राष्ट्रपति भवन में 'चेंज ऑफ गार्ड' समारोह का समय बदला, 7 नवंबर से सुबह 8 बजे होगा आयोजन
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली के फोरकोर्ट में प्रत्येक शनिवार को आयोजित होने वाला 'चेंज ऑफ गार्ड' समारोह अब 7 नवंबर 2026 से सुबह 8 बजे से 9 बजे के बीच संपन्न होगा। गुरुवार, 5 नवंबर को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह परिवर्तन सर्दियों के मौसम के लिए निर्धारित वार्षिक कार्यक्रम का हिस्सा है।
समय में बदलाव का कारण
गर्मियों के मौसम में यह समारोह सुबह 7:30 बजे से 8:30 बजे तक आयोजित किया जाता था। सर्दियों में सूर्योदय देर से होने के कारण प्रत्येक वर्ष इस समारोह के समय में यह मौसमी समायोजन किया जाता है, ताकि दर्शकों और प्रतिभागियों दोनों को बेहतर दृश्यता और सुविधा मिल सके। यह बदलाव एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है जो हर वर्ष की जाती है।
समारोह की विशेषताएँ
यह 30 मिनट का पारंपरिक सैन्य समारोह भारतीय सशस्त्र बलों की अनुशासन, सटीकता और गौरवशाली विरासत का जीवंत प्रदर्शन है। इसमें राष्ट्रपति अंगरक्षक (PBG — President's Bodyguard) के जवान अपनी पारंपरिक औपचारिक पोशाक में सुसज्जित घोड़ों पर सवार होकर 'जयपुर कॉलम' के पीछे से आगे आते हैं, जबकि आर्मी ब्रास बैंड धुनें बजाता रहता है।
परेड कमांडर के आदेश पर गार्ड आगे बढ़ते हैं। निरीक्षण के उपरांत, नया गार्ड पुराने गार्ड के साथ अपनी निर्धारित जगह लेता है और दोनों गार्ड एक-दूसरे को 'नेशनल सैल्यूट' देते हैं। इसके पश्चात नया गार्ड पहरेदारों और संतरियों की समस्त जिम्मेदारियाँ औपचारिक रूप से संभाल लेता है। समारोह का समापन पीबीजी के घुड़सवारी प्रदर्शन और राष्ट्रगान के साथ होता है।
आम जनता पर असर
इस समारोह को देखने के लिए पर्यटकों, छात्रों और आम नागरिकों की बड़ी संख्या प्रत्येक शनिवार राष्ट्रपति भवन पहुँचती है। कार्यक्रम स्थल को राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट (सामने के प्रांगण) में स्थानांतरित किए जाने के बाद से आम जनता की पहुँच पहले की तुलना में अधिक सुगम हो गई है। ध्यान देने योग्य है कि यदि शनिवार को कोई राजपत्रित अवकाश (गजेटेड हॉलिडे) हो, या राष्ट्रपति भवन की ओर से विशेष निर्देश जारी हो, तो उस दिन यह समारोह आयोजित नहीं किया जाता।
वैश्विक परंपरा में भारत का स्थान
'चेंज ऑफ गार्ड' एक प्राचीन सैन्य परंपरा है जो विश्व के अनेक महत्वपूर्ण स्थानों पर आयोजित होती है — जिनमें लंदन का बकिंघम पैलेस और अमेरिका के अर्लिंग्टन में स्थित 'टॉम्ब ऑफ द अननोन सोल्जर' प्रमुख हैं। इसके तहत महलों, किलों और रक्षा प्रतिष्ठानों पर तैनात गार्ड एवं संतरी नियत समय पर बदले जाते हैं, जिससे एक नई टुकड़ी कार्यभार ग्रहण कर सके। राष्ट्रपति भवन में सेरेमोनियल आर्मी गार्ड बटालियन भारत के राष्ट्रपति के लिए औपचारिक गार्ड और संतरी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी निभाती है।
क्या होगा आगे
नया शीतकालीन समय 7 नवंबर 2026 से प्रभावी हो जाएगा और गर्मियों की शुरुआत तक लागू रहेगा, जब समय पुनः पहले के अनुसार समायोजित किया जाएगा। राष्ट्रपति भवन परिसर में आने की योजना बना रहे दर्शकों को सलाह दी जाती है कि वे अद्यतन समय-सारणी के अनुसार अपनी यात्रा की तैयारी करें।