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अप्रैल फूल्स डे: कैसे बनी यह मजेदार परंपरा?

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अप्रैल फूल्स डे: कैसे बनी यह मजेदार परंपरा?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि 'अप्रैल फूल' बनने की परंपरा की शुरुआत कैसे हुई? इस लेख में जानें कि यह मजेदार दिन कैसे शुरू हुआ और इसके पीछे का इतिहास क्या है।

मुख्य बातें

अप्रैल फूल्स डे यह 16वीं सदी में शुरू हुआ था।
लोग एक-दूसरे को हंसाने और फंसाने के लिए मजाक करते हैं।
भारत में यह परंपरा अंग्रेजों के समय से चली आ रही है।

नई दिल्ली, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हर वर्ष 1 अप्रैल को लोग अपने दोस्तों, परिवार और कभी-कभी अजनबियों को भी हंसाने और फंसाने में जुट जाते हैं। कोई नकली खबर भेजता है, किसी के बैग में मजेदार चीज रख देता है या और भी कुछ करता है, और फिर यह देखता है कि सामने वाला कैसे हंसता या गुस्सा होता है। यही है अप्रैल फूल्स डे, एक ऐसा दिन जब दुनिया थोड़ी हल्की-फुल्की हो जाती है।

इस दिन का एक लंबा इतिहास है। कहा जाता है कि इसकी शुरुआत 16वीं सदी के फ्रांस से हुई थी, जब 1582 में काउंसिल ऑफ ट्रेंट द्वारा की गई सिफारिश पर फ्रांस ने जूलियन कैलेंडर से ग्रेगोरियन कैलेंडर को अपनाया था।

जूलियन कैलेंडर में नया साल अप्रैल के आस-पास प्रारंभ होता था, जबकि ग्रेगोरियन कैलेंडर में नए साल की शुरुआत 1 जनवरी से होती है। जिन लोगों को इस बदलाव की जानकारी नहीं थी, वे 1 अप्रैल को नए साल का जश्न मनाते रहे, जिससे उन्हें मजाक में 'अप्रैल फूल' कहा जाने लगा। धीरे-धीरे यह परंपरा बन गई, जिसमें लोग पीछे रह जाने वालों को झूठ-मजाक में फंसाते और उन्हें 'अप्रैल फूल' कहकर चिढ़ाते थे। मजेदार बात यह है कि कभी-कभी उन पर कागज की मछली चिपका दी जाती थी, जिसका मतलब होता था, आसानी से फंसने वाला शिकार

यह परंपरा धीरे-धीरे यूरोप और फिर दुनिया के अन्य हिस्सों में फैल गई। अब यह केवल मजाक का दिन बन गया है, जब कोई भी किसी को झूठ-मजाक या हल्के प्रैंक से हंसाने की कोशिश करता है। काम या स्कूल-कॉलेज से छुट्टी नहीं मिलती, लेकिन इस दिन का माहौल इतना हल्का और मजेदार होता है कि हर कोई इसका हिस्सा बनना चाहता है।

भारत में अप्रैल फूल्स डे की शुरुआत अंग्रेजों के समय में हुई थी और अब यह काफी लोकप्रिय हो चुका है। दोस्तों के बीच मैसेज भेजकर फंसाना, सोशल मीडिया पर प्रैंक वीडियो डालना, या ऑफिस में हल्के-फुल्के मजाक करना, सभी इस दिन के हिस्से हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इसकी सांस्कृतिक जड़ें भी गहरी हैं।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अप्रैल फूल्स डे का इतिहास क्या है?
इसकी शुरुआत 16वीं सदी के फ्रांस से हुई थी, जब ग्रेगोरियन कैलेंडर का अपनाया गया।
अप्रैल फूल्स डे पर क्या करते हैं?
लोग इस दिन एक-दूसरे के साथ मजाक करते हैं, जैसे नकली खबर भेजना या मजेदार प्रैंक करना।
भारत में अप्रैल फूल्स डे कब से मनाया जाता है?
भारत में इसकी शुरुआत अंग्रेजों के समय में हुई थी और अब यह बहुत लोकप्रिय हो चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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