साहिल वाकोडे मामला: IIT बॉम्बे में माता-पिता को घसीटना शर्मनाक, अनीश गवांडे का फडणवीस सरकार पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के नेता अनीश गवांडे ने 18 अक्टूबर 2026 को देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि आईआईटी बॉम्बे परिसर में दिवंगत छात्र साहिल वाकोडे के माता-पिता को मुंबई पुलिस द्वारा घसीटना महाराष्ट्र के लिए शर्मनाक दिन है। गवांडे ने आरोप लगाया कि यह सरकार न तो युवाओं की चिंता करती है और न ही शोक में डूबे परिजनों की।
माता-पिता को घसीटने की घटना क्या है
साहिल वाकोडे के माता-पिता आईआईटी बॉम्बे के परिसर में अपने दिवंगत बेटे की स्मृति में एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित करने का प्रयास कर रहे थे, तभी मुंबई पुलिस ने उन्हें सड़क पर घसीटा। इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए गवांडे ने कहा, 'यह बेहद शर्मनाक है' — शोक संतप्त माता-पिता के साथ इस तरह का बर्ताव किसी सभ्य समाज को शोभा नहीं देता।
गवांडे ने फडणवीस सरकार के गठबंधन सहयोगियों को भी चुनौती दी कि वे स्पष्ट करें कि क्या वे इस कार्रवाई का समर्थन करते हैं।
छात्र आत्महत्या के आँकड़े और न्याय की माँग
गवांडे ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आँकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले 20 वर्षों में देशभर में 14,500 छात्रों ने आत्महत्या की है, जिनमें से 171 आत्महत्याएँ IIT परिसरों में हुई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब न्याय माँगने पर भी माता-पिता को घसीटा जाए, तो इस देश में शोकाकुल परिजनों के लिए कोई जगह बची है या नहीं।
उन्होंने यह भी कहा कि शाहू, फुले और आंबेडकर की धरती पर बाबासाहेब आंबेडकर की तस्वीर तक फाड़ी गई — यह केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि सांस्कृतिक अपमान का मामला है।
सार्वजनिक शिक्षण संस्थानों पर व्यापक हमले का आरोप
गवांडे ने देश के कई प्रमुख संस्थानों में छात्रों पर कथित दमन का ज़िक्र करते हुए कहा कि भारत में सार्वजनिक शिक्षा के खिलाफ एक तरह का युद्ध छेड़ा गया है। उनके मुताबिक, सत्यजित रे फिल्म संस्थान में छात्रों को पीटा गया; टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS), मुंबई में एक स्मृति व्याख्यान आयोजित करने पर छात्रों को जेल भेजा गया।
उन्होंने आगे कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में छात्र भूख हड़ताल पर हैं क्योंकि CPWD द्वारा अरहने योग्य घोषित किए जा चुके छात्रावास उन्हें नहीं दिए जा रहे, जबकि जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्र स्वतंत्र छात्र परिषद चुनाव न होने के विरोध में धरने पर बैठे हैं।
रिजिजू के बयान और 'इंडिया मॉडल' पर प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के सत्ता परिवर्तन संबंधी बयान पर गवांडे ने कहा कि रिजिजू सही कह रहे हैं — देश को न बांग्लादेश मॉडल चाहिए, न फ्रांस मॉडल। उन्होंने कहा, 'हमारे पास इंडिया मॉडल है — महात्मा गांधी का दिखाया रास्ता।'
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के 'विदेशी टूलकिट' वाले बयान पर पलटवार करते हुए गवांडे ने कहा कि जब पुलिस लोगों को पीटती है और वीडियो सामने आता है, तो उसे पाकिस्तान की फ़ेक न्यूज़ बताना जनता की बुद्धि का अपमान है।
गठबंधन में दरार और आगे की राह
गवांडे ने संकेत दिया कि सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर भी असंतोष पक रहा है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार — दोनों BJP के सहयोगी — इस मामले पर चुप हैं। उनके अनुसार, जल्द ही गठबंधन सहयोगी भी खुलकर कहेंगे कि सड़कों पर लोगों को पीटना स्वीकार्य नहीं।
यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब महाराष्ट्र में छात्र आंदोलन और संस्थागत स्वायत्तता को लेकर राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में विपक्ष इस मुद्दे को और तेज़ करने की तैयारी में है।