस्करों से झड़प में तीन वन अधिकारी घायल, पवन कल्याण ने दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के अन्नमय्या जिले में 13 सितंबर 2026 (रविवार) को लाल चंदन (रेड सैंडर्स) तस्करों और वन विभाग की गश्ती टीम के बीच हुई सीधी टक्कर में तीन वन अधिकारी घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, तस्करों ने नाकाबंदी तोड़ने के इरादे से अपनी तेज रफ्तार गाड़ी वन विभाग के गश्ती वाहन में जानबूझकर टक्कर मार दी। सभी घायलों को तिरुपति के एसवीआरआर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
घटनाक्रम: कैसे हुई झड़प
यह घटना रोमपिचेरला मंडल के बोम्मायिगारिपल्ली गाँव के निकट हुई। वन विभाग को पूर्व सूचना मिली थी कि एक तस्कर गिरोह लाल चंदन की लकड़ियाँ लेकर निकला है। इस पर 'ऑपरेशन अरण्य' के तहत विभाग ने सड़क पर अपना वाहन खड़ा कर अवरोध बनाया।
बताया जा रहा है कि तस्करों ने रुकने की बजाय रफ्तार बढ़ा दी और गश्ती वाहन में जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में वाहन चालक चरण सहित दो संदिग्ध तस्कर भी घायल हुए।
जान जोखिम में डालकर वनकर्मियों ने मौके पर दो संदिग्ध तस्करों को हिरासत में ले लिया। हालाँकि, तीन अन्य आरोपी फरार हो गए। मौके से लाल चंदन की लकड़ियाँ, एक वज़न मापने की मशीन, आरी का ब्लेड, कुल्हाड़ियाँ और तस्करी में इस्तेमाल किया गया वाहन जब्त किया गया।
घायल अधिकारियों की पहचान
घायल वन अधिकारियों में वन अनुभाग अधिकारी के. प्रकाश कुमार, वन बीट अधिकारी पी. रेड्डी प्रसाद और के. प्रताप शामिल हैं। वाहन चालक चरण भी इस टक्कर में घायल हुए। सभी को तिरुपति के एसवीआरआर सरकारी अस्पताल में उपचार दिया जा रहा है और वे फिलहाल खतरे से बाहर हैं।
पवन कल्याण की प्रतिक्रिया और सरकार का रुख
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं वन मंत्री पवन कल्याण ने वरिष्ठ वन अधिकारियों से घटना की विस्तृत जानकारी ली और कर्तव्य के प्रति समर्पित घायल अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।
पवन कल्याण ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) को निर्देश दिए कि घायल कर्मचारियों के पूर्णतः स्वस्थ होने तक उनकी स्थिति की निगरानी की जाए। उन्होंने रेड सैंडर्स एंटी-स्मगलिंग टास्क फोर्स को तस्कर गिरोहों पर विशेष निगरानी रखने और फरार तीन आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने के आदेश भी दिए।
उन्होंने कहा कि वन संपदा की लूट करने वालों, ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने वालों और वन अपराध में शामिल सभी के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा।
लाल चंदन तस्करी: एक जटिल समस्या
गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश, विशेष रूप से सेशाचलम पहाड़ी क्षेत्र और उससे सटे जिले, दशकों से लाल चंदन तस्करी के केंद्र रहे हैं। यह कीमती लकड़ी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भारी माँग की वजह से तस्करों के लिए अत्यंत आकर्षक है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार वन संरक्षण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जता रही है।
यह घटना पहली बार नहीं है जब वन अधिकारियों को तस्करों के हमले का सामना करना पड़ा हो — पिछले कुछ वर्षों में कई ऐसी झड़पें सामने आई हैं जिनमें वनकर्मी घायल हुए या शहीद हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर तकनीकी निगरानी और अंतर-राज्यीय समन्वय के बिना इस समस्या पर काबू पाना कठिन बना रहेगा।
आगे क्या होगा
पुलिस और वन विभाग संयुक्त रूप से फरार तीनों आरोपियों की तलाश में जुटे हैं। रेड सैंडर्स एंटी-स्मगलिंग टास्क फोर्स को हाई अलर्ट पर रखा गया है। घायल वन अधिकारियों के स्वस्थ होने के बाद उनके बयान से जाँच को और दिशा मिलने की उम्मीद है।