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सीतामढ़ी में सेंट्रल बैंक CSP पर सशस्त्र डकैती: तीन बदमाशों ने दिनदहाड़े ₹17 लाख लूटे

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सीतामढ़ी में सेंट्रल बैंक CSP पर सशस्त्र डकैती: तीन बदमाशों ने दिनदहाड़े ₹17 लाख लूटे

सारांश

बिहार के सीतामढ़ी में तीन हथियारबंद बदमाशों ने सेंट्रल बैंक के CSP से दिनदहाड़े ₹17 लाख लूट लिए — शटर गिराया, पिस्तौल दिखाई और फरार हो गए। पूरी वारदात CCTV में कैद है। पुलिस ने संदिग्धों की पहचान का दावा किया है और छापेमारी जारी है।

मुख्य बातें

1 जुलाई 2026 को सीतामढ़ी के रीगा थाना क्षेत्र के अनहदी गाँव में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के CSP पर दिनदहाड़े डकैती हुई।
तीन हथियारबंद बदमाश अपाचे मोटरसाइकिल पर आए और CSP संचालक राजेश्वर ठाकुर को पिस्तौल की नोक पर धमकाकर करीब ₹17 लाख लूट ले गए।
बदमाशों ने शटर गिराकर संचालक को बंधक बनाया और काउंटर व जेब दोनों से नकदी लूटी।
पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसे पुलिस संदिग्धों की पहचान के लिए इस्तेमाल कर रही है।
SHO राजीव कुमार सिंह ने संदिग्धों की पहचान होने का दावा किया; गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

बिहार के सीतामढ़ी जिले में बुधवार, 1 जुलाई 2026 को दिनदहाड़े एक बड़ी डकैती की घटना सामने आई, जब तीन हथियारबंद बदमाशों ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) से करीब ₹17 लाख की नकदी लूट ली। पुलिस के अनुसार, पूरी वारदात रीगा थाना क्षेत्र के अनहदी गाँव में हुई और सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई।

घटनाक्रम: कैसे हुई डकैती

CSP संचालक राजेश्वर ठाकुर उस समय अपनी दुकान के अंदर थे, जब तीन संदिग्ध अपाचे मोटरसाइकिल पर वहाँ पहुँचे। आरोपियों ने कथित तौर पर परिसर में प्रवेश करते ही शटर गिरा दिया, जिससे कोई भी बाहर न जा सके और न ही अंदर आ सके।

इसके बाद बदमाशों ने संचालक को पिस्तौल की नोक पर धमकाया और काउंटर पर रखी नकदी के साथ-साथ संचालक की जेब से भी पैसे लूट लिए। लूट की कुल रकम करीब ₹17 लाख बताई जा रही है। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों मोटरसाइकिल पर फरार हो गए।

पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच

सूचना मिलते ही रीगा पुलिस मौके पर पहुँची और घटनास्थल का मुआयना शुरू किया। अधिकारी CSP परिसर और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खँगाल रहे हैं, जिससे संदिग्धों की पहचान और उनके भागने के रास्ते का पता लगाया जा सके।

रीगा थाने के SHO राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने संदिग्ध लुटेरों की पहचान कर ली है और उन्हें पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि मामला जल्द सुलझ जाएगा, हालाँकि जाँच अभी जारी है।

आम जनता पर असर और स्थानीय चिंताएँ

दिनदहाड़े हुई इस लूट ने इलाके के निवासियों में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है। अनहदी गाँव और आसपास के क्षेत्रों के स्थानीय निवासियों ने पुलिस से आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की माँग की है।

गौरतलब है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएँ उपलब्ध कराने वाले CSP केंद्र अपेक्षाकृत कम सुरक्षा व्यवस्था के कारण आपराधिक घटनाओं का निशाना बनते रहे हैं। यह घटना इस चिंता को एक बार फिर उजागर करती है।

क्या होगा आगे

पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की तलाश में जुटी है और छापेमारी जारी है। SHO राजीव कुमार सिंह के अनुसार, जाँच में प्रगति हो रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की उम्मीद है। मामले में आगे की जानकारी जाँच पूरी होने पर सामने आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनमें न पर्याप्त सुरक्षा गार्ड हैं, न पैनिक बटन, न सशक्त निगरानी तंत्र। बिहार में इस तरह की CSP-लक्षित डकैतियाँ पहले भी हो चुकी हैं, फिर भी नीतिगत सुधार की रफ्तार धीमी रही है। CCTV फुटेज का होना सकारात्मक है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या बैंक और राज्य सरकार मिलकर CSP सुरक्षा मानकों को अनिवार्य बनाएँगे — या अगली डकैती का इंतज़ार किया जाएगा।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीतामढ़ी में सेंट्रल बैंक CSP पर डकैती कब और कहाँ हुई?
यह डकैती 1 जुलाई 2026 को बिहार के सीतामढ़ी जिले के रीगा थाना क्षेत्र के अनहदी गाँव में स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) में हुई। तीन हथियारबंद बदमाशों ने दिनदहाड़े करीब ₹17 लाख लूटे।
बदमाशों ने CSP में लूट कैसे की?
आरोपी अपाचे मोटरसाइकिल पर आए, परिसर में घुसकर शटर गिरा दिया और CSP संचालक राजेश्वर ठाकुर को पिस्तौल दिखाकर धमकाया। इसके बाद काउंटर पर रखी नकदी और संचालक की जेब से पैसे लूटकर फरार हो गए।
क्या लुटेरों की पहचान हो गई है?
रीगा थाने के SHO राजीव कुमार सिंह के अनुसार, पुलिस ने संदिग्ध लुटेरों की पहचान कर ली है और उन्हें पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद है, जिससे जाँच में मदद मिल रही है।
CSP केंद्र क्या होते हैं और ये क्यों निशाना बनते हैं?
CSP यानी ग्राहक सेवा केंद्र, बैंकों के अधिकृत एजेंट होते हैं जो ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में बैंकिंग सेवाएँ उपलब्ध कराते हैं। इनमें आमतौर पर सीमित सुरक्षा व्यवस्था होती है, जिसके कारण ये आपराधिक घटनाओं का आसान निशाना बन जाते हैं।
इस मामले में आगे क्या होगा?
पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की तलाश में छापेमारी जारी रखे हुए है। SHO राजीव कुमार सिंह ने जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया है। जाँच पूरी होने पर आगे की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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