27 सितंबर 2026
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एंटी सोशल एक्टिविटीज बिल 2026: सीएम सुवेंदु अधिकारी बोले — 'अफवाहों पर भरोसा न करें, बिल विचाराधीन'

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एंटी सोशल एक्टिविटीज बिल 2026: सीएम सुवेंदु अधिकारी बोले — 'अफवाहों पर भरोसा न करें, बिल विचाराधीन'

सारांश

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने एक्स पर पोस्ट कर साफ किया कि एंटी सोशल एक्टिविटीज बिल 2026 राष्ट्रपति ने नहीं लौटाया। PIB ने भी इन दावों को भ्रामक बताया। बिल केंद्रीय गृह मंत्रालय में विचाराधीन है।

मुख्य बातें

सीएम सुवेंदु अधिकारी ने 27 सितंबर 2026 को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि एंटी सोशल एक्टिविटीज बिल, 2026 को राष्ट्रपति ने वापस नहीं भेजा।
PIB फैक्ट चेक ने बिल लौटाए जाने के दावों को भ्रामक और गलत करार दिया।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, विधेयक अभी परीक्षण प्रक्रिया में है।
राज्य सरकार ने कहा कि उसे बिल वापस किए जाने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधी जानबूझकर झूठी खबरें फैला रहे हैं।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 27 सितंबर 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए स्पष्ट किया कि 'द वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी सोशल एक्टिविटीज बिल, 2026' को राष्ट्रपति द्वारा वापस नहीं भेजा गया है। उन्होंने कहा कि बिल अभी केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास विचाराधीन है और नागरिकों से अपील की कि 'बिना पुष्टि वाली अफवाहों पर विश्वास न करें।'

मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री अधिकारी ने एक्स पर लिखा, "बेबुनियाद प्रचार और दुर्भावनापूर्ण अफवाहों का सच सामने आया। कुछ राजनीतिक विरोधियों और अपने फायदे के लिए काम करने वाले लोगों का एक वर्ग जानबूझकर झूठी खबरें और गुमराह करने वाली बातें फैला रहा है।" उन्होंने आगे कहा, "वे दावा कर रहे हैं कि भारत के राष्ट्रपति ने इस विधेयक को लौटा दिया है। बिना पुष्टि वाली अफवाहों पर विश्वास न करें। सच की ही जीत होगी।"

मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी उन मीडिया रिपोर्टों के संदर्भ में आई, जिनमें दावा किया गया था कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बिल को पुनर्विचार के लिए राज्य सरकार को वापस भेज दिया है।

पीआईबी फैक्ट चेक का स्पष्टीकरण

प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) के फैक्ट चेक विभाग ने उन मीडिया रिपोर्टों को भ्रामक और गलत करार दिया जिनमें यह दावा किया गया था कि राष्ट्रपति ने विधेयक वापस भेज दिया है। PIB के आधिकारिक स्पष्टीकरण के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बताया कि बिल अभी परीक्षण की प्रक्रिया में है और राष्ट्रपति द्वारा इसे वापस लौटाने की कोई सूचना नहीं है।

गौरतलब है कि राज्य सरकार इससे पहले भी इस विधेयक से संबंधित ऐसी मीडिया रिपोर्टों का खंडन कर चुकी है।

विधेयक के बारे में दावे और विवाद

कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह भी आरोप लगाया गया था कि विधेयक का एक प्रावधान केंद्रीय नारकोटिक्स कानून से ओवरलैप कर सकता है, जो संसदीय सर्वोच्चता का प्रश्न उठाता है। हालांकि, राज्य सरकार ने इन दावों को आधारहीन बताते हुए खारिज किया है।

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक सुरक्षा और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। विपक्ष और सरकार के बीच विधेयक के दायरे और प्रभाव को लेकर तनातनी बनी हुई है।

राज्य सरकार का रुख

पश्चिम बंगाल सरकार का कहना है कि उसे बिल वापस किए जाने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। सरकार के अनुसार प्रस्तावित कानून अभी केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास सामान्य विधायी प्रक्रिया के तहत विचाराधीन है।

मुख्यमंत्री अधिकारी ने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि निहित स्वार्थ वाले तत्व जनता में भ्रम फैलाने के लिए फर्जी खबरों का सहारा ले रहे हैं।

आगे की स्थिति

केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से अभी तक बिल पर कोई अंतिम निर्णय सार्वजनिक नहीं किया गया है। विधेयक के केंद्रीय स्तर पर परीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही राष्ट्रपति की स्वीकृति या पुनर्विचार का मार्ग तय होगा। इस बीच, विधेयक और उससे जुड़ी अफवाहों पर राजनीतिक घमासान जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी उजागर करता है कि आधिकारिक संचार की कमी ने ही इस भ्रम को पनपने दिया। केंद्र राज्य विधायी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी जनता में अनिश्चितता पैदा करती है, और इसका फायदा दोनों तरफ के राजनीतिक दल उठाते हैं।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वेस्ट बंगाल एंटी सोशल एक्टिविटीज बिल 2026 क्या है?
'द वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी सोशल एक्टिविटीज बिल, 2026' पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा प्रस्तावित एक विधेयक है जिसका उद्देश्य राज्य में सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण करना है। यह बिल अभी केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास विचाराधीन है।
क्या राष्ट्रपति ने एंटी सोशल एक्टिविटीज बिल वापस भेज दिया है?
नहीं। PIB फैक्ट चेक और राज्य सरकार दोनों ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति ने बिल वापस नहीं भेजा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, विधेयक अभी परीक्षण की प्रक्रिया में है।
सीएम सुवेंदु अधिकारी ने एक्स पर क्या लिखा?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने एक्स पर लिखा कि राजनीतिक विरोधी जानबूझकर झूठी खबरें फैला रहे हैं और बिल लौटाए जाने का दावा गलत है। उन्होंने नागरिकों से अपील की — 'बिना पुष्टि वाली अफवाहों पर विश्वास न करें, सच की ही जीत होगी।'
बिल में नारकोटिक्स कानून से ओवरलैप का दावा क्यों किया जा रहा है?
कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि विधेयक का एक प्रावधान केंद्रीय नारकोटिक्स कानून से ओवरलैप कर सकता है। हालांकि, राज्य सरकार ने इस दावे को आधारहीन बताते हुए खारिज किया है और अभी तक इस पर कोई आधिकारिक केंद्रीय निर्णय सार्वजनिक नहीं हुआ है।
इस विधेयक पर अब आगे क्या होगा?
केंद्रीय गृह मंत्रालय में परीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही राष्ट्रपति की स्वीकृति या पुनर्विचार का मार्ग तय होगा। राज्य सरकार ने कहा है कि उसे अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
राष्ट्र प्रेस
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