अंजनाद्रि पहाड़ी: 462 सीढ़ियाँ चढ़कर हनुमान जी का दर्शन

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अंजनाद्रि पहाड़ी: 462 सीढ़ियाँ चढ़कर हनुमान जी का दर्शन

सारांश

अंजनाद्रि पहाड़ी पर स्थित हनुमान जी का प्राचीन मंदिर भक्तों के लिए श्रद्धा का केंद्र है। यहाँ पहुँचने के लिए चढ़ाई की कठिनाई और प्राकृतिक सौंदर्य इसे खास बनाते हैं।

Key Takeaways

  • अंजनाद्रि पहाड़ी पर हनुमान जी का प्राचीन मंदिर है।
  • यहाँ पहुँचने के लिए 462 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं।
  • हनुमान जी का जन्म इसी पहाड़ी पर हुआ माना जाता है।
  • यह स्थल धार्मिक और प्राकृतिक सौंदर्य का संगम है।
  • हनुमान जन्मोत्सव हर साल मनाया जाता है।

नई दिल्ली, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भक्तों की हनुमान जी में गहरी आस्था होती है। यह माना जाता है कि जहाँ भी राम कथा का आयोजन होता है, वहाँ बालाजी के लिए एक स्थान अवश्य छोड़ा जाता है।

क्या आप जानते हैं कि हनुमान जी का जन्म कहाँ हुआ था? उनके जन्म से जुड़े कई स्थलों को महत्वपूर्ण माना जाता है। महाराष्ट्र से लेकर झारखंड तक, उनकी जन्मस्थली मानी जाती है। आज हम 516 मीटर की ऊँचाई पर स्थित हम्पी की पहाड़ी के प्राचीन स्थल की चर्चा कर रहे हैं।

कर्नाटक के हम्पी, कोप्पल जिले के गंगावती तालुका में आनेगुंडी कस्बे की सीमा पर स्थित अंजनाद्रि पहाड़ी की चोटी पर हनुमान जी का एक प्राचीन मंदिर आज भी विद्यमान है, जिसे उनकी जन्मस्थली माना जाता है। कुछ धार्मिक कथाओं में इसे उस स्थान से जोड़ा गया है जो वानर राज बाली और सुग्रीव के साम्राज्य से संबंधित है, जहाँ हनुमान ने सुग्रीव और प्रभु श्रीराम की पहली मुलाकात कराई थी।

इस पहाड़ी की चोटी पर स्थित मंदिर तक पहुँचने के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 462 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं। चोटी से हम्पी के स्मारकों और तुंगभद्रा नदी का अद्भुत दृश्य दिखाई देता है। इस पहाड़ी से सूर्योदय और सूर्यास्त के मनमोहक दृश्य प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं।

मंदिर तक पहुँचने की सीढ़ियाँ छोटी और खड़ी चढ़ाई के साथ बनी हैं, जिससे यात्रा करना कठिन होता है। पौराणिक कथा के अनुसार, इस पहाड़ी का नाम हनुमान की माता अंजना देवी के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने वानर योद्धा केसरी से विवाह किया था।

किंवदंती है कि हनुमान जी का जन्म भी इसी पर्वत पर हुआ था और इसी पहाड़ी से छलांग लगाकर बालाजी ने सूर्य को निगल लिया था। स्थानीय लोककथाओं के अनुसार, हनुमान जी को पंपा क्षेत्र में भगवान शिव का दिव्य अवतार माना जाता है। हर साल हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है, जिसमें राज्यभर से हजारों श्रद्धालु हनुमान माला की तीर्थयात्रा पूरी करने के लिए इस पहाड़ी पर आते हैं। धार्मिक महत्व के साथ-साथ, अंजनाद्रि पहाड़ी अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी प्रसिद्ध है।

Point of View

बल्कि अपने अद्भुत दृश्य के लिए भी प्रसिद्ध है।
NationPress
19/04/2026

Frequently Asked Questions

अंजनाद्रि पहाड़ी कहाँ स्थित है?
अंजनाद्रि पहाड़ी कर्नाटक के हम्पी के कोप्पल जिले के गंगावती तालुका में स्थित है।
हनुमान जी का जन्म कहाँ हुआ?
हनुमान जी का जन्म अंजनाद्रि पहाड़ी पर हुआ माना जाता है।
इस पहाड़ी तक पहुँचने के लिए कितनी सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं?
इस पहाड़ी की चोटी पर स्थित मंदिर तक पहुँचने के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 462 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं।
हनुमान जन्मोत्सव कब मनाया जाता है?
हर साल हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है।
अंजनाद्रि पहाड़ी की विशेषता क्या है?
अंजनाद्रि पहाड़ी अपनी धार्मिक महत्ता और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है।
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