खोंगजोम युद्ध स्मारक पर असम राइफल्स की विरासत पहल, 114 छात्रों को 1891 के युद्ध का इतिहास पढ़ाया
सारांश
मुख्य बातें
असम राइफल्स ने 1 जून 2026 को मणिपुर के काकचिंग जिले स्थित खोंगजोम युद्ध स्मारक पर ऐतिहासिक जागरूकता और विरासत संरक्षण की एक बहु-चरणीय पहल पूरी की, जिसमें 114 छात्रों को 1891 के खोंगजोम युद्ध के इतिहास से परिचित कराया गया। रक्षा विभाग के अनुसार यह अभियान जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित किया गया।
मुख्य घटनाक्रम
पहल की शुरुआत असम राइफल्स और जिला प्रशासन के अधिकारियों के संयुक्त निरीक्षण से हुई, जिसमें स्मारक की जीर्णोद्धार आवश्यकताओं का आकलन किया गया और सौंदर्यीकरण व रखरखाव के उपायों की पहचान की गई। इसके बाद एक ऐतिहासिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ, जो संवादात्मक सत्रों और चर्चाओं पर आधारित था।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले 114 प्रतिभागियों में 64 एनसीसी कैडेट, स्लोपलैंड हायर सेकेंडरी स्कूल, काकचिंग के 20 छात्र और असम राइफल्स पब्लिक स्कूल, काकचिंग के 20 छात्र शामिल थे।
1891 के खोंगजोम युद्ध का ऐतिहासिक महत्व
1891 का खोंगजोम युद्ध मणिपुर के इतिहास का एक निर्णायक अध्याय है, जो मणिपुरी योद्धाओं की वीरता, बलिदान और देशभक्ति का प्रतीक माना जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर-पूर्व भारत में सांस्कृतिक पहचान और विरासत संरक्षण को लेकर चर्चाएँ तेज़ हैं। गौरतलब है कि खोंगजोम युद्ध स्मारक इस क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण स्मृति-स्थलों में से एक है।
विरासत स्वच्छता अभियान
पहल का समापन 1 जून को एक विरासत स्वच्छता अभियान के साथ हुआ, जिसमें असम राइफल्स के जवानों ने छात्रों और एनसीसी कैडेटों के साथ मिलकर स्मारक परिसर की सफाई की। अभियान में पगडंडियों, सार्वजनिक क्षेत्रों और आसपास के भूभागों को शामिल किया गया।
स्थानीय निवासियों और आगंतुकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता अभियान ने स्मारक की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं में नागरिक जिम्मेदारी और ऐतिहासिक चेतना की भावना को भी प्रबल किया है।
सेना का संदेश युवा पीढ़ी को
काकचिंग में तैनात असम राइफल्स के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभागियों से सीधी बातचीत की और मातृभूमि के इतिहास को समझने तथा विरासत स्थलों को सावधानी, जिम्मेदारी और सम्मान के साथ संरक्षित करने के महत्व पर जोर दिया। अधिकारियों ने युवा पीढ़ी को भावी पीढ़ियों के लिए ऐतिहासिक स्थलों और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया।
आगे की राह
संयुक्त निरीक्षण में चिह्नित जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण उपायों पर आगे की कार्रवाई जिला प्रशासन और असम राइफल्स के समन्वय से अपेक्षित है। यह पहल उत्तर-पूर्व में सैन्य-नागरिक साझेदारी के तहत सांस्कृतिक विरासत संरक्षण के व्यापक प्रयासों का हिस्सा मानी जा रही है।