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IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे मामला: राहुल गांधी और खड़गे से मिले परिजन, डेढ़ महीने बाद भी गिरफ्तारी नहीं

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IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे मामला: राहुल गांधी और खड़गे से मिले परिजन, डेढ़ महीने बाद भी गिरफ्तारी नहीं

सारांश

IIT बॉम्बे में पिछड़े वर्ग के छात्र साहिल वाकोडे की कथित संस्थागत हत्या के डेढ़ महीने बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। परिजन न्याय के लिए राहुल गांधी और खड़गे से मिले। 13 महीनों में 4 छात्रों की मौत — यह मामला देश के शीर्ष संस्थानों में दलित उत्पीड़न का बड़ा सवाल बन गया है।

मुख्य बातें

IIT बॉम्बे के पिछड़े वर्ग के छात्र साहिल वाकोडे की कथित संस्थागत हत्या के मामले में अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज है।
मामला दर्ज होने के डेढ़ महीने बाद भी नामजद प्रोफेसरों में से किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया।
मुंबई कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने परिजनों को राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मिलवाया।
गायकवाड़ के अनुसार, पिछले 13 महीनों में IIT बॉम्बे में 4 छात्रों ने आत्महत्या की है।
साहिल वाकोडे के पिता ने आरोप लगाया कि दोषियों को बचाया जा रहा है और सरकार उनकी सुध नहीं ले रही।
कांग्रेस ने परिवारों को समर्थन का भरोसा दिया और मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की बात कही।

नई दिल्ली, 5 नवंबर 2026: IIT बॉम्बे के पिछड़े वर्ग के छात्र साहिल वाकोडे की कथित संस्थागत हत्या के मामले में डेढ़ महीने बीत जाने के बाद भी किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। इस न्याय की माँग को लेकर मुंबई कांग्रेस की सांसद वर्षा गायकवाड़ साहिल वाकोडे और अनिकेत अंभोरे के परिजनों को लेकर नई दिल्ली में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मिलीं। मामले में अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत केस दर्ज है।

मुख्य घटनाक्रम

सांसद वर्षा गायकवाड़ ने मीडिया को बताया कि पिछले 13 महीनों में IIT बॉम्बे में 4 छात्रों ने आत्महत्या की है। उन्होंने आरोप लगाया कि संस्थान में पिछड़े वर्ग के छात्रों को लगातार उत्पीड़न और अपमान का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, जिन प्रोफेसरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, उन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है।

गायकवाड़ ने कहा, 'भविष्य में कोई और साहिल वाकोडे न बने, इसके लिए इस मामले में त्वरित न्याय आवश्यक है।'

परिजनों की पीड़ा

साहिल वाकोडे के पिता ने कहा कि उनके बेटे के साथ घोर अन्याय हुआ है और जो इसके जिम्मेदार हैं, उन्हें अब तक गिरफ्तार तक नहीं किया गया। उन्होंने कहा, 'मेरे बेटे की हत्या हुई है, दोषियों को बचाया जा रहा है। सरकार हमारी ओर ध्यान नहीं दे रही, इसलिए मैं राहुल गांधी से मिला। मुझे उम्मीद है कि वह हमें इंसाफ दिलाएँगे।'

राहुल गांधी और खड़गे की प्रतिक्रिया

सांसद गायकवाड़ के अनुसार, राहुल गांधी ने बैठक में पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली और परिजनों को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी परिवारों से मुलाकात कर उनकी व्यथा सुनी। कांग्रेस ने इस मामले को दलित छात्रों के उत्पीड़न का प्रतीक बताते हुए राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की बात कही है।

पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब देश के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में दलित और पिछड़े वर्ग के छात्रों के उत्पीड़न की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। गौरतलब है कि IIT बॉम्बे में 13 महीनों में 4 छात्रों की मौत एक गंभीर प्रवृत्ति की ओर इशारा करती है। आलोचकों का कहना है कि संस्थागत भेदभाव और सामाजिक अलगाव पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य संकट की जड़ में हैं।

आगे क्या होगा

अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी न होने पर परिजन और विपक्ष दोनों सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस के इस मुद्दे को संसदीय मंच पर उठाने की संभावना है। अब यह देखना होगा कि पुलिस और संबंधित प्रशासनिक तंत्र इस बढ़ते दबाव के बाद क्या कदम उठाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि प्रणालीगत जवाबदेही के अभाव का संकेत है। अत्याचार निवारण अधिनियम कागज पर मजबूत है, लेकिन जब नामजद आरोपी स्वतंत्र घूमते रहें तो कानून की धार सवालों के घेरे में आ जाती है। विपक्ष का इस मुद्दे पर मुखर होना राजनीतिक है, लेकिन यह सवाल उससे बड़ा है — देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों में पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए समान और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी किसकी है? जब तक संस्थागत जवाबदेही तंत्र नहीं बनता, ऐसे मामले दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साहिल वाकोडे कौन थे और उनके मामले में क्या हुआ?
साहिल वाकोडे IIT बॉम्बे के पिछड़े वर्ग के छात्र थे, जिनकी कथित संस्थागत हत्या का आरोप है। उनके मामले में अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है, लेकिन डेढ़ महीने बाद भी किसी आरोपी प्रोफेसर को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से इस मामले में मुलाकात क्यों हुई?
साहिल वाकोडे और अनिकेत अंभोरे के परिजन सरकार की निष्क्रियता से व्यथित होकर न्याय की माँग लेकर नई दिल्ली पहुँचे। मुंबई कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने उन्हें राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे से मिलवाया, जिन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली और पार्टी के समर्थन का भरोसा दिलाया।
IIT बॉम्बे में पिछले 13 महीनों में कितने छात्रों की मौत हुई है?
मुंबई कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ के अनुसार, पिछले 13 महीनों में IIT बॉम्बे में 4 छात्रों ने आत्महत्या की है। उनका आरोप है कि संस्थान में पिछड़े वर्ग के छात्रों के साथ उत्पीड़न और भेदभाव हो रहा है।
इस मामले में अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?
परिजनों और सांसद वर्षा गायकवाड़ का आरोप है कि नामजद प्रोफेसरों को बचाने की कोशिश की जा रही है। अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज होने के बावजूद डेढ़ महीने में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिसे विपक्ष प्रशासनिक संरक्षण का संकेत बता रहा है।
अनिकेत अंभोरे का इस मामले से क्या संबंध है?
अनिकेत अंभोरे भी IIT बॉम्बे से जुड़े एक अन्य प्रभावित पक्ष के परिजन हैं। उनके परिवार ने भी साहिल वाकोडे के परिजनों के साथ राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की और न्याय की माँग की।
राष्ट्र प्रेस
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