कर्नाटक: कांग्रेस ने BJP एमएलसी रविकुमार के खिलाफ राष्ट्रीय ध्वज अपमान की शिकायत दर्ज की
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस ने सोमवार, 17 अगस्त 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एमएलसी एन. रविकुमार के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उन्होंने 15 अगस्त को बेंगलुरु के मल्लेश्वरम स्थित BJP दफ्तर में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का कथित तौर पर अपमान किया। यह शिकायत कांग्रेस नेता कुशल हारुवेगोवडा ने दर्ज कराई है।
शिकायत में क्या है आरोप
शिकायत के अनुसार, एक वीडियो में रविकुमार को झंडा फहराने और राष्ट्रगान बजने के दौरान आरएसएस-शैली के 'ध्वज प्रणाम' जैसी मुद्रा में खड़े देखा जा सकता है। हारुवेगोवडा ने पुलिस से इस वीडियो फुटेज की जाँच करने और यह पता लगाने का आग्रह किया है कि क्या किसी कानून का उल्लंघन हुआ है।
शिकायत में स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रीय ध्वज किसी राजनीतिक दल या संगठन की संपत्ति नहीं है — यह देश की सम्मान, एकता और संप्रभुता का प्रतीक है। हारुवेगोवडा ने जोर दिया कि कानून सभी के लिए समान है, चाहे वे किसी भी राजनीतिक पद पर क्यों न हों।
निष्पक्ष जाँच की माँग
शिकायतकर्ता ने अधिकारियों से निष्पक्ष जाँच की माँग करते हुए कहा कि यदि कोई उल्लंघन पाया जाता है, तो लागू कानूनों के तहत उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
पलटवार: BJP युवा मोर्चा की सोनिया गांधी के खिलाफ शिकायत
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले, रविवार को बेंगलुरु में BJP युवा मोर्चा ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के खिलाफ 'वंदे मातरम' विवाद को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यूट्यूब पर अपलोड किए गए एक वीडियो में सोनिया गांधी को 'वंदे मातरम' का अनादर करते हुए और इसे पूरा गाने से रोकने के लिए कहते हुए देखा गया।
यह कथित घटना 15 अगस्त को दिल्ली स्थित कांग्रेस पार्टी मुख्यालय में झंडा फहराने के समारोह के दौरान हुई बताई जाती है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब स्वतंत्रता दिवस के बाद कर्नाटक में कांग्रेस और BJP के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है। दोनों पक्षों की ओर से दर्ज हुई आपस में जुड़ी शिकायतें इस बात का संकेत हैं कि राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर आगे भी जारी रह सकता है। पुलिस द्वारा वीडियो फुटेज की जाँच के बाद ही स्पष्ट होगा कि किसी के खिलाफ विधिक कार्रवाई होती है या नहीं।