25 जुलाई 2026
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अराघची का बयान: यमन-सऊदी संघर्ष का हल बातचीत से, सैन्य कार्रवाई से नहीं

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अराघची का बयान: यमन-सऊदी संघर्ष का हल बातचीत से, सैन्य कार्रवाई से नहीं

सारांश

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा — यमन और सऊदी अरब के बीच संघर्ष का रास्ता बातचीत से निकलेगा, बंदूक से नहीं। यह बयान तब आया जब ईरान में 3,400 से अधिक मौतें हो चुकी हैं और लगातार 13 रातों के अमेरिकी हमलों के बाद पहली शांत रात बीती।

मुख्य बातें

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 25 जुलाई को कहा कि यमन-सऊदी संघर्ष का कोई सैन्य समाधान नहीं है।
अराघची ने ईरान डेली को दिए साक्षात्कार में सभी पक्षों से संवाद की राह अपनाने की अपील की।
ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार जारी संघर्ष में ईरान में 3,400 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
लगातार 13 रातों के अमेरिकी हमलों के बाद शनिवार तड़के पहली बार कोई नया हमला नहीं हुआ।
लेबनान में संघर्ष से 4,000 से अधिक मौतें; 18 अमेरिकी सैनिक और इजरायल में 24 नागरिक भी मारे गए।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 25 जुलाई को स्पष्ट किया कि यमन और सऊदी अरब के बीच जारी संघर्ष का कोई सैन्य समाधान संभव नहीं है और सभी पक्षों को संवाद की राह पर लौटना होगा। यह बयान दोनों पक्षों के बीच हालिया हमलों और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य क्षेत्र में बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में आया है।

अराघची का स्पष्ट संदेश

ईरानी दैनिक ईरान डेली को दिए एक साक्षात्कार में अराघची ने कहा, 'हम मानते हैं कि यमन, बाब अल-मंदेब और क्षेत्र से जुड़े अन्य मुद्दों का कोई सैन्य समाधान नहीं है।' उन्होंने इन समस्याओं के स्थायी निपटारे के लिए संवाद को अनिवार्य बताया।

अराघची ने यह भी कहा कि बाब अल-मंदेब क्षेत्र में हो रही घटनाएँ यमन, सऊदी अरब और आसपास के देशों के बीच पुराने विवादों की उपज हैं। उन्होंने इस स्थिति के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराने के किसी भी प्रयास को सिरे से नकारा।

क्षेत्र में संघर्ष की स्थिति

खाड़ी क्षेत्र में जारी व्यापक तनाव के बीच ईरान ने बताया कि शनिवार तड़के लगभग दो सप्ताह के लगातार अमेरिकी हमलों के बाद पहली बार कोई नया हमला नहीं हुआ। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन करमानपुर ने कहा कि 'ईरान ने एक शांत रात बिताई।'

गौरतलब है कि इससे पहले की 13 रातों के दौरान अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) की ओर से लगातार हमले किए गए थे। इस बार किसी नई सैन्य कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई।

मानवीय क्षति के आँकड़े

ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, जारी संघर्ष में अब तक ईरान में 3,400 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 18 अमेरिकी सैनिकों और इजरायल में 24 नागरिकों के मारे जाने की भी खबर है।

यह ऐसे समय में आया है जब लेबनान में भी संघर्ष के कारण 4,000 से अधिक लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 38 इजरायली सैनिकों के मारे जाने की रिपोर्ट भी है।

क्षेत्रीय संदर्भ और महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में कई मोर्चों पर एक साथ तनाव चरम पर है। हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच वर्षों पुराना संघर्ष अब व्यापक क्षेत्रीय टकराव का हिस्सा बन चुका है। आलोचकों का कहना है कि बिना राजनयिक पहल के इस संघर्ष का अंत संभव नहीं।

आगे की राह

अराघची के बयान को क्षेत्रीय कूटनीति में ईरान की भूमिका की ओर संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हालाँकि, ईरान और सऊदी अरब के बीच संबंध सुधार की दिशा में कोई ठोस कदम अभी सामने नहीं आया है। कथित तौर पर पर्दे के पीछे वार्ता के प्रयास जारी हैं, लेकिन किसी औपचारिक बैठक की पुष्टि नहीं हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक अंतर्विरोध भी है — ईरान एक ओर सैन्य समाधान को नकारता है, दूसरी ओर हूती विद्रोहियों से उसके संबंधों पर सवाल उठते रहे हैं। 13 रातों के अमेरिकी हमलों के बाद पहली शांत रात महज संयोग हो सकती है या कूटनीतिक दबाव का परिणाम — यह स्पष्ट नहीं। 3,400 से अधिक ईरानी नागरिकों की मौत के बाद तेहरान का संवाद का आह्वान घरेलू दबाव की भी अभिव्यक्ति हो सकती है। मुख्यधारा की कवरेज इस बयान को महज कूटनीतिक बताती है, लेकिन असली सवाल यह है कि ईरान किस मेज पर बैठने को तैयार है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अराघची ने यमन-सऊदी संघर्ष पर क्या कहा?
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि यमन, बाब अल-मंदेब और क्षेत्र से जुड़े मुद्दों का कोई सैन्य समाधान नहीं है। उन्होंने सभी पक्षों से संवाद की राह अपनाने की अपील की।
ईरान में अब तक कितनी मौतें हुई हैं?
ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार जारी संघर्ष में ईरान में 3,400 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 18 अमेरिकी सैनिक और इजरायल में 24 नागरिक भी मारे गए हैं।
अमेरिकी हमलों के बाद पहली शांत रात कब बीती?
शनिवार तड़के लगातार 13 रातों के अमेरिकी हमलों के बाद पहली बार कोई नया हमला नहीं हुआ। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन करमानपुर ने इसकी पुष्टि की।
लेबनान में संघर्ष की स्थिति क्या है?
लेबनान में संघर्ष के कारण 4,000 से अधिक लोगों की मौत की जानकारी दी गई है। इसके साथ ही 38 इजरायली सैनिकों के मारे जाने की भी रिपोर्ट है।
ईरान ने यमन संघर्ष में अपनी भूमिका के बारे में क्या कहा?
अराघची ने स्पष्ट किया कि यमन की स्थिति के लिए ईरान को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने बाब अल-मंदेब क्षेत्र की घटनाओं को यमन, सऊदी अरब और आसपास के देशों के बीच पुराने विवादों से जोड़ा।
राष्ट्र प्रेस
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