बाबिल खान का दीपावली पर खुलासा: गिफ्ट नहीं, उसके पीछे की भावना है असली मायने
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता बाबिल खान ने 7 नवंबर 2026 को मुंबई में एक बातचीत के दौरान स्वीकार किया कि दीपावली के मौसम में उपहार पाने पर वे अपनी प्रतिक्रिया छिपा नहीं पाते — खासकर तब, जब सामने सोन पापड़ी का वही जाना-पहचाना डिब्बा हो, जो हर पर्व पर घर-घर की यात्रा करता है। उन्होंने साफ कहा कि गिफ्ट की कीमत से ज्यादा, उसे देने वाले की भावना उनके लिए मायने रखती है।
सोन पापड़ी और असली जज़्बात
बाबिल ने बड़े ही दिलचस्प अंदाज में बताया, 'मुझे लगता है हर किसी ने पासिंग-द-पार्सल वाले रॉक-हार्ड, नियॉन-ग्लेज्ड सोन पापड़ी के डिब्बे का सामना किया है। उस डिब्बे को देखकर ऐसा लगता है कि जैसे वो लिविंग रूम तक पहुंचने से पहले तीन पोस्टल कोड से होकर गुजरा है।' यह टिप्पणी उनके बेबाक और हाज़िरजवाब स्वभाव की झलक देती है।
हालाँकि अभिनेता ने यह भी जोड़ा कि ऐसी हँसी के बावजूद वे गिफ्ट के पीछे की गर्मजोशी का पूरा सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा, 'भले ही कोई गिफ्ट ऐसा न हो जिसे मैं खुद इस्तेमाल करूं, लेकिन किसी के द्वारा कुछ रैप करके भेजने और शुभकामनाएं देने के पीछे की भावना सच में दिल को छू जाती है।'
दिखावे से दूरी — बाबिल का स्वभाव
बाबिल खान ने बताया कि उन्हें किसी भी चीज का दिखावा करना पसंद नहीं है और उनका चेहरा उनके मन की बात आधे सेकंड में ही ज़ाहिर कर देता है। यह ईमानदारी उनके व्यक्तित्व की पहचान बन चुकी है। उन्होंने कहा, 'मेरा चेहरा ऐसा है, जिसे देखकर आधे सेकंड में ही लोग सब कुछ बता देते हैं।'
दीपावली की परंपरा — शांति और मम्मा के साथ दीये
अभिनेता ने अपनी दीपावली मनाने के तरीके के बारे में भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया, 'मेरे लिए दीपावली हमेशा से शांत, रस्मों से जुड़ी रही है, न कि तेज शोर-शराबे से।' हर साल वे अपनी माँ के साथ मिलकर सरसों के तेल और रुई की बत्ती वाले पारंपरिक मिट्टी के दीये सजाते हैं और बिना जल्दबाजी के कुछ घंटे उनके साथ बिताते हैं।
यह बात इस लिहाज़ से भी उल्लेखनीय है कि इरफान खान के पुत्र बाबिल शुरू से ही अपने पिता की विरासत को सरलता और गहराई से आगे ले जाने के लिए जाने जाते हैं। परिवार और परंपरा से जुड़ाव उनके जीवन का अहम हिस्सा नज़र आता है।
ओवरथिंकिंग छोड़ना है इस दीपावली का संकल्प
जब उनसे पूछा गया कि वे इस दीपावली क्या पीछे छोड़ना और क्या अपनाना चाहते हैं, तो बाबिल का जवाब उनकी भावनात्मक परिपक्वता को दर्शाता है। उन्होंने कहा, 'ओवरथिंकिंग। इस काम में, हर कमरे में 'पर्याप्त' होने का अंदरूनी दबाव महसूस करना बहुत आसान है। मैं उस आत्म-संदेह को अंधेरे में छोड़ना चाहता हूं।'
इसके बदले वे अपनाना चाहते हैं — 'ज़मीन से जुड़ी शांति और कमज़ोरी में निडरता। अपनी क्रिएटिव जर्नी में भरोसे की गहरी भावना, प्रियजनों के साथ और ज्यादा हँसी, और बिना असफल होने के डर के कलात्मक जोखिम उठाने का साहस।' यह संकल्प उनकी उस यात्रा की याद दिलाता है जो उन्होंने अपने पिता को खोने के बाद अभिनय में कदम रखते हुए शुरू की थी।