भुवनेश्वर में पार्टी के दौरान 25 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या, आठ गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
भुवनेश्वर के धौली थाना क्षेत्र में बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात 25 वर्षीय टापू नाइक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। कमिश्नरेट पुलिस ने 5 नवंबर 2026 को इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह घटना नई पिस्तौल की खुशी में हो रही पार्टी के दौरान हुई, जब शराब के नशे में हुई बहस ने खूनी मोड़ ले लिया।
घटनाक्रम: पार्टी से हत्या तक
पुलिस के अनुसार, बुधवार की रात लगभग 7 लोगों का एक समूह धौली थाना क्षेत्र के शिशुपाल गढ़ गांव स्थित 'मां दक्षिणकाली कंस्ट्रक्शन' कार्यालय परिसर में पार्टी कर रहा था। आरोपी उमेश कुमार पटनायक ने पुरी से एक पिस्तौल खरीदी थी, और उसी हथियार के आने की खुशी में यह जश्न मनाया जा रहा था। मृतक टापू नाइक भी इस समूह में शामिल था।
रात करीब 11:30 बजे समूह के भीतर बहस छिड़ गई और शराब के नशे में आरोपी विष्णुप्रसाद सामंतराय उर्फ पिकुन ने पिस्तौल निकालकर टापू नाइक पर गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
अस्पताल और मृत्यु
गोली चलने के बाद उमेश और पिकुन घायल टापू को स्कूटर पर बैठाकर तुरंत कैपिटल अस्पताल ले गए। बाद में उसे शहर के एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक कटक जिले के बैदेश्वर का रहने वाला था और भुवनेश्वर के भरतपुरा थाना क्षेत्र स्थित सीताराम बस्ती में निवास कर रहा था।
झूठी कहानी और सच्चाई का खुलासा
पुलिस को इस घटना की जानकारी बुधवार रात करीब 1 बजे मिली। पुलिस कमिश्नर एस. देवदत्त सिंह के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में उमेश और पिकुन ने एक मनगढ़ंत कहानी पेश की। उन्होंने दावा किया कि मौसी मां ब्रिज के पास दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों ने टापू को गोली मारी और फरार हो गए — एक ने हेलमेट पहना था और दूसरे ने चेहरा मास्क से ढका हुआ था।
हालाँकि, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जाँच से यह कहानी झूठी साबित हुई। गहन पूछताछ के बाद आरोपियों ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली और पुलिस को बताया कि पिस्तौल को एक जलाशय में फेंक दिया गया था। पुलिस ने वह हथियार बरामद कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने जिन आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें उमेश कुमार पटनायक, विष्णुप्रसाद सामंतराय उर्फ पिकुन, रत्नाकर साहू, आलोक जेना, मानस स्वैन, अक्षय प्रधान, कलिंग केशरी पात्रा और चित्रसेन गजेंद्र शामिल हैं। पुलिस के अनुसार पिस्तौल की अवैध खरीद-फरोख्त के सिलसिले में भी जाँच जारी है।
आगे की जाँच
कमिश्नरेट पुलिस ने पुष्टि की है कि हथियार बरामद हो चुका है और सभी आठों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। पिस्तौल की आपूर्ति-श्रृंखला का पता लगाने के लिए पुरी कनेक्शन की भी जाँच की जा रही है। गौरतलब है कि यह घटना तब हुई जब हथियार सेलिब्रेशन के रूप में इस्तेमाल हो रहा था — जो भुवनेश्वर में अवैध शस्त्र प्रसार की गहरी चिंता उठाती है।