क्या बांग्लादेश के चुनावी रोडमैप पर राजनीतिक दलों का विरोध बढ़ रहा है?

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क्या बांग्लादेश के चुनावी रोडमैप पर राजनीतिक दलों का विरोध बढ़ रहा है?

सारांश

बांग्लादेश में चुनावी रोडमैप पर जमात-ए-इस्लामी और एनसीपी का विरोध! जानिए क्या है इसके पीछे की वजह और चुनावी माहौल का असली सच।

Key Takeaways

  • राजनीतिक दलों के बीच बढ़ती असहमति।
  • जमात-ए-इस्लामी और एनसीपी का विरोध।
  • चुनाव आयोग का 24-बिंदुओं वाला रोडमैप
  • रमजान से पहले चुनाव का समय निर्धारित।
  • बांग्लादेश में अनिश्चितता का माहौल।

ढाका, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश में आने वाले आम चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में बढ़ती असहमति के बीच, कट्टरपंथी इस्लामी दल जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) ने चुनाव आयोग (ईसी) द्वारा हाल ही में घोषित चुनावी रोडमैप पर विरोध व्यक्त किया है।

जमात ने अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद युनुस पर वादे से मुकरने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह रोडमैप एक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की संभावनाओं को नष्ट करने के लिए तैयार किया गया है।

जमात के नेता सैयद अब्दुल्ला मुहम्मद ताहिर ने शुक्रवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा, "मुख्य सलाहकार ने अपना वादा तोड़ा है और चुनावी रोडमैप की घोषणा की है; यह रोडमैप निष्पक्ष चुनाव को नष्ट करने का ब्लूप्रिंट है।"

उन्होंने यह भी कहा कि जमात को फरवरी में चुनावों से कोई आपत्ति नहीं है और वे 15 फरवरी के चुनाव के लिए विशेष रूप से तैयारी कर रहे हैं, लेकिन स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए कुछ मुद्दों को हल करना बेहद जरूरी है। इनमें जुलाई चार्टर को कानूनी आधार देना और उसी के आधार पर फरवरी में चुनाव कराना शामिल है। बिना इन मुद्दों को हल किए हुए, चुनाव आयोग द्वारा घोषित रोडमैप को वे एक असफल चुनाव की दिशा में कदम मानते हैं।

इसी तरह, एनसीपी के वरिष्ठ संयुक्त संयोजक अरिफुल इस्लाम ने जुलाई चार्टर के कार्यान्वयन की घोषणा से पहले चुनाव रोडमैप की घोषणा को अंतरिम सरकार के आश्वासन का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा, "चुनाव रोडमैप की घोषणा करना जुलाई चार्टर के कार्यान्वयन से पहले वादे का उल्लंघन है।"

गौरतलब है कि पिछले साल हिंसक प्रदर्शनों के बाद बांग्लादेश में शेख हसीना की अवामी लीग सरकार को हटा दिया गया था, जिसके बाद आगामी चुनावों को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

चुनाव आयोग ने गुरुवार को 13वीं संसद चुनाव के लिए 24-बिंदुओं वाला रोडमैप जारी किया, जिसमें फरवरी के महीने में रमजान से पहले चुनाव को समाप्त करने का समय निर्धारित किया गया है।

Point of View

यह महत्वपूर्ण है कि हम बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति के प्रति संवेदनशील रहें। चुनावी असहमति, यदि सही तरीके से प्रबंधित नहीं की गई, तो देश के भविष्य को प्रभावित कर सकती है। हमें इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए और सभी पक्षों के दृष्टिकोण को सुनना चाहिए।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

बांग्लादेश में चुनावी रोडमैप का क्या महत्व है?
यह रोडमैप आगामी चुनावों के लिए दिशा-निर्देश प्रदान करता है और चुनाव प्रक्रिया को सुचारू बनाता है।
जमात-ए-इस्लामी का क्या कहना है?
जमात का कहना है कि यह रोडमैप निष्पक्ष चुनाव को नष्ट करने का प्रयास है।
एनसीपी का रुख क्या है?
एनसीपी ने कहा है कि चुनाव रोडमैप की घोषणा जुलाई चार्टर के उल्लंघन के समान है।
बांग्लादेश में राजनीतिक असहमति का क्या प्रभाव हो सकता है?
यह असहमति चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है और देश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा कर सकती है।
चुनाव आयोग ने कब रोडमैप जारी किया?
चुनाव आयोग ने यह रोडमैप 30 अगस्त को जारी किया।