MP उपमुख्यमंत्री देवड़ा के OSD पर ₹1 करोड़ रिश्वत के आरोप, कांग्रेस ने CM यादव से माँगा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस पार्टी ने मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के विशेष कार्य अधिकारी (OSD) पर शराब ठेका आवंटन में कथित रिश्वतखोरी के गंभीर आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव और भारतीय जनता पार्टी (BJP) से 9 अक्टूबर 2026 को सार्वजनिक स्पष्टीकरण की माँग की है। आरोपों के अनुसार, कथित तौर पर OSD ने ₹1 करोड़ के बदले भोपाल में दो शराब की दुकानों के ठेके दिलाने में भूमिका निभाई।
आरोपों का ब्यौरा
सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित बयान — जिसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है — में दावा किया गया है कि OSD ने भोपाल के टीटी नगर क्षेत्र में 2024-25 के लिए दो शराब की दुकानों के ठेके दिलाने में मदद की। इसके एवज़ में कथित तौर पर ₹50 लाख नकद अदा किए गए और शेष राशि एक होटल मालिक के बैंक खाते में स्थानांतरित की गई।
उक्त बयान में यह भी आरोप है कि फर्ज़ी फिक्स्ड डिपॉजिट रसीदों को बैंक गारंटी के रूप में इस्तेमाल किया गया और बिना लाइसेंस के शराब बेची गई। ये आरोप एक ₹930 करोड़ के कथित धोखाधड़ी मामले के संदर्भ में सामने आए हैं, जिसमें एक आरोपी ने यह बयान दिया बताया जाता है।
कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि जाँच एजेंसियों द्वारा उपमुख्यमंत्री देवड़ा के संदर्भ में एकत्र किए गए बयान 'बेहद गंभीर' हैं। उन्होंने भाजपा और मुख्यमंत्री से इस मामले पर 'स्पष्ट रुख' अपनाने की माँग की।
मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता मुकेश नायक ने नकली शराब के मामलों पर राज्य सरकार की निष्क्रियता को लेकर भी सवाल उठाए। नायक ने मुख्यमंत्री यादव को सीधे संबोधित करते हुए कहा — 'जनता जवाब चाहती है, ऐसे गंभीर मामलों में कार्रवाई के लिए हमें कब तक इंतजार करना पड़ेगा?' उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस बड़े पैमाने पर आंदोलन करेगी।
सरकार की चुप्पी
उल्लेखनीय है कि न तो OSD और न ही उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने इन आरोपों पर 9 अक्टूबर तक सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में शराब नीति और उत्पाद शुल्क विभाग की कार्यप्रणाली पहले से सवालों के घेरे में है।
आगे की राजनीतिक स्थिति
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने 9 अक्टूबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की घोषणा की है, जिसमें इस मामले पर पार्टी का आधिकारिक रुख रखा जाएगा। गौरतलब है कि यह मामला विपक्ष के लिए एक बड़ा राजनीतिक हथियार बन सकता है, विशेषकर तब जब BJP सरकार पहले से ही कई विवादों में घिरी है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या राज्य सरकार स्वतंत्र जाँच का आदेश देती है।