बलूचिस्तान में 220 केवी ट्रांसमिशन टावर उड़ाए, क्वेटा-सिबी समेत कई शहरों में बिजली संकट
सारांश
मुख्य बातें
बलूचिस्तान के डेरा मुराद जमाली के निकट 14 जुलाई 2026 की देर रात अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने उच पावर प्लांट से जुड़ी 220 केवी की हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइन के छह टावरों पर विस्फोटक लगाए, जिनमें से दो टावर पूरी तरह नष्ट हो गए और दो को गंभीर क्षति पहुँची। इस हमले के कारण क्वेटा, सिबी और बलूचिस्तान के कई अन्य इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
हमले का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार यह हमला नोटल पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में हुआ। हमलावरों ने उच पावर प्लांट से क्वेटा और सिबी तक बिजली पहुँचाने वाली ट्रांसमिशन लाइन के छह टावरों पर सुनियोजित तरीके से विस्फोटक लगाए। इनमें से दो टावर पूरी तरह ध्वस्त हो गए, जबकि दो अन्य को आंशिक नुकसान पहुँचा। शेष दो टावरों पर लगाए गए विस्फोटकों को बम निरोधक दस्ते ने समय रहते निष्क्रिय कर दिया।
हमले की सूचना मिलते ही पुलिस और फ्रंटियर कॉर्प्स के जवानों ने पूरे इलाके को घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू किया।
बिजली आपूर्ति पर असर
क्वेटा इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी (QESCO) के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि उच पावर प्लांट से आने वाली 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन पूरी तरह बंद हो गई है। इसके चलते क्वेटा, सिबी और बलूचिस्तान के कई आसपास के इलाकों में बिजली की आपूर्ति बाधित हुई। बिजली बहाली के प्रयास जारी हैं, लेकिन टावरों को हुए भारी नुकसान के कारण मरम्मत में समय लग सकता है।
पिछले हफ्ते का जियारत हमला
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब पिछले हफ्ते बलूचिस्तान के जियारत जिले में एक पुलिस चौकी पर हथियारबंद हमलावरों ने धावा बोला था। उस हमले में दो स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) समेत कम से कम नौ पुलिसकर्मी मारे गए थे। हमलावरों ने 6 जुलाई की रात पुलिस चौकी को निशाना बनाया और कुछ समय तक चली गोलीबारी के बाद चौकी के भीतर घुसने में सफल रहे।
जियारत के डिप्टी कमिश्नर अब्दुल कुदूस अचकजई ने मौतों की संख्या की पुष्टि की और बताया कि पाँच पुलिसकर्मी अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
बढ़ते हमलों का व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा जैसे सीमावर्ती प्रांतों में सुरक्षा बलों — विशेषकर पुलिस और कानून प्रवर्तन कर्मियों — को निशाना बनाकर किए जाने वाले हमलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। बिजली के बुनियादी ढाँचे पर यह हमला इस क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता का नवीनतम संकेत है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के हमले आम नागरिकों की जीवन-रेखा को प्रभावित करते हैं और सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं।
आने वाले दिनों में सुरक्षा बलों की तैनाती और बिजली बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा पर पाकिस्तानी अधिकारियों का रुख महत्वपूर्ण होगा।