25 सितंबर 2026
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दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर असम CM हिमंता का नमन — 'अंत्योदय से राष्ट्रोदय' की राह

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दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर असम CM हिमंता का नमन — 'अंत्योदय से राष्ट्रोदय' की राह

सारांश

दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर लिखा — 'अंत्योदय से राष्ट्रोदय'। उनका यह संदेश सिर्फ श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि BJP शासित राज्यों में उपाध्याय के एकात्म मानववाद दर्शन को नीतिगत आधार बनाने की बड़ी कोशिश का हिस्सा है।

मुख्य बातें

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 25 सितंबर 2026 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर एक्स पर श्रद्धांजलि दी।
सरमा ने अंत्योदय दर्शन को शासन का मार्गदर्शक सिद्धांत बताया — विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने पर ज़ोर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उसी दिन उपाध्याय को याद किया और अंत्योदय को जन कल्याण एवं राष्ट्रीय प्रगति की प्रेरणा बताया।
दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 1916 में हुआ था; वे भारतीय जनसंघ के वरिष्ठ नेता और एकात्म मानववाद के प्रणेता थे।
25 सितंबर को राष्ट्रीय स्तर पर दीनदयाल उपाध्याय जयंती के रूप में मनाया जाता है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 25 सितंबर 2026 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका अंत्योदय दर्शन आज भी शासन की दिशा तय करता है — यह सुनिश्चित करते हुए कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई पोस्ट में सरमा ने अंत्योदय को सुशासन की आत्मा बताया।

मुख्यमंत्री का संदेश

सरमा ने एक्स पर लिखा, 'अंत्योदय से राष्ट्रोदय तक। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर मैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। उनका अंत्योदय का दर्शन आज भी हमारा मार्गदर्शन करता है, यह सुनिश्चित करता है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे और उसके माध्यम से राष्ट्र सशक्त बने।' यह संदेश असम सरकार की कल्याणकारी प्राथमिकताओं से भी सीधे जुड़ा है, जिसे मुख्यमंत्री अपने शासन एजेंडे के केंद्र में रखते हैं।

दीनदयाल उपाध्याय: विचार और विरासत

पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 1916 में हुआ था। वे भारतीय जनसंघ के वरिष्ठ नेता और प्रमुख विचारक थे — जनसंघ ही आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) बना। उन्होंने एकात्म मानववाद का दर्शन प्रस्तुत किया और अंत्योदय की अवधारणा को सामाजिक-आर्थिक उत्थान के सिद्धांत के रूप में स्थापित किया, जिसमें समाज की सबसे निचली पायदान पर खड़े व्यक्ति के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी किया स्मरण

इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पूर्व जनसंघ नेता को याद किया। उन्होंने समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान पर उपाध्याय के बल को रेखांकित किया और अंत्योदय को जन कल्याण व राष्ट्रीय प्रगति की प्रेरणाशक्ति बताया। गौरतलब है कि 25 सितंबर को राष्ट्रीय स्तर पर दीनदयाल उपाध्याय जयंती के रूप में मनाया जाता है, और BJP तथा उससे संबद्ध संगठन इस दिन देशभर में कार्यक्रम आयोजित करते हैं।

असम में शासन एजेंडे से जुड़ाव

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा अक्सर कल्याणकारी योजनाओं और समावेशी विकास को अपनी सरकार के शासन एजेंडे के प्रमुख स्तंभ के रूप में सामने रखते हैं। उनकी यह श्रद्धांजलि भी उसी सोच की निरंतरता है — उपाध्याय के अंत्योदय दर्शन को समकालीन नीतिगत विमर्श से जोड़ने का प्रयास। यह ऐसे समय में आया है जब BJP शासित राज्यों में उपाध्याय की वैचारिक विरासत को प्रशासनिक प्रेरणा के रूप में सक्रिय रूप से उद्धृत किया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसकी पहुँच और सशक्तिकरण को मापने के लिए कोई स्पष्ट सार्वजनिक सूचकांक नहीं दिया जाता। अंत्योदय को शासन की भाषा में बार-बार उद्धृत करना तब अधिक अर्थपूर्ण होगा जब असम में कल्याण योजनाओं की पहुँच और क्रियान्वयन के ठोस आँकड़े सामने आएँ।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंडित दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय दर्शन क्या है?
अंत्योदय का अर्थ है समाज के सबसे अंतिम और वंचित व्यक्ति का उत्थान। दीनदयाल उपाध्याय ने इस सिद्धांत को अपने एकात्म मानववाद दर्शन के केंद्र में रखा, जिसमें सामाजिक और आर्थिक विकास की शुरुआत समाज की निचली पायदान से करने की वकालत की गई।
दीनदयाल उपाध्याय जयंती कब मनाई जाती है?
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती हर वर्ष 25 सितंबर को मनाई जाती है। उनका जन्म 1916 में हुआ था और वे भारतीय जनसंघ के वरिष्ठ नेता थे, जो आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) बना।
असम CM हिमंता बिस्वा सरमा ने दीनदयाल उपाध्याय को किस तरह श्रद्धांजलि दी?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 25 सितंबर 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट साझा कर उपाध्याय को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने 'अंत्योदय से राष्ट्रोदय' का संदेश देते हुए उनके दर्शन को शासन का मार्गदर्शक बताया।
क्या प्रधानमंत्री मोदी ने भी दीनदयाल उपाध्याय को याद किया?
हाँ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 25 सितंबर को उपाध्याय को याद किया और अंत्योदय को जन कल्याण व राष्ट्रीय प्रगति की प्रेरणा बताया। उन्होंने समाज की आखिरी पंक्ति के व्यक्ति के उत्थान पर उपाध्याय के बल को विशेष रूप से रेखांकित किया।
दीनदयाल उपाध्याय का BJP से क्या संबंध है?
दीनदयाल उपाध्याय भारतीय जनसंघ के वरिष्ठ नेता और प्रमुख विचारक थे। जनसंघ ही आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) बना, इसलिए BJP उन्हें अपनी वैचारिक नींव का एक अहम स्तंभ मानती है।
राष्ट्र प्रेस
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