30 जुलाई 2026
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क्या बंगाल में 'बाबरी मस्जिद' की घोषणा पर अयोध्या के संतों ने आपत्ति जताई?

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क्या बंगाल में 'बाबरी मस्जिद' की घोषणा पर अयोध्या के संतों ने आपत्ति जताई?

सारांश

अयोध्या में २५ नवंबर को राम मंदिर पर ध्वजारोहण से पहले टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर द्वारा 'बाबरी मस्जिद' की घोषणा पर साधु-संतों ने विरोध जताया है। जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने इस पर इनाम की भी घोषणा की है, जिससे विवाद और बढ़ गया है।

मुख्य बातें

टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर की घोषणा पर संतों की आपत्ति।
जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने एक करोड़ का इनाम घोषित किया।
बाबरी मस्जिद का मुद्दा फिर से गरमाया।
राजनीतिक बयानबाजी और धार्मिक भावनाएं टकराई।
साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की आवश्यकता।

अयोध्या, २२ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। अयोध्या में २५ नवंबर को राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण से पूर्व टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर द्वारा की गई 'बाबरी मस्जिद' की घोषणा पर साधु-संतों ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने इस मामले में हुमायूं कबीर पर इनाम की घोषणा की है।

आचार्य ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "जो कोई टीएमसी विधायक की गर्दन काटकर लाएगा, उसे एक करोड़ रुपए का इनाम दिया जाएगा।" उन्होंने यह भी कहा कि अगर कहीं भी मुग़ल आक्रांताओं के नाम पर कोई ईंट रखी गई तो उस व्यक्ति को जिंदा नहीं छोड़ा जाएगा। इसे धमकी या सुझाव कुछ भी माना जा सकता है।

उन्होंने कहा, "जब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विवाद समाप्त हो गया, तो फिर किसकी औकात है कि वे कोर्ट के खिलाफ जाएं। यदि बाबर के नाम पर कोई दुस्साहस करेगा, उसकी मौत निश्चित होगी।"

साधु-संतों ने टीएमसी विधायक के बयान को 'राष्ट्रद्रोह' करार दिया और आरोप लगाया कि जब २५ नवंबर को राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण होना है, तब ममता बनर्जी ने षड्यंत्रपूर्वक विधायक से यह बयान दिलवाया है। आचार्य ने कहा, "यदि पश्चिम बंगाल में भी ईंट रखी गई तो ममता बनर्जी इसके परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।"

राम जन्मभूमि न्यास के सदस्य और पूर्व सांसद राम विलास वेदांती ने कहा, "कोई भी ताकत अब भारत में दूसरी बाबरी मस्जिद नहीं बना सकती। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सांप्रदायिक सद्भाव, राष्ट्रीय एकता और शांति के लिए दिए गए नारे के तहत हमने सभी वर्गों को एक साथ लाने का संकल्प लिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और ऐसे विवादों से बचना महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हुमायूं कबीर ने 'बाबरी मस्जिद' की घोषणा क्यों की?
हुमायूं कबीर ने यह घोषणा उस समय की, जब अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण होने जा रहा है।
जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने किस प्रकार का इनाम घोषित किया?
उन्होंने टीएमसी विधायक की गर्दन काटकर लाने वाले को एक करोड़ रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।
क्या यह घटना राजनीतिक है?
यह घटना न केवल धार्मिक भावनाओं से जुड़ी है, बल्कि इसमें राजनीतिक पहलू भी है, खासकर ममता बनर्जी के बयान के संदर्भ में।
इस विवाद का प्रभाव क्या हो सकता है?
यह विवाद साम्प्रदायिक तनाव को बढ़ा सकता है, जिससे शांति और एकता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
क्या सरकार को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए?
कुछ संतों का मानना है कि टीएमसी विधायक के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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