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क्या अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेले का समापन हो गया? सांस्कृतिक रंगों में डूबे पर्यटक

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क्या अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेले का समापन हो गया? सांस्कृतिक रंगों में डूबे पर्यटक

सारांश

अजमेर में अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेले का भव्य समापन हुआ है, जहाँ खेल और सांस्कृतिक नृत्य ने पर्यटकों के दिलों में एक अद्भुत छाप छोड़ी। इस मेले ने न केवल स्थानीय संस्कृति को प्रदर्शित किया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मेहमानों को भी अपनी ओर आकर्षित किया। यह आयोजन हर साल की तरह इस बार भी सफल रहा।

मुख्य बातें

अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेला राजस्थान की समृद्ध संस्कृति का प्रतीक है।
विदेशी मेहमानों का इस मेले में भाग लेना इसे और भी खास बनाता है।
खेल और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ मेले का मुख्य आकर्षण होती हैं।
स्वच्छता और व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है।
प्रतियोगिताओं में विजेताओं को सम्मानित किया गया।

अजमेर, 5 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। अजमेर में पंद्रह दिवसीय विश्व प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेले का भव्य समापन हो चुका है, जहाँ मेले के अंतिम दिन खेल समारोह और पारंपरिक नृत्य ने पर्यटकों के दिलों को जीत लिया।

समापन के दिन विदेशी महिलाओं ने खेलों में भाग लिया, जहाँ उनका मुकाबला राजस्थान की महिलाओं के साथ हुआ। मेले के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और राजस्थान सरकार के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत भी उपस्थित रहे।

राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन मेले का समापन हुआ है और यह मेला न केवल देश में, बल्कि विदेशों में भी अपनी अमिट छाप छोड़ता है। यह मेला हमारी संस्कृति का प्रतीक है और हमारी राष्ट्रीय एकता को भी मजबूत करता है।

जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा, "इस बार मेला अच्छी व्यवस्था और सुधार के साथ सम्पन्न हुआ है। यहाँ हमारे विदेशी मेहमानों ने भी भाग लिया और मेले का आनंद लिया। हमने प्रशासन की मदद से पशु प्रतियोगिता में भाग लेने वाले पशुओं के लिए बेहतर स्थान का इंतजाम किया और स्वच्छता का भी ध्यान रखा।"

इस अवसर पर अजमेर जिला कलेक्टर लोकबंधु और एडिशनल एसपी ग्रामीण डॉ. दीपक कुमार शर्मा भी उपस्थित थे।

समापन समारोह में घुड़सवारों की रेस भी आयोजित की गई, जिसमें राजस्थान की शौर्य परंपरा को प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही लोक संस्कृति का मनमोहक नजारा भी देखने को मिला, जहाँ राजस्थान की कला और सांस्कृतिक नृत्य जैसे कालबेलिया नृत्य और नगाड़ा वादन की प्रस्तुतियाँ शामिल थीं। मेले में आए विदेशी पर्यटकों ने भी इन लोक प्रस्तुतियों में भाग लिया।

कुछ विदेशी महिलाएं सतरंगी पगड़ी पहने नगाड़ा वादन करती दिखीं, जबकि अन्य महिलाओं को रस्सी खींच प्रतियोगिता में भाग लेते देखा गया। मेले के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को समारोह में पुरस्कृत किया गया। उन्हें ट्रॉफी और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह हमारी राष्ट्रीय एकता और विविधता का प्रतीक भी है। यह आयोजन हर साल हमें एक नई ऊर्जा और एकता का संदेश देता है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेले का मुख्य आकर्षण क्या होता है?
इस मेले का मुख्य आकर्षण सांस्कृतिक नृत्य, खेल प्रतियोगिताएं और पशु प्रतियोगिताएं होती हैं।
क्या इस मेले में विदेशी पर्यटक भाग लेते हैं?
हाँ, हर साल कई विदेशी पर्यटक इस मेले में भाग लेते हैं और भारतीय संस्कृति का अनुभव करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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