15 अक्टूबर 2026
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असम-अरुणाचल सीमा विवाद: 123 गांवों का मामला काफी हद तक सुलझा, CM पेमा खांडू का बड़ा बयान

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असम-अरुणाचल सीमा विवाद: 123 गांवों का मामला काफी हद तक सुलझा, CM पेमा खांडू का बड़ा बयान

सारांश

दशकों पुराने असम-अरुणाचल सीमा विवाद में बड़ी सफलता — CM पेमा खांडू के अनुसार 123 में से अधिकांश गांवों का मामला सुलझ चुका है और पापुम पारे के 32 में से 31 क्षेत्रों का निपटारा हो गया है। पूर्वोत्तर में शांति की यह नई बयार क्षेत्रीय स्थिरता का संकेत दे रही है।

मुख्य बातें

अरुणाचल प्रदेश के CM पेमा खांडू ने 14 अक्टूबर 2026 को बताया कि असम-अरुणाचल सीमा के 123 गांवों का विवाद काफी हद तक सुलझ गया है।
पापुम पारे जिले के 32 विवादित क्षेत्रों में से 31 का निपटारा संयुक्त क्षेत्र दौरों के बाद हो चुका है।
दोनों राज्य 804 किलोमीटर लंबी साझा सीमा पर दशकों पुराने विवाद सुलझाने में जुटे हैं।
चकमा मुद्दे सहित अन्य लंबित विषयों पर वार्ता प्रगति पर है; विवरण बाद में साझा किया जाएगा।
CM ने नाहरलागुन के ताराजुली में डोनी पोलो बहुउद्देशीय हॉल का उद्घाटन किया, जिसे सामुदायिक संकल्प का प्रतीक बताया।
हैदराबाद में प्रशिक्षित 50 युवाओं ने पासीघाट में परियोजना ₹10 लाख में पूरी की, बाहरी टीम का प्रस्ताव ₹18 लाख था।

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने 14 अक्टूबर 2026 को इटानगर में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा पर स्थित 123 गांवों से जुड़े दशकों पुराने अंतरराज्यीय सीमा विवाद काफी हद तक सुलझा लिए गए हैं। यह बयान उस समय आया है जब दोनों राज्य 804 किलोमीटर लंबी साझा सीमा पर शांति और प्रशासनिक स्थिरता की दिशा में ठोस कदम उठा रहे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री खांडू ने बताया कि क्षेत्रीय समितियों के हालिया संयुक्त क्षेत्र दौरों के बाद पापुम पारे जिले के 32 विवादित क्षेत्रों में से 31 का सफलतापूर्वक निपटारा हो चुका है। यह प्रगति उल्लेखनीय है क्योंकि यह विवाद वर्षों से दोनों राज्यों के बीच तनाव का कारण बना हुआ था।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चकमा मुद्दे सहित अन्य लंबित विषयों को सुलझाने की प्रक्रिया भी प्रगति पर है। खांडू के अनुसार, लोगों को उचित समय पर सभी घटनाक्रमों से अवगत कराया जाएगा।

सांस्कृतिक संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री ने बुधवार को नाहरलागुन के निकट ताराजुली स्थित गालो हेरिटेज सेंटर में डोनी पोलो बहुउद्देशीय हॉल का उद्घाटन किया। उन्होंने इस परियोजना को सामुदायिक भागीदारी और सांस्कृतिक संकल्प का प्रतीक बताया।

गौरतलब है कि नाहरलागुन स्थित मोपिन मैदान गालो समुदाय द्वारा स्वेच्छा से राज्य के पहले मेडिकल कॉलेज — टोमो रिबा इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल साइंसेज (TRIHMS) — के निर्माण के लिए सौंपा गया था। खांडू ने इसे सरकारी वित्त पोषण से कहीं बढ़कर जनभावना का उदाहरण बताया।

कौशल विकास और आत्मनिर्भरता का आह्वान

मुख्यमंत्री खांडू ने स्थानीय युवाओं से निर्माण, विद्युत और प्लंबिंग क्षेत्र में प्रशिक्षण लेने का आग्रह किया, ताकि राज्य बाहरी कुशल श्रमिकों पर निर्भरता कम कर सके। उन्होंने हैदराबाद के राष्ट्रीय कौशल केंद्र में प्रशिक्षित 50 युवाओं का उदाहरण दिया, जिन्होंने पासीघाट में एक परियोजना मात्र ₹10 लाख में पूरी की — जबकि बाहरी टीम ने इसके लिए ₹18 लाख का प्रस्ताव रखा था।

