कर्नाटक: कांग्रेस ने BJP सांसद रमेश जिगाजिनागी के वायरल ऑडियो की फॉरेंसिक जांच की मांग की
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु वेस्ट डिस्ट्रिक्ट कांग्रेस कमेटी ने 24 जून 2026 को हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन को औपचारिक पत्र लिखकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद रमेश जिगाजिनागी से कथित तौर पर जुड़ी एक वायरल ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच की मांग की है। कमेटी ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में आवाज की पुष्टि होती है, तो लागू कानूनों के तहत उचित कार्रवाई की जाए।
वायरल ऑडियो में क्या है
कांग्रेस के पत्र के अनुसार, कर्नाटक में सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल माध्यमों पर एक ऑडियो क्लिप व्यापक रूप से प्रसारित हो रही है, जिसे कथित तौर पर BJP सांसद रमेश जिगाजिनागी की आवाज बताया जा रहा है। कमेटी के अनुसार, उस ऑडियो में बोलने वाला व्यक्ति राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संदर्भ में कथित अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करता सुनाई देता है और संगठन पर प्रश्न उठाने वालों के विरुद्ध गंभीर परिणाम भुगतने का अर्थ निकलने वाले बयान देता हुआ प्रतीत होता है। इस ऑडियो को लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छिड़ी हुई है, जिससे आम जनता में भ्रम और चिंता की स्थिति उत्पन्न हुई है।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
बेंगलुरु वेस्ट डिस्ट्रिक्ट कांग्रेस कमेटी ने पुलिस से निम्नलिखित कदम उठाने की अपील की है। पहली मांग यह है कि वायरल ऑडियो क्लिप को तत्काल पुलिस की अभिरक्षा में लेकर उसकी विधिवत जांच शुरू की जाए। दूसरी मांग है कि ऑडियो की फॉरेंसिक जांच कर यह निर्धारित किया जाए कि रिकॉर्डिंग वास्तविक है, संपादित है, या कृत्रिम रूप से तैयार की गई है। तीसरी मांग यह है कि ऑडियो के मूल स्रोत और उसके प्रसार की जड़ का पता लगाया जाए।
दोनों स्थितियों में कार्रवाई की मांग
कांग्रेस कमेटी ने दोनों संभावित परिणामों के लिए कार्रवाई की माँग रखी है। यदि जांच में ऑडियो नकली या छेड़छाड़ किया हुआ पाया जाता है, तो उसे दुर्भावनापूर्ण उद्देश्य से प्रसारित करने वाले जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। वहीं यदि ऑडियो वास्तविक और प्रामाणिक पाया जाता है, तो उसमें व्यक्त बयानों के आधार पर लागू कानूनों के तहत उचित कार्रवाई हो। कमेटी ने यह भी कहा कि यदि जांच में कोई संगठन या उसके सदस्य धमकी, हिंसा या सार्वजनिक शांति भंग करने वाले कृत्यों में संलिप्त पाए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब कर्नाटक में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और BJP के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ऊँचा है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि उसकी यह मांग किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और सत्यता की पुष्टि के लिए है। हालांकि, कांग्रेस ने स्वयं यह स्वीकार किया है कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ऑडियो में मौजूद आवाज वास्तव में सांसद रमेश जिगाजिनागी की ही है या नहीं। BJP की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आगे क्या होगा
अब सभी की निगाहें हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन पर टिकी हैं कि वह इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है। फॉरेंसिक जांच के नतीजे न केवल ऑडियो की प्रामाणिकता तय करेंगे, बल्कि यह भी स्पष्ट करेंगे कि आगे किसके विरुद्ध और किस आधार पर कार्रवाई होगी।