आईआईटी बॉम्बे आत्महत्या मामला: कांग्रेस नेताओं ने साहिल वाकोडे के परिवार से की मुलाकात, जाँच जारी
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रभारी सिरिवेल्ला प्रसाद और प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने 3 अक्टूबर 2026 को शांति आश्रम में आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे के परिवार से मुलाकात की। साहिल ने कथित तौर पर जातिगत भेदभाव के कारण आत्महत्या की थी, और यह मामला राजनीतिक एवं कानूनी दोनों मोर्चों पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
मुलाकात में कौन कौन था शामिल
इस बैठक में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के सचिव बी.एम. संदीप, रेहाना चिश्ती, यू.बी. वेंकटेश, मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक के दौरान परिवार ने नेताओं के साथ मामले के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की।
यह घटनाक्रम मुंबई कांग्रेस की युवा अध्यक्ष जीनत शब्रिन की परिवार से मुलाकात के महज दो दिन बाद हुआ है। इससे पहले 24 सितंबर को सांसद वर्षा गायकवाड़ आज़ाद मैदान पहुँची थीं, जहाँ साहिल के पिता रवींद्र वाकोडे जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की माँग को लेकर धरने पर बैठे थे।
राहुल गांधी ने दिया था समर्थन का भरोसा
पिछले महीने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने साहिल वाकोडे के परिवार से फोन पर बात करते हुए न्याय की लड़ाई में हर संभव मदद का आश्वासन दिया था। उन्होंने परिवार के प्रति एकजुटता जताई और भरोसा दिलाया कि वे इस मामले में पीछे नहीं हटेंगे।
क्राइम ब्रांच की जाँच में अहम घटनाक्रम
मुंबई क्राइम ब्रांच ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला से लगभग आठ घंटे तक पूछताछ कर उनका बयान दर्ज किया। पूछताछ में वाकोडे की मौत से पहले की घटनाओं और छात्र के साथ प्रोफेसर की बातचीत के बारे में जानकारी जुटाई गई। सूत्रों के अनुसार, प्रोफेसर डूला ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया।
उल्लेखनीय है कि 18 सितंबर के सीसीटीवी फुटेज में प्रोफेसर डूला, साहिल को परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करते पकड़े जाने के बाद एक तरफ ले जाते दिखे थे। वाकोडे की मौत के बाद आईआईटी बॉम्बे ने बताया था कि छात्र ने जवाब पाने के लिए चैटजीपीटी पर प्रश्न पत्र अपलोड किया था, और संस्थान ने यह भी स्पष्ट किया था कि इस सिलसिले में उसके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई थी।
क्राइम ब्रांच ने अब तक 50 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए हैं, जिनमें वाकोडे के माता पिता और उनके सहपाठी शामिल हैं। साथ ही पुलिस परीक्षा हॉल के सीसीटीवी फुटेज की भी जाँच कर रही है ताकि मौत से पहले की गतिविधियों पर रोशनी डाली जा सके।
परिवार और संस्थान के अलग अलग दावे
रवींद्र वाकोडे ने बताया कि उनके बेटे ने प्रोफेसर डूला द्वारा भेदभाव किए जाने की बात उनसे कही थी, लेकिन उन्होंने साहिल को इसे सहन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "मेरे बेटे ने मुझे इस भेदभाव के बारे में बताया था, लेकिन मैंने उससे कहा कि आईआईटी में दाखिला मिलना मुश्किल है और उसे इसे सहन करने की सलाह दी।"
दूसरी ओर, आईआईटी बॉम्बे के फैकल्टी सदस्य प्रोफेसर डूला के समर्थन में आगे आए और कहा कि उन्हें केवल अपने पेशेवर दायित्वों का पालन करने के लिए निशाना बनाया जा रहा है। मुंबई पुलिस ने परिवार की शिकायत के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है।
आगे क्या होगा
सूत्रों के अनुसार, क्राइम ब्रांच जल्द ही आईआईटी बॉम्बे के निदेशक शिरीष केदारे को भी बयान दर्ज कराने के लिए बुला सकती है। जाँच एजेंसी सभी साक्ष्यों की समीक्षा कर रही है और मामले में अगली कार्रवाई की दिशा जल्द तय होने की उम्मीद है।