12 अक्टूबर 2026
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अराघची ने सऊदी विदेश मंत्री से की बात: क्षेत्रीय संकट का सैन्य समाधान नहीं, तेहरान-रियाद-सना वार्ता को तैयार

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अराघची ने सऊदी विदेश मंत्री से की बात: क्षेत्रीय संकट का सैन्य समाधान नहीं, तेहरान-रियाद-सना वार्ता को तैयार

सारांश

ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने सऊदी समकक्ष से फोन पर सीधे कहा — सैन्य रास्ता नहीं, बातचीत ही एकमात्र हल है। खाड़ी में हूती हमलों के बीच यह कूटनीतिक पहल तेहरान के उस संतुलन का हिस्सा है जिसमें वह हूती समर्थक भी दिखता है और शांति दूत भी।

मुख्य बातें

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने 12 अक्टूबर 2026 की रात सऊदी विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान से फोन पर बातचीत की।
अराघची ने स्पष्ट कहा कि क्षेत्रीय संकटों का कोई सैन्य समाधान नहीं है और राजनीतिक रास्ता ही एकमात्र विकल्प है।
ईरान ने तेहरान, रियाद और सना के बीच वार्ता कराने में हर संभव सहायता देने की पेशकश की।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने रविवार को एक हूती ड्रोन और एक बैलिस्टिक मिसाइल को मार गिराने का दावा किया।
ड्रोन पूर्वी प्रांत में और मिसाइल खमीस मुशैत की ओर दागी गई थी।

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने रविवार, 12 अक्टूबर 2026 की रात सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान से टेलीफोन पर बातचीत की और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की। अराघची ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि क्षेत्रीय संकटों का हल सैन्य कार्रवाई से नहीं, बल्कि राजनयिक और राजनीतिक प्रक्रिया से निकलेगा।

बातचीत की मुख्य बातें

मेहर न्यूज की रिपोर्टों के अनुसार, अराघची ने फैसल बिन फरहान के साथ हुई बातचीत में दो-टूक कहा कि 'केवल सैन्य रास्ते पर जोर देना और राजनीतिक समाधान को नज़रअंदाज़ करना मौजूदा हालात को और जटिल बना देगा।' उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान, सऊदी अरब और यमन के बीच संवाद स्थापित कराने में हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है।

दोनों विदेश मंत्रियों ने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और ताज़ा घटनाक्रम पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। यह वार्ता ऐसे समय में हुई जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है।

हूती हमले और सऊदी गठबंधन की कार्रवाई

सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच जारी संघर्ष ने खाड़ी में तनाव का माहौल और गहरा कर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, रविवार को सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने एक ड्रोन और एक बैलिस्टिक मिसाइल को मार गिराने का दावा किया।

गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी ने सोमवार को बताया कि हूती समूह की ओर से दागे गए इन हथियारों को सफलतापूर्वक रोककर नष्ट कर दिया गया। उन्होंने अलग-अलग बयानों में स्पष्ट किया कि ड्रोन को सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में इंटरसेप्ट किया गया, जबकि बैलिस्टिक मिसाइल दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के खमीस मुशैत शहर की ओर दागी गई थी।

ईरान का राजनयिक रुख

ईरान की ओर से यह बयान महत्वपूर्ण है क्योंकि तेहरान को हूती समूह का समर्थक माना जाता है। अराघची का यह कदम संकेत देता है कि ईरान इस संघर्ष को व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में तब्दील होने से रोकने के लिए कूटनीतिक चैनल खुले रखना चाहता है। गौरतलब है कि सऊदी अरब और ईरान के बीच 2023 में चीन की मध्यस्थता से हुए ऐतिहासिक समझौते के बाद संबंधों में सुधार आया था, और यह फोन वार्ता उसी कूटनीतिक कड़ी की अगली कड़ी मानी जा रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में कई मोर्चों पर तनाव चरम पर है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय किसी भी बड़े सैन्य टकराव को टालने की कोशिश में लगा हुआ है।

आगे की राह

अराघची द्वारा तेहरान-रियाद-सना के बीच त्रिपक्षीय वार्ता की पेशकश इस संकट में एक नया राजनयिक आयाम जोड़ती है। हालाँकि, यमन में हूती हमलों का सिलसिला जारी रहने के बीच इस प्रस्ताव पर अमल कितना व्यावहारिक होगा, यह देखना बाकी है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक ज़मीन पर संघर्ष विराम नहीं होता, तब तक किसी भी वार्ता प्रक्रिया को आगे बढ़ाना कठिन रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे ईरान के दोहरे रुख के संदर्भ में देखना ज़रूरी है — तेहरान एक ओर हूती समूहों को समर्थन देता रहा है और दूसरी ओर 'राजनीतिक समाधान' की बात करता है। यह विरोधाभास इस पूरी कूटनीतिक पहल की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। 2023 के सऊदी-ईरान समझौते के बाद भी यमन संकट थमा नहीं, जो बताता है कि द्विपक्षीय संबंधों का सुधार और ज़मीनी संघर्ष विराम दो अलग-अलग बातें हैं। त्रिपक्षीय वार्ता की पेशकश तब तक खोखली रहेगी जब तक ईरान हूती हथियारबंदी पर ठोस दबाव नहीं बनाता।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने सऊदी FM से क्यों बात की?
अराघची ने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान से फोन पर बातचीत की और यह स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय संकटों का कोई सैन्य समाधान नहीं है। उन्होंने तेहरान, रियाद और सना के बीच वार्ता शुरू कराने में मदद की पेशकश भी की।
हूतियों ने सऊदी अरब पर क्या हमले किए?
रविवार को यमन के हूती समूह ने सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत की ओर एक ड्रोन और खमीस मुशैत शहर की ओर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया कि दोनों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया।
ईरान तेहरान-रियाद-सना वार्ता में क्या भूमिका निभाना चाहता है?
मेहर न्यूज की रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने तीनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कराने और राजनीतिक समाधान तक पहुँचने में हर तरह की सहायता देने की पेशकश की है। यह पेशकश ईरान के उस कूटनीतिक प्रयास का हिस्सा है जिसमें वह खाड़ी तनाव को कम करने में मध्यस्थ की भूमिका में दिखना चाहता है।
सऊदी अरब और ईरान के बीच संबंध हाल में कैसे रहे हैं?
2023 में चीन की मध्यस्थता से सऊदी अरब और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक समझौता हुआ था, जिसके बाद दोनों देशों के संबंधों में सुधार आया। हालाँकि यमन संघर्ष अब भी जारी है और खाड़ी क्षेत्र में हूती हमलों की वजह से तनाव बना हुआ है।
क्या सैन्य कार्रवाई से यमन संकट हल हो सकता है?
ईरान के विदेश मंत्री अराघची के अनुसार, सैन्य रास्ते पर जोर देने से मौजूदा हालात और जटिल होंगे। उनका कहना है कि राजनीतिक समाधान को नज़रअंदाज़ करना संकट को और गहरा करेगा। हालाँकि ज़मीन पर हूती हमलों का सिलसिला जारी रहने से किसी भी वार्ता प्रक्रिया की सफलता अनिश्चित बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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