5 सितंबर 2026
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मुरैना में अनियंत्रित ट्रक ने वन विभाग की चौकी को रौंदा, 1 वनरक्षक घायल, 11 जवानों ने भागकर बचाई जान

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मुरैना में अनियंत्रित ट्रक ने वन विभाग की चौकी को रौंदा, 1 वनरक्षक घायल, 11 जवानों ने भागकर बचाई जान

सारांश

सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर चंबल के अवैध रेत परिवहन को रोकने के लिए बनाई गई चौकी पर एक अनियंत्रित ट्रक चढ़ा दिया गया। एक वनरक्षक घायल, 11 जवान बाल-बाल बचे। यह महज दुर्घटना है या दबाव की रणनीति — सवाल उठना स्वाभाविक है।

मुख्य बातें

6 जून 2026 को मुरैना के NH-44 पर वन विभाग की अस्थायी चौकी से अनियंत्रित ट्रक ( HR 38Z 0324 ) टकराया।
ड्यूटी पर तैनात 12 जवानों में से 1 वनरक्षक घायल , 11 जवानों ने भागकर जान बचाई।
चौकी सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर चंबल के प्रतिबंधित रेत के अवैध परिवहन को रोकने के लिए बनाई गई थी।
घायल जवान को मुरैना जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, उपचार जारी है।
4 जून 2026 को भी पहाड़गढ़ क्षेत्र के कन्हार गाँव के पास ट्रक दुर्घटना में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ था।

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में 6 जून 2026 को उस समय बड़ा हादसा हो गया, जब राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 44 (दिल्ली–ग्वालियर मार्ग) पर स्थित वन विभाग की अस्थायी चौकी से एक तेज़ रफ़्तार अनियंत्रित ट्रक टकरा गया। इस दुर्घटना में ड्यूटी पर तैनात एक वनरक्षक घायल हो गया, जबकि 11 जवानों ने मौके से भागकर अपनी जान बचाई। यह चौकी सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर चंबल के प्रतिबंधित रेत के अवैध परिवहन को रोकने के लिए बनाई गई थी।

मुख्य घटनाक्रम

शनिवार की सुबह वन विभाग और विशेष सशस्त्र बल (SAF) के कुल 12 जवान अस्थायी चेक पोस्ट पर नियमित ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान हरियाणा नंबर प्लेट वाला ट्रक (HR 38Z 0324) अनियंत्रित होकर सीधे चौकी की ओर मुड़ गया। जवानों को संभलने का मौका भी नहीं मिला — 11 जवान तत्काल भागकर सुरक्षित हो गए, लेकिन एक वनरक्षक ट्रक की चपेट में आ गया।

घायल जवान का उपचार

घायल वनरक्षक को तत्काल मुरैना जिला अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उसका उपचार जारी है। सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना प्रभारी माता बसैया और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे। ट्रक को मार्ग से हटवाया गया और आगे की जाँच शुरू की गई।

चौकी क्यों बनाई गई थी

गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद मुरैना कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और वन विभाग के अधिकारियों ने मिलकर जिले में कई स्थानों पर चेक पोस्ट स्थापित किए हैं। इनका उद्देश्य चंबल नदी के प्रतिबंधित क्षेत्र से होने वाले अवैध रेत खनन और उसके परिवहन को रोकना है। यह क्षेत्र लंबे समय से अवैध खनन माफिया की सक्रियता के लिए चर्चा में रहा है।

इससे पहले भी हो चुका है हादसा

यह ऐसे समय में आया है जब इसी जिले में 4 जून 2026 को दोपहर 2 बजकर 15 मिनट पर थाना पहाड़गढ़ क्षेत्र के कन्हार गाँव के पास भी एक ट्रक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ था। डायल-112 पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिलते ही आरक्षक अर्जुन जाट और पायलट राघवेंद्र धाकड़ मौके पर पहुँचे और घायल को तत्काल शासकीय अस्पताल पहाड़गढ़ पहुँचाया, जिससे उसकी जान बच सकी।

क्या होगा आगे

प्रशासन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस हादसे के बाद चेक पोस्ट की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा सकती है। अनियंत्रित भारी वाहनों की बढ़ती घटनाएँ इस बात की ओर संकेत करती हैं कि खनन माफिया के दबाव में ट्रक चालक जोखिम भरे तरीके से वाहन चला रहे हैं। आने वाले दिनों में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक गहरे सवाल की ओर इशारा करता है — क्या अवैध रेत माफिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बनी चौकियों को जानबूझकर निशाना बना रहा है? चंबल में खनन माफिया की जड़ें गहरी हैं और इससे पहले भी अधिकारियों पर दबाव की खबरें आती रही हैं। अस्थायी चौकियों पर तैनात जवानों के पास न पर्याप्त बैरिकेड हैं, न सुरक्षा उपकरण — यह प्रशासनिक लापरवाही है जिसे सुधारा जाना चाहिए। अदालती आदेश का पालन कराना जितना ज़रूरी है, उतना ही ज़रूरी है उन जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जो इस आदेश को ज़मीन पर उतार रहे हैं।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुरैना वन विभाग चौकी हादसा क्या है?
6 जून 2026 को मुरैना के NH-44 पर स्थित वन विभाग की अस्थायी चौकी से एक अनियंत्रित ट्रक टकरा गया। इस हादसे में एक वनरक्षक घायल हुआ और 11 जवानों ने भागकर जान बचाई। यह चौकी सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर चंबल के अवैध रेत परिवहन को रोकने के लिए बनाई गई थी।
यह चौकी क्यों बनाई गई थी?
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद मुरैना कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और वन विभाग ने मिलकर चंबल नदी के प्रतिबंधित क्षेत्र से होने वाले अवैध रेत खनन और परिवहन को रोकने के लिए जिले में कई चेक पोस्ट स्थापित किए हैं।
घायल जवान की स्थिति क्या है?
घायल वनरक्षक को मुरैना जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका उपचार जारी है। उसकी स्थिति के बारे में आधिकारिक बयान अभी तक नहीं आया है।
ट्रक का नंबर क्या था और उसके चालक पर क्या कार्रवाई हुई?
हादसे में शामिल ट्रक का नंबर HR 38Z 0324 था। सिविल लाइन थाना प्रभारी माता बसैया और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे और ट्रक को घटनास्थल से हटवाया। आगे की जाँच जारी है।
क्या मुरैना में इससे पहले भी ऐसी दुर्घटनाएँ हुई हैं?
हाँ, 4 जून 2026 को पहाड़गढ़ थाना क्षेत्र के कन्हार गाँव के पास एक ट्रक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ था। डायल-112 की त्वरित कार्रवाई से उसे समय पर अस्पताल पहुँचाया गया।
राष्ट्र प्रेस
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