थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का अयोध्या दौरा, रामलला और हनुमानगढ़ी में किए दर्शन
सारांश
मुख्य बातें
थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी शुक्रवार, 5 जून को निजी दौरे पर अयोध्या पहुंचे और हनुमानगढ़ी तथा श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन कर देश की सुरक्षा, समृद्धि और कल्याण की कामना की। सेना प्रमुख का पद संभालने के बाद यह उनका अयोध्या का पहला दौरा था।
अयोध्या आगमन और स्वागत
अयोध्या पहुंचने पर जनरल द्विवेदी का प्रशासनिक और सैन्य अधिकारियों ने औपचारिक स्वागत किया। धार्मिक स्थलों और सैन्य प्रतिष्ठानों में उनके आगमन को लेकर विशेष तैयारियां पूर्व से ही की गई थीं। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस, प्रशासन और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी पूरे दौरे के दौरान सतर्क रहे।
हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना
अयोध्या पहुंचते ही सेना प्रमुख सीधे हनुमानगढ़ी पहुंचे, जहां उन्होंने संकटमोचन हनुमान जी के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न की। इस दौरान उनके परिवार के सदस्य भी उनके साथ उपस्थित रहे। हनुमानगढ़ी परिसर में उनके दौरे को लेकर व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए थे।
रामलला के दरबार में माथा टेका
हनुमानगढ़ी के बाद जनरल उपेंद्र द्विवेदी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र पहुंचे और रामलला के दिव्य दरबार में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में उनके स्वागत के लिए मंदिर प्रशासन और सुरक्षा अधिकारी उपस्थित थे। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के वरिष्ठ पदाधिकारी गोपाल नागरकट्टे ने भी उनका अभिनंदन किया।
दर्शन के दौरान सेना प्रमुख ने मंदिर निर्माण की प्रगति, स्थापत्य कला और परिसर की व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने परकोटा क्षेत्र में स्थित अन्य मंदिरों का भी अवलोकन किया और परिसर की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा को करीब से महसूस किया।
डोगरा रेजीमेंटल सेंटर का निरीक्षण
धार्मिक दर्शन से पूर्व जनरल द्विवेदी ने अयोध्या स्थित डोगरा रेजीमेंटल सेंटर का भी दौरा किया। वहां सैन्य अधिकारियों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया। सेना प्रमुख ने रेजीमेंटल सेंटर की गतिविधियों और प्रशिक्षण व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली।
आध्यात्मिक और सैन्य परंपराओं का संगम
सेना प्रमुख के इस दौरे को रामनगरी की आध्यात्मिक गरिमा और भारतीय सैन्य परंपराओं के बीच एक विशेष जुड़ाव के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों द्वारा प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन की परंपरा भारतीय सेना में दीर्घकाल से रही है। यह दौरा अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर के प्रति देश के उच्च सैन्य नेतृत्व की आस्था को भी रेखांकित करता है।