उन्होंने कहा कि विकसित देश श्रम को उच्च सम्मान देते हैं और अरुणाचल प्रदेश को भी ऐसी ही कार्य संस्कृति की आवश्यकता है।

आदिवासी पहचान और भाषा संरक्षण की चिंता

खांडू ने चेतावनी दी कि राष्ट्रीय संदर्भ में अरुणाचल प्रदेश की आदिवासी आबादी संख्या में सीमित है, और भाषा एवं परंपरा के लुप्त होने से जनजातीय पहचान खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार नीतिगत सहायता दे सकती है, लेकिन विरासत को संरक्षित कर अगली पीढ़ी तक पहुँचाने की ज़िम्मेदारी स्वयं समुदायों की है।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों के बीच अंतरराज्यीय सीमा विवाद केंद्र सरकार की प्राथमिकता सूची में हैं। असम-मेघालय और असम-मिज़ोरम सीमा वार्ताओं के बाद अब असम-अरुणाचल प्रदेश मामले में भी प्रगति से क्षेत्रीय स्थिरता की उम्मीद बढ़ी है। शेष विवादित क्षेत्रों एवं चकमा मुद्दे पर भविष्य के घटनाक्रमों पर सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'काफी हद तक सुलझ गया' और 'पूरी तरह सुलझ गया' के बीच का फ़र्क महत्वपूर्ण है। पूर्वोत्तर में असम-मेघालय और असम-मिज़ोरम सीमा वार्ताओं में भी इसी तरह के आशावादी बयान आए थे, लेकिन ज़मीनी क्रियान्वयन अक्सर घोषणाओं से पीछे रहा। चकमा मुद्दे पर अस्पष्टता और 'उचित समय पर' जानकारी देने का वादा यह सवाल उठाता है कि क्या कुछ संवेदनशील पहलू अभी भी अनसुलझे हैं। मुख्यधारा की कवरेज उद्घाटन और कौशल के प्रेरक प्रसंगों तक सीमित रहती है — असली परीक्षा यह है कि निपटारे का कानूनी और प्रशासनिक दस्तावेज़ीकरण कब सार्वजनिक होगा।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा विवाद में 123 गांवों का क्या मामला है?
असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच 804 किलोमीटर लंबी सीमा पर 123 गांवों को लेकर दशकों से अंतरराज्यीय विवाद चला आ रहा था। CM पेमा खांडू के अनुसार, इनमें से अधिकांश विवाद अब काफी हद तक सुलझा लिए गए हैं।
पापुम पारे जिले में कितने विवादित क्षेत्रों का निपटारा हुआ?
संयुक्त क्षेत्र दौरों के बाद पापुम पारे जिले के 32 विवादित क्षेत्रों में से 31 का निपटारा हो चुका है। केवल एक क्षेत्र अभी भी विचाराधीन है।
चकमा मुद्दा क्या है और इसका क्या होगा?
चकमा मुद्दा अरुणाचल प्रदेश में चकमा शरणार्थियों की नागरिकता और बसावट से जुड़ा एक लंबे समय से लंबित विषय है। CM खांडू ने कहा है कि इस मुद्दे को सुलझाने के प्रयास प्रगति पर हैं और उचित समय पर जानकारी साझा की जाएगी।
CM खांडू ने कौशल विकास पर क्या कहा?
खांडू ने स्थानीय युवाओं को निर्माण, विद्युत और प्लंबिंग क्षेत्र में प्रशिक्षित होने का आह्वान किया। उन्होंने हैदराबाद के राष्ट्रीय कौशल केंद्र में प्रशिक्षित 50 युवाओं का उदाहरण दिया, जिन्होंने पासीघाट में एक परियोजना ₹10 लाख में पूरी की जबकि बाहरी टीम ने ₹18 लाख का प्रस्ताव दिया था।
डोनी पोलो बहुउद्देशीय हॉल का उद्घाटन कहाँ हुआ?
CM खांडू ने 14 अक्टूबर 2026 को नाहरलागुन के निकट ताराजुली स्थित गालो हेरिटेज सेंटर में डोनी पोलो बहुउद्देशीय हॉल का उद्घाटन किया। यह भवन उसी भूमि पर निर्मित है जो गालो समुदाय ने राज्य के पहले मेडिकल कॉलेज TRIHMS के लिए स्वेच्छा से दी थी।
राष्ट्र प्रेस
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