बांग्लादेश: स्वतंत्रता दिवस पर शहाबुद्दीन और रहमान ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

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बांग्लादेश: स्वतंत्रता दिवस पर शहाबुद्दीन और रहमान ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

सारांश

बांग्लादेश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर मुक्ति संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने देशवासियों से एकता और देशभक्ति की अपील की।

Key Takeaways

  • शहीदों को श्रद्धांजलि: राष्ट्रपति और पीएम ने शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की।
  • स्वतंत्रता दिवस का महत्व: यह दिन बांग्लादेश के स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों को याद करने का है।
  • एकता का संदेश: नेताओं ने देशवासियों से एकता और देशभक्ति की अपील की।

ढाका, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन और प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने गुरुवार को देश के 56वें स्वतंत्रता और राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्मारक पर फूल चढ़ाकर 'मुक्ति संग्राम' के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

पुष्पांजलि देने के बाद, राष्ट्रपति और पीएम ने मुक्ति संग्राम के शहीदों की याद में कुछ पल का मौन रखा।

स्थानीय मीडिया के अनुसार, दोनों नेताओं ने स्मारक परिसर में विजिटर्स बुक पर भी हस्ताक्षर किए।

आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में देश 26 मार्च को स्वतंत्रता दिवस और राष्ट्रीय दिवस मनाता है।

आजादी के लिए हथियारबंद संघर्ष 26 मार्च, 1971 की सुबह शुरू हुआ, जब 25 मार्च, 1971 की रात को पाकिस्तानी सेना ने निहत्थे बांग्लादेशियों पर क्रूरता से हमला किया था। इस दिन को "नरसंहार दिवस" के रूप में जाना जाता है।

बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट यूएनबी के अनुसार, बांग्लादेश को 16 दिसंबर, 1971 को नौ महीने के संघर्ष के बाद आजादी मिली, जिसमें 30 लाख लोगों की जान गई और दो लाख महिलाओं पर बड़े पैमाने पर अत्याचार हुए।

स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए, पीएम रहमान ने नागरिकों से एक विकसित, समृद्ध और खुशहाल बांग्लादेश बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की।

बुधवार को पीएम द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, "26 मार्च हमारे देश के जीवन का एक ऐतिहासिक और गौरवमयी दिन है। इस दिन, मैं उन महान बेटों को श्रद्धांजलि देता हूं, जिनकी कुर्बानियों के कारण हम एक स्वतंत्र और संप्रभु बांग्लादेश बना पाए। साथ ही, मैं उन बहादुर योद्धाओं का भी आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने आजादी के संघर्ष में भाग लिया और उन माताओं और बहनों का जिन्होंने अत्याचार सहा। मैं सभी शहीदों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।"

देश की एकता, सद्भाव और देशभक्ति की भावना को बनाए रखने की अपील करते हुए, पीएम ने कहा, "आइए हम स्वतंत्रता और राष्ट्रीय दिवस के महत्व से प्रेरणा लेकर अपने तरीके से देश की भलाई के लिए समर्पित रहें। आइए हम मिलकर एक विकसित, समृद्ध और खुशहाल बांग्लादेश बनाने के प्रयास में जुटें।"

इस बीच, यह भी कहा जा रहा है कि कई ताकतें अभी भी लिबरेशन वॉर के आदर्शों और सिद्धांतों को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी इस मुद्दे पर पूर्व अंतरिम सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल के दौरान कई युद्ध अपराधियों के ट्रायल की प्रक्रिया को रोका गया और कई दोषियों को रिहा कर दिया गया।

उन्होंने कहा, "एक मौत की सजा पाए युद्ध अपराधी को राष्ट्रीय संसद का सदस्य बना दिया गया, जिससे लाखों शहीदों के बलिदान का अपमान हुआ।"

हसीना ने आगे कहा कि इस प्रवृत्ति को जारी रखते हुए, "शहीदों की यादों को जानबूझकर मिटाने और पाकिस्तानी सेना के सहयोगियों को विभिन्न तरीकों से पुनर्स्थापित करने की कोशिशें चल रही हैं।"

उन्होंने कहा, "यह न केवल इतिहास को विकृत करने की कोशिश है, बल्कि आजादी की लड़ाई की भावना पर भी हमला है।"

Point of View

बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति और शहीदों की याद को लेकर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की अपील ने देशवासियों को एकता की ओर प्रेरित किया है। यह दिन न केवल हमारे स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों को याद करने का है, बल्कि भविष्य के लिए एक समृद्ध बांग्लादेश बनाने की दिशा में एकजुट होने का भी है।
NationPress
27/03/2026

Frequently Asked Questions

बांग्लादेश का स्वतंत्रता दिवस कब मनाया जाता है?
बांग्लादेश का स्वतंत्रता दिवस हर वर्ष 26 मार्च को मनाया जाता है।
मुक्ति संग्राम के दौरान कितने लोग मारे गए?
मुक्ति संग्राम के दौरान लगभग 30 लाख लोग मारे गए।
नरसंहार दिवस कब मनाया जाता है?
नरसंहार दिवस 25 मार्च को मनाया जाता है, जब पाकिस्तानी सेना ने बांग्लादेशियों पर हमला किया था।
प्रधानमंत्री रहमान ने स्वतंत्रता दिवस पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री रहमान ने नागरिकों से एक विकसित और खुशहाल बांग्लादेश के लिए मिलकर काम करने की अपील की।
कौन से नेता ने शहीदों की याद में मौन रखा?
राष्ट्रपति शहाबुद्दीन और प्रधानमंत्री रहमान ने शहीदों की याद में मौन रखा।
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