अयोध्या में रामनवमी: श्रद्धालुओं का सैलाब, सरयू में डुबकी से मिली आस्था
सारांश
Key Takeaways
- रामनवमी का उत्सव अयोध्या में धूमधाम से मनाया गया।
- श्रद्धालुओं ने सरयू नदी में स्नान किया और आस्था व्यक्त की।
- भक्तों ने भजन-कीर्तन के माध्यम से उत्सव की रौनक बढ़ाई।
- प्रयागराज में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।
- रामलला की भव्य आरती में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
अयोध्या, २७ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। रामलला की जन्मभूमि अयोध्या में शुक्रवार का माहौल पूरी तरह भक्ति और उत्साह से भरा हुआ दिखाई दे रहा है। रामनवमी के अवसर पर देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से लोग यहाँ भगवान राम का जन्मोत्सव मनाने के लिए पहुंच रहे हैं। सुबह से ही सरयू नदी के किनारे जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर कोई आस्था के साथ पवित्र नदी में डुबकी लगाकर खुद को धन्य महसूस कर रहा है।
राम पथ पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। लोग भजन-कीर्तन करते हुए, जय श्रीराम के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। पूरे शहर में एक अलग ही ऊर्जा और सकारात्मक माहौल था। मंदिर में सुबह-सुबह भगवान राम लला की भव्य आरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मंदिर के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं और लोग धैर्यपूर्वक अपने दर्शन का इंतजार करते दिखे।
एक श्रद्धालु ने कहा, "आज हम सभी हिंदुओं के लिए गर्व का दिन है। हमारे प्रभु मर्यादा पुरुषोत्तम रामचंद्र जी का आज जन्मोत्सव है। आज ही के दिन हम नए संवत्सर में प्रवेश कर रहे हैं, इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। हम लोग आज पवित्र सरयू में स्नान करके पुण्य के भागीदार बन रहे हैं।"
वहीं, एक अन्य भक्त ने कहा, "सरयू के जल में स्नान करके मन को बहुत शांति और ठंडक मिली। यहाँ इतनी बड़ी संख्या में लोगों को देखकर दिल खुश हो गया। ऐसा लगता है जैसे पूरी दुनिया की भक्ति एक जगह इकट्ठा हो गई हो।" उन्होंने यह भी बताया कि मान्यता है कि इस दिन देवी-देवता भी यहाँ स्नान करने आते हैं, इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।
उधर प्रयागराज में भी रामनवमी पर खास रौनक देखने को मिली। त्रिवेणी संगम पर हजारों श्रद्धालु पवित्र स्नान करने पहुंचे। लोगों का मानना है कि संगम में डुबकी लगाने से पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-शांति आती है।