पश्चिम एशिया तनाव पर अराघची की इराक और तुर्की विदेश मंत्रियों से फोन वार्ता, संघर्ष विस्तार रोकने पर सहमति
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शनिवार, 13 सितंबर 2026 को अपने तुर्की और इराकी समकक्षों के साथ अलग-अलग फोन वार्ताएँ कीं, जिनमें पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को नियंत्रित करने और क्षेत्रीय संघर्षों के विस्तार को रोकने पर केंद्रित चर्चा हुई। इन वार्ताओं का विवरण ईरानी विदेश मंत्रालय द्वारा रविवार सुबह जारी आधिकारिक बयानों में सामने आया।
तुर्की विदेश मंत्री से वार्ता
अराघची और तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान के बीच हुई बातचीत में दोनों पक्षों ने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन किया। दोनों मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि तनाव को और अधिक बढ़ने से रोकना और क्षेत्रीय संघर्षों को नए इलाकों में फैलने से रोकना इस समय की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
दोनों नेताओं ने यह भी रेखांकित किया कि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सतत संवाद और सक्रिय कूटनीतिक प्रयास अनिवार्य हैं। यह वार्ता ऐसे समय हुई जब क्षेत्र में कई मोर्चों पर तनाव के संकेत देखे जा रहे हैं।
इराकी विदेश मंत्री से चर्चा
एक अलग फोन वार्ता में अराघची ने इराक के विदेश मंत्री फुआद हुसैन के साथ दोनों देशों के द्विपक्षीय मुद्दों, क्षेत्रीय घटनाक्रम और जारी कूटनीतिक प्रक्रियाओं पर विचार-विमर्श किया। दोनों मंत्रियों ने ईरान-इराक साझा सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने तथा आपसी समन्वय जारी रखने के महत्व पर जोर दिया।
दोनों नेताओं की साझा राय थी कि क्षेत्रीय घटनाओं को जिम्मेदारी के साथ संभालना जरूरी है और संघर्षों को उभरने या अन्य इलाकों तक पहुँचने से रोकने के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान-ओमान समझौता
इन वार्ताओं के समानांतर, ईरानी अधिकारियों ने शनिवार को घोषणा की कि ईरान और ओमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) के लिए नए प्रवेश और निकास मार्गों की रूपरेखा पर सहमति बना ली है। दोनों देश सोमवार को मस्कट में होने वाली क्षेत्रीय बैठक में खाड़ी देशों को इस सहमति के नतीजों की जानकारी देंगे।
अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने ईरान की वार्ता टीम से जुड़े एक सूत्र के हवाले से बताया कि यह समझौता दोनों देशों के बीच लंबे समय तक चली तकनीकी और कूटनीतिक बातचीत का नतीजा है और अगस्त के आखिर में अंतिम सहमति बनी।
नए मार्ग की रूपरेखा और अमेरिकी असहमति
सूत्र के अनुसार, नए समझौते के तहत खाड़ी क्षेत्र में प्रवेश करने वाला मार्ग पूरी तरह ईरान के क्षेत्रीय समुद्री जल के भीतर होगा, जबकि निकास मार्ग का एक हिस्सा भी ईरान के जलक्षेत्र में आएगा। यह मार्ग ईरान की ओर से तय की गई व्यवस्थाओं के तहत संचालित होगा।
नया तंत्र लागू होने के बाद जलमार्ग का दक्षिणी मार्ग बंद कर दिया जाएगा। सूत्र के मुताबिक, अमेरिका इस दक्षिणी मार्ग को खुला रखना चाहता था। हालांकि, सूत्र ने यह भी स्पष्ट किया कि इस समझौते का अर्थ यह नहीं है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खोल दिया जाएगा।
क्षेत्रीय कूटनीति का आगे का रास्ता
गौरतलब है कि यह कूटनीतिक सक्रियता ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम एशिया में कई देशों के बीच तनाव के कई धागे उलझे हुए हैं। ईरान, तुर्की और इराक — तीनों देशों का इस क्षेत्र में रणनीतिक हित और भौगोलिक निकटता इन वार्ताओं को विशेष महत्व देती है। मस्कट में सोमवार को होने वाली बैठक में होर्मुज समझौते पर खाड़ी देशों की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि क्षेत्रीय कूटनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।