आठवले का 'इंडिया' गठबंधन पर पलटवार: 'विपक्ष के पास मुद्दे नहीं, इसलिए हर बार नए बहाने'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने 22 अक्टूबर 2026 को मुंबई में 'इंडिया' गठबंधन की हालिया बैठक और विपक्ष के 'वोट चोरी' के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। आठवले ने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस राजनीतिक मुद्दा नहीं बचा है और वह चुनाव आयोग के खिलाफ नए-नए बहाने तलाशकर विरोध प्रदर्शन जारी रखता है।
एसआईआर विवाद और विपक्ष की रणनीति
आठवले ने कहा, 'मेरा मानना है कि विपक्ष को एसआईआर के मुद्दे पर बैठकें करने और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का पूरा अधिकार है। उनका यह रुख है कि मतदाता सूची बिल्कुल सही होनी चाहिए, ताकि फर्जी वोटिंग न हो या मतदाताओं के नाम गलत तरीके से न हटाए जाएं, तो यह अलग बात है।' हालाँकि उन्होंने जोर देकर कहा कि असल नीयत विरोध के लिए बहाने खोजने की है।
2024 के चुनावों से तुलना
2024 के लोकसभा चुनावों का जिक्र करते हुए आठवले ने विपक्ष के 'वोट चोरी' के आरोप को उन्हीं पर पलट दिया। उन्होंने कहा, 'हम भी उन पर 2024 के चुनावों को लेकर आरोप लगा सकते हैं कि जब प्रधानमंत्री मोदी ने '400 पार' का लक्ष्य रखा था और हमें उतनी सीटें नहीं मिलीं, तो क्या हमें भी उन (विपक्ष) पर ज्यादा सीटें पाने के लिए वोट चुराने का आरोप लगाना चाहिए?' यह ऐसे समय में आया है जब 'इंडिया' गठबंधन ने चुनाव आयोग पर मतदाता सूची से नाम हटाने के संबंध में दबाव बनाए रखा है।
मतदाता सूची पर चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण
आठवले ने बताया कि चुनाव आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि जिन लोगों का नाम मतदाता सूची से हटाया गया है, वे दोबारा अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। उनके अनुसार, जो 13 करोड़ लोगों के नाम हटाए गए उनमें 6.20 करोड़ स्थानांतरित, 2.80 करोड़ मृत और 3 करोड़ लापता व्यक्ति शामिल थे। इसके अलावा लगभग 1 करोड़ ऐसे लोग थे जिनके नाम एक से अधिक जगह दर्ज थे।
टाइगर श्रॉफ पर हमले की निंदा
आठवले ने अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए कथित हमले की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि टाइगर का सलमान खान की फिल्म में काम करने के कारण उन पर हमला करना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा, 'मुंबई जैसे शहर में इस तरह गोलीबारी की घटना सही नहीं है। इस पर पुलिस को ध्यान देना चाहिए और आगे किसी को भी फिर से हमला करने का अवसर नहीं मिलना चाहिए।'
संजय राउत पर पलटवार
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के हालिया बयानों पर आठवले ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'वे अपने सपनों में बेतुकी बातें करते रहते हैं। उनकी बातों का कोई मतलब नहीं होता। इससे पहले भी संजय राउत कहते थे कि 2024 में हमारी सरकार गिर जाएगी, जबकि सरकार गिरने की कोई संभावना या संकेत तक नहीं थे।' गौरतलब है कि सत्तारूढ़ गठबंधन ने उस चुनाव में 237 सीटें जीती थीं, जो उनकी अपेक्षाओं से अधिक थीं। आठवले के अनुसार विपक्ष अहंकार में आकर यह सोच रहा है कि वह सड़क पर विरोध प्रदर्शनों से सरकार बदल सकता है।