बदायूं कांग्रेस में जिलाध्यक्ष पद के लिए ₹12 लाख के लेनदेन का आरोप, वायरल ऑडियो विवाद थाने पहुंचा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के बदायूं में कांग्रेस जिलाध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर ₹12 लाख के कथित लेनदेन का गंभीर आरोप सामने आया है। 23 अक्टूबर 2026 को यह मामला सिविल लाइंस थाने तक पहुंच गया, जहाँ एक वायरल ऑडियो क्लिप को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता ने इस ऑडियो को कथित तौर पर भ्रामक और छेड़छाड़ की गई बताया है।
मुख्य आरोप और वायरल ऑडियो का विवाद
शिकायतकर्ता सफी अहमद ने आरोप लगाया है कि एक वायरल ऑडियो में मोरपाल प्रजापति को कांग्रेस जिलाध्यक्ष बनवाने के लिए पूर्व जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह द्वारा ₹12 लाख दिलवाने की बात कही जा रही है। इस ऑडियो में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम को कथित तौर पर ₹6 लाख और एआईसीसी पर्यवेक्षक राजपाल खरोला को ₹2 लाख दिए जाने का दावा किया गया है।
हालांकि सफी अहमद ने स्वयं इस ऑडियो को फर्जी बताया है। उनका कहना है कि उनकी आवाज को कृत्रिम रूप से जोड़कर यह क्लिप तैयार की गई है और उन्होंने ऐसी कोई बातचीत कभी नहीं की। ऑडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है।
ऑडियो कैसे फैला — व्हाट्सऐप ग्रुप का जिक्र
शिकायत के अनुसार, 27 सितंबर को सुबह 10:53 बजे नवनीत यादव के मोबाइल नंबर से यह ऑडियो 'ऑफिशियल डीसी, बीडीएन' नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप में प्रसारित किया गया था। शिकायतकर्ता के मुताबिक इस ग्रुप के एडमिन कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव हैं।
सफी अहमद ने अपनी शिकायत में कहा है कि इस ऑडियो के प्रसार का उद्देश्य कांग्रेस पार्टी और उसके वरिष्ठ पदाधिकारियों की छवि को नुकसान पहुंचाना है।
धमकी और जान से मारने का आरोप
शिकायत में दर्ज विवरण के अनुसार, 27 सितंबर को दोपहर 12:17 बजे और 12:53 बजे सफी अहमद की फोन पर अजीत यादव से बातचीत हुई। कथित तौर पर उनसे मामले को दबाने के लिए मोरपाल प्रजापति से ₹5 लाख दिलवाने को कहा गया।
शिकायत के अनुसार, रकम न दिलवाने पर पार्टी से निकलवाने की धमकी दी गई। सफी अहमद का आरोप है कि पुलिस में शिकायत की बात करने पर अजीत यादव ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी देते हुए फोन काट दिया। ये गंभीर आरोप हैं जिनकी पुष्टि अभी बाकी है।
शिकायत की माँग और पुलिस की स्थिति
सफी अहमद ने 28 सितंबर को सिविल लाइंस थाने में दिए गए प्रार्थना पत्र में अजीत यादव और जिला कांग्रेस मीडिया प्रभारी नवनीत यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की माँग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि वायरल ऑडियो से उनकी और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मानहानि हुई है।
फिलहाल पुलिस जांच की स्थिति और संबंधित नेताओं का पक्ष सार्वजनिक नहीं हुआ है। यह ध्यान देने योग्य है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में कांग्रेस संगठनात्मक मजबूती की कोशिश में लगी है और आंतरिक कलह पार्टी के लिए नई परेशानी बन सकती है।
आगे क्या होगा
मामले की पूरी तस्वीर तभी स्पष्ट होगी जब पुलिस ऑडियो क्लिप की फोरेंसिक जांच करे और आरोपी नेताओं का पक्ष सामने आए। शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप और वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता — दोनों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी शेष है।