राष्ट्रपति भवन का यू-टर्न: 'चेंज ऑफ गार्ड' रद्द करने का आदेश घंटों में वापस, बांग्लादेश PM की यात्रा पर अनिश्चितता
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति भवन ने 21 अगस्त को महज कुछ घंटों के भीतर अपना फैसला पलट दिया और शनिवार को होने वाली 'चेंज ऑफ गार्ड' सेरेमनी रद्द करने का आदेश वापस ले लिया। यह समारोह बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के औपचारिक स्वागत की फुल रिहर्सल के लिए रोका गया था। इस अचानक यू-टर्न को नई दिल्ली में तारिक रहमान की प्रस्तावित यात्रा को लेकर गहरी अनिश्चितता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
क्या हुआ और कैसे
शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सूचित किया था कि इस शनिवार को 'गार्ड बदलने का समारोह' नहीं होगा। इसके पीछे कारण बताया गया था कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के औपचारिक स्वागत की फुल रिहर्सल राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट में होनी थी। हालाँकि, उसी दिन दोपहर में राष्ट्रपति भवन ने एक नया बयान जारी करते हुए उस प्रेस विज्ञप्ति को औपचारिक रूप से वापस ले लिया।
राजनयिक हलकों में इस घटनाक्रम को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री की यात्रा की तैयारियों में आई किसी रुकावट से जोड़कर देखा जा रहा है, हालाँकि राष्ट्रपति भवन ने इस बारे में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
चेंज ऑफ गार्ड सेरेमनी क्या है
राष्ट्रपति भवन के अनुसार, गार्ड बदलने का समारोह एक प्राचीन सैन्य परंपरा है जिसके तहत किलों, महलों और रक्षा प्रतिष्ठानों पर तैनात गार्ड और संतरी एक निश्चित अंतराल पर बदले जाते हैं, ताकि सैनिकों की नई टुकड़ी कार्यभार संभाल सके। राष्ट्रपति भवन में यह दायित्व सेरेमोनियल आर्मी गार्ड बटालियन का है, जो भारत के राष्ट्रपति के लिए औपचारिक गार्ड और संतरी की व्यवस्था करती है।
आमतौर पर यह 30 मिनट का समारोह हर शनिवार सुबह राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट में आयोजित होता है। यदि शनिवार को सरकारी अवकाश हो या राष्ट्रपति भवन द्वारा पूर्व सूचना दी जाए, तभी इसे स्थगित किया जाता है।
समारोह का स्वरूप और विशेषताएँ
समारोह को अधिक आकर्षक और जनता के अनुकूल बनाने के लिए हाल के वर्षों में इसमें कई बदलाव किए गए हैं। अब इसमें राष्ट्रपति के बॉडीगार्ड्स (PBG) द्वारा अपनी औपचारिक पोशाक में घुड़सवारी का प्रदर्शन शामिल है। समारोह की शुरुआत PBG सैनिकों के जयपुर कॉलम के पीछे से घोड़ों पर सवार होकर आगे बढ़ने से होती है, जबकि आर्मी ब्रास बैंड धुन बजाता है।
इसके बाद परेड कमांडर मार्च करते हुए आते हैं और उनके आदेश पर गार्ड मार्च करता है। निरीक्षण के बाद नया गार्ड पुराने गार्ड के साथ अपनी जगह लेता है और दोनों राष्ट्रीय सलामी का आदान-प्रदान करते हैं। समारोह का समापन PBG की घुड़सवारी और राष्ट्रगान के साथ होता है।
राजनयिक संदर्भ और आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में हुआ है जब भारत-बांग्लादेश संबंध कई मोर्चों पर संवेदनशील दौर से गुज़र रहे हैं। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की प्रस्तावित नई दिल्ली यात्रा को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है। राष्ट्रपति भवन का यह अचानक यू-टर्न राजनयिक तैयारियों में किसी बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है, जिसकी आधिकारिक जानकारी आने वाले घंटों में स्पष्ट होने की उम्मीद है।