असम चुनाव में कांग्रेस और जेएमएम के बीच सीट बंटवारे पर मनोज पांडे का बयान
सारांश
Key Takeaways
- मनोज पांडे ने कांग्रेस को गठबंधन धर्म निभाने का सुझाव दिया।
- असम में धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाने के लिए सीट बंटवारे की आवश्यकता है।
- कांग्रेस झारखंड मुक्ति मोर्चा को कम सीटें देना चाहती है।
रांची, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के प्रवक्ता मनोज पांडे ने असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर चल रही खींचतान और सीटों के बंटवारे पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में मनोज पांडे ने कहा, "यदि कांग्रेस गठबंधन को लेकर गंभीर है, तो उन्हें हमारे द्वारा घोषित सीटों को छोड़कर शेष सीटों पर उम्मीदवार खड़ा करना चाहिए। असम में एक धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाने के लिए, कांग्रेस को गठबंधन धर्म निभाना होगा, क्योंकि हम अपनी सीमाओं से अधिक नहीं झुक सकते। हमें अपने मान-सम्मान के साथ समझौता नहीं करना चाहिए। हमारे जनाधार और हेमंत सोरेन की लोकप्रियता के अनुसार हमें हमारा हक मिलना चाहिए।"
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के बयान पर डेमोक्रेटिक प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा, "गौरव गोगोई असम के नेताओं और राज्य को अच्छी तरह समझते हैं। उनकी बातों में कुछ सच्चाई है, क्योंकि जो लोग पहले कांग्रेस में थे, वे अब भाजपा पर हावी हैं।"
टीएमसी से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर की पार्टी के साथ ओवैसी के चुनाव लड़ने पर मनोज पांडे ने कहा, "मुझे लगता है कि ओवैसी ने कुछ राज्यों में कुछ हद तक सफलता पाई है। उन्होंने भाजपा को मजबूत किया है और धर्मनिरपेक्ष दलों को कमजोर किया है, जिससे उनका मनोबल बढ़ा है। मेरा मानना है कि बंगाल की स्थिति में वे कहीं भी उपयुक्त नहीं होंगे।"
असम विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत करने के लिए असम कांग्रेस के प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह और अध्यक्ष गौरव गोगोई रांची आए थे। हालांकि, अभी तक दोनों दलों के बीच सीट शेयरिंग पर सहमति नहीं बन सकी है।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस झारखंड मुक्ति मोर्चा को कम सीटें देना चाहती है, जबकि पार्टी ने तय सीटों पर चुनाव लड़ने का मन बना लिया है।