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अरुणाचल प्रदेश: एसआईआर गणना के बाद 8.87 लाख में से 81% मतदाता ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल

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अरुणाचल प्रदेश: एसआईआर गणना के बाद 8.87 लाख में से 81% मतदाता ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल

सारांश

अरुणाचल प्रदेश में एसआईआर के तहत गणना पूरी होने के बाद 8.87 लाख में से 81% मतदाता ड्राफ्ट सूची में आए। 21 जुलाई से 20 अगस्त तक दावे-आपत्ति का मौका, और अंतिम सूची 22 सितंबर को आएगी।

मुख्य बातें

अरुणाचल प्रदेश के सीईओ पवन कुमार सैन ने 21 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की।
राज्य के 8,87,505 पंजीकृत मतदाताओं में से 7,18,046 यानी 81% ने एन्यूमरेशन फॉर्म जमा किए।
शेष 1,69,459 फॉर्म स्थानांतरण, अनुपस्थिति, मृत्यु या दोहरे पंजीकरण जैसे कारणों से जमा नहीं हुए।
'दावे और आपत्ति' की प्रक्रिया 21 जुलाई से 20 अगस्त 2026 तक चलेगी।
गणना में 26 जिलों के 2,233 बीएलओ और 3,131 बीएलए ने भाग लिया।
अंतिम मतदाता सूची 22 सितंबर 2026 को प्रकाशित होगी।

अरुणाचल प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) पवन कुमार सैन ने मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को राज्य की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की। स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) के अंतर्गत गणना चरण पूरा होने के बाद यह सूची सार्वजनिक की गई, जिसमें राज्य के कुल 8,87,505 पंजीकृत मतदाताओं में से लगभग 81 प्रतिशत — यानी 7,18,046 मतदाता — शामिल हैं। जो पात्र मतदाता इस ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं, वे 21 जुलाई से 20 अगस्त 2026 तक चलने वाली 'दावे और आपत्ति' प्रक्रिया के तहत अपना नाम जुड़वा सकते हैं।

मुख्य घटनाक्रम

14 जुलाई 2026 तक 7,18,046 मतदाताओं ने अपने एन्यूमरेशन फॉर्म जमा कर दिए थे। यह संख्या 2 जून 2026 तक दर्ज कुल 8,87,505 पंजीकृत मतदाताओं का 81 प्रतिशत है। सीईओ सैन ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को ड्राफ्ट सूची सौंपते हुए यह जानकारी दी।

शेष 19% फॉर्म क्यों नहीं आए

सीईओ सैन के अनुसार, बाकी बचे 1,69,459 फॉर्म विभिन्न कारणों से जमा नहीं हो सके। इनमें मतदाताओं का स्थायी रूप से अन्यत्र चले जाना (8.90 प्रतिशत), अनुपस्थित या संपर्क न हो पाना (6.16 प्रतिशत), मृत्यु (2.88 प्रतिशत), दोहरा पंजीकरण (0.56 प्रतिशत) और अन्य कारण (0.60 प्रतिशत) शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वास्तविक और पात्र मतदाता 'दावे और आपत्ति' अवधि के दौरान अपना नाम सूची में जुड़वा सकते हैं।

नाम हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी रहेगी

सीईओ ने जोर देकर कहा कि चुनाव आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सूची में हो और अपात्र नामों को केवल विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत हटाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ईआरओ) या असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (एईआरओ) के लिखित और पर्याप्त कारण वाले आदेश के बिना तथा पूर्व सूचना दिए बगैर किसी का नाम नहीं हटाया जाएगा।

इतने अधिकारियों की रही भागीदारी

एन्यूमरेशन चरण को सफल बनाने में राज्य के 26 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ), 60 ईआरओ, 206 एईआरओ, 248 बूथ लेवल ऑफिसर सुपरवाइजर और 2,233 बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की टीम ने स्वयंसेवकों के साथ मिलकर काम किया। इसके अलावा, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 3,131 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) ने भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाई।

आगे क्या होगा

एसआईआर की पूरी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अरुणाचल प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची 22 सितंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। 'दावे और आपत्ति' की अंतिम तिथि 20 अगस्त 2026 है, इसलिए जो पात्र मतदाता अभी तक सूची से बाहर हैं, उनके पास नाम जुड़वाने का यही अवसर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन शेष 19% — करीब 1.69 लाख मतदाता — की अनुपस्थिति के कारणों पर ध्यान देना ज़रूरी है। 8.90% मतदाताओं का स्थायी रूप से अन्यत्र चले जाना यह दर्शाता है कि राज्य में प्रवासन एक बड़ी चुनौती है जो मतदाता सूची की सटीकता को प्रभावित करती है। 'दावे और आपत्ति' की खिड़की महज एक महीने की है — यह देखना होगा कि दूरदराज़ के क्षेत्रों में रहने वाले पात्र मतदाता इस सीमित समय में अपना नाम जुड़वा पाते हैं या नहीं। पारदर्शी नाम-हटाने की प्रक्रिया की घोषणा सराहनीय है, पर इसका वास्तविक क्रियान्वयन ही इसकी विश्वसनीयता तय करेगा।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरुणाचल प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची 2026 में कितने मतदाता शामिल हैं?
21 जुलाई 2026 को जारी ड्राफ्ट सूची में 7,18,046 मतदाता शामिल हैं, जो राज्य के कुल 8,87,505 पंजीकृत मतदाताओं का लगभग 81 प्रतिशत है। यह आँकड़ा एसआईआर के तहत 14 जुलाई तक जमा हुए एन्यूमरेशन फॉर्मों पर आधारित है।
जिन मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, वे क्या करें?
ऐसे पात्र मतदाता 21 जुलाई से 20 अगस्त 2026 के बीच 'दावे और आपत्ति' प्रक्रिया के तहत अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। सीईओ पवन कुमार सैन ने स्पष्ट किया है कि कोई भी वास्तविक पात्र मतदाता इस अवसर का उपयोग कर सकता है।
अरुणाचल प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची कब जारी होगी?
एसआईआर की पूरी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अंतिम मतदाता सूची 22 सितंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। इससे पहले 'दावे और आपत्ति' की अवधि 20 अगस्त 2026 को समाप्त होगी।
एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) क्या है?
एसआईआर चुनाव आयोग द्वारा संचालित मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है, जिसमें बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर जाकर मतदाताओं से एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाते हैं। इसका उद्देश्य सूची को अद्यतन, सटीक और समावेशी बनाना है।
क्या बिना सूचना के किसी का नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है?
नहीं। सीईओ पवन कुमार सैन ने स्पष्ट किया है कि ईआरओ या एईआरओ के लिखित और पर्याप्त कारण वाले आदेश तथा पूर्व सूचना के बिना किसी का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और कानूनसम्मत होगी।
राष्ट्र प्रेस
